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कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस बड़ी चुनौती बनी, चार और संदिग्ध मरीज मिले
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अब जिले में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस का खतरा गहरा गया है। अब आए दिन ब्लैक फंगस के केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को ब्लैक फंगस के 4 संदिग्ध केस मिले हैं। इन मरीजों में ब्लैक फंगस के सभी लक्षण मिले हैं। इनमें से तीन लोग पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। डॉक्टरों की कमेटी ने इनकी जांच करने के बाद खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। वहां पर एमआरआई, एंडोस्कोपी और बायोप्सी होगी। साथ ही दिमाग की स्थिति भी जांची जाएगी। इन दो दिनों में ब्लैक फंगस के अब तक 9 संदिग्ध केस मिल चुके हैं। शनिवार को कमेटी ने 18 लोगों की जांच की है।
कान, नाक एवं गला विशेषज्ञ डॉ. शिवाजंलि और नेत्र रोग डॉ. शालिनी मेहता की कमेटी ने बताया कि शनिवार को 4 ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें से दो नेत्र रोग से संबंधित थे, जबकि दो कान व नाक से संबंधित रोगी हैं। अब तक यहां से 9 रोगियों को रेफर किया गया है। जो रोगी मिल रहे हैं, उनमें से ज्यादातर पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनकी स्क्रीनिंग के बाद इन्हें खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जहां आगे की जांच के बाद पूरी स्थिति साफ होगी।
एक निजी अस्पताल ने भेजी रोगी की डिटेल
प्राइम अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को एक रोगी की डिटेल भेजी है। ड्रग कंट्रोलर ने रोगी के लिए दवा भी उपलब्ध करवा दी है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों को एक गूगल सीट भेजी गई है। ब्लैक फंगस के मरीज मिलने पर निजी अस्पतालों को इस सीट पर मरीज का नाम, कब जांच हुई, कब रिपोर्ट आई, रिपोर्ट में क्या आया, मरीज का संपर्क नंबर समेत तमाम जानकारी भरनी है। जिसे पानीपत स्वास्थ्य विभाग को भेजना है। ऐसा करना हर निजी अस्पताल के लिए अनिवार्य है।
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हम मेडिकल स्टोर पर लगातार छापेमारी कर रहे हैं : राजे
सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को हिदायतें दी गईं हैं कि वे डॉक्टर की पर्ची के बिना कोई स्टेरॉयड किसी रोगी को न दें। पहले डॉक्टर की परामर्श की जांच करें। इसको लेकर मेडिकल स्टोर संचालकों को बाहर इस बारे में नोटिस भी लगाना होगा। लगातार मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की जा रही है। जो भी आदेशों का उल्लंघन करते पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई होगी।
-विजय राजे ड्रग कंट्रोलर, पानीपत
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कान, नाक एवं गला विशेषज्ञ डॉ. शिवाजंलि और नेत्र रोग डॉ. शालिनी मेहता की कमेटी ने बताया कि शनिवार को 4 ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनमें से दो नेत्र रोग से संबंधित थे, जबकि दो कान व नाक से संबंधित रोगी हैं। अब तक यहां से 9 रोगियों को रेफर किया गया है। जो रोगी मिल रहे हैं, उनमें से ज्यादातर पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनकी स्क्रीनिंग के बाद इन्हें खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। जहां आगे की जांच के बाद पूरी स्थिति साफ होगी।
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एक निजी अस्पताल ने भेजी रोगी की डिटेल
प्राइम अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को एक रोगी की डिटेल भेजी है। ड्रग कंट्रोलर ने रोगी के लिए दवा भी उपलब्ध करवा दी है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से निजी अस्पतालों को एक गूगल सीट भेजी गई है। ब्लैक फंगस के मरीज मिलने पर निजी अस्पतालों को इस सीट पर मरीज का नाम, कब जांच हुई, कब रिपोर्ट आई, रिपोर्ट में क्या आया, मरीज का संपर्क नंबर समेत तमाम जानकारी भरनी है। जिसे पानीपत स्वास्थ्य विभाग को भेजना है। ऐसा करना हर निजी अस्पताल के लिए अनिवार्य है।
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सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को हिदायतें दी गईं हैं कि वे डॉक्टर की पर्ची के बिना कोई स्टेरॉयड किसी रोगी को न दें। पहले डॉक्टर की परामर्श की जांच करें। इसको लेकर मेडिकल स्टोर संचालकों को बाहर इस बारे में नोटिस भी लगाना होगा। लगातार मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की जा रही है। जो भी आदेशों का उल्लंघन करते पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई होगी।
-विजय राजे ड्रग कंट्रोलर, पानीपत