{"_id":"687eaf2539678dac4b065a55","slug":"45-days-time-for-settlement-between-the-insurance-company-and-the-plaintiff-panipat-news-c-244-1-pnp1012-140661-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: बीमा कंपनी और वादी को समझौते के लिए 45 दिन का समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: बीमा कंपनी और वादी को समझौते के लिए 45 दिन का समय
विज्ञापन
ऋणदाता की मृत्यु होने के बाद बीमा कंपनी बैंक में जमा नहीं कर रही थी धनराशि
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बैंक लोन जमा करने पर बीमा कंपनी और ग्राहक के बीच विवाद में आयोग ने दोनों पक्षों को अदालत से बाहर समझौते का एक मौका दिया है। आयोग ने कहा कि 15 दिन में वादी को अपने दावे से जुड़े सभी दस्तावेज के साथ बीमा कंपनी के पास आवेदन करना होगा। वहीं कंपनी की ओर से 45 दिन में आवेदन का निस्तारण कराया जाएगा।
पानीपत की एक महिला ने उपभोक्ता आयोग में एक याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पति ने एक बैंक से 30 लाख रुपये का लोन लिया था। उस समय एक हेल्थ बीमा कंपनी ने उनके पति का बीमा किया था। जिसकी शर्त थी कि व्यक्ति की मृत्यु होने की दशा में 12 लाख रुपये बीमा कंपनी को बैंक में जमा करने थे लेकिन, मार्च 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद बीमा कंपनी ने 12 लाख रुपये की धनराशि बैंक में जमा करने का आग्रह किया। लेकिन कंपनी ने धनराशि बैंक में जमा करने से इन्कार कर दिया। महिला की याचिका की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा ने शिकायतकर्ता और बीमा कंपनी दोनों को एक अदालत से बाहर समझौते का मौका दिया है। इसके लिए 45 दिन का समय दिया है। 45 दिन में समझौता न होने पर दोबारा फिर से मामले की सुनवाई होगी।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बैंक लोन जमा करने पर बीमा कंपनी और ग्राहक के बीच विवाद में आयोग ने दोनों पक्षों को अदालत से बाहर समझौते का एक मौका दिया है। आयोग ने कहा कि 15 दिन में वादी को अपने दावे से जुड़े सभी दस्तावेज के साथ बीमा कंपनी के पास आवेदन करना होगा। वहीं कंपनी की ओर से 45 दिन में आवेदन का निस्तारण कराया जाएगा।
पानीपत की एक महिला ने उपभोक्ता आयोग में एक याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पति ने एक बैंक से 30 लाख रुपये का लोन लिया था। उस समय एक हेल्थ बीमा कंपनी ने उनके पति का बीमा किया था। जिसकी शर्त थी कि व्यक्ति की मृत्यु होने की दशा में 12 लाख रुपये बीमा कंपनी को बैंक में जमा करने थे लेकिन, मार्च 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद बीमा कंपनी ने 12 लाख रुपये की धनराशि बैंक में जमा करने का आग्रह किया। लेकिन कंपनी ने धनराशि बैंक में जमा करने से इन्कार कर दिया। महिला की याचिका की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा ने शिकायतकर्ता और बीमा कंपनी दोनों को एक अदालत से बाहर समझौते का मौका दिया है। इसके लिए 45 दिन का समय दिया है। 45 दिन में समझौता न होने पर दोबारा फिर से मामले की सुनवाई होगी।
विज्ञापन