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पेड़ कटवाने में पार्षद पर लगाया 32 हजार जुर्माना
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पानीपत। दो पेड़ कटवाने के आरोप में वन विभाग ने वार्ड नंबर 14 की पार्षद शकुंतला गर्ग पर 32 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 68 और वन संरक्षण अधिनियम की 1980 धारा 2 के तहत लगाया गया है। उन पर दो सफेदे के पेड़ कटवाने का आरोप है। इसमें विभाग ने दोनों पेड़ों की कीमत 31,428 रुपये बताई है जबकि 1000 रुपये मुआवजा के तौर पर लगाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इसे लेकर उन्होंने पार्षद को नोटिस तक भेजा है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो ये केस विशेष पर्यावरण अदालत में भेजा जाएगा। वहीं, पार्षद शकुंतला गर्ग ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पार्षद का कहना है कि वे किसी पेड़ को क्यों कटवाएंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें तो इस मामले की पूरी जानकारी तक नहीं है कि किसने पेड़ काटे। विभाग ने तो सिर्फ पार्षद को निशाना बनाया है।
बता दें कि करीब एक माह पहले पुराने ऊझा रोड पर ड्रेन नंबर एक के पास खड़े सफेदे के दो पेड़ों को अवैध तरीके से कटवाया दिया गया था। इन पेड़ों पर विभाग ने अपने नंबर तक लिखे थे जो कि रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं। जिस जगह से इन पेड़ों का काटा गया है वह भूमि संरक्षित वन भूमि है।
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इस बारे में उप वन राजिक अधिकारी बापौली सुरेंद्र छौक्कर ने बताया कि जुर्माना राशि रेंज कार्यालय समालखा में 10 फरवरी 2022 तक जमा करानी थी। जो अब तक जमा नहीं करवाई गई है। अगर जुर्माना जमा नहीं हुआ तो इसका चालान विशेष पर्यावरण अदालत कुरुक्षेत्र में भेज दिया जाएगा। यह कार्रवाई वन अधिनियम 1927 की धारा 32-33 तथा वन संरक्षण अधिनियम 1980 2 के तहत होगी।
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अधिकारियों का कहना है कि इसे लेकर उन्होंने पार्षद को नोटिस तक भेजा है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो ये केस विशेष पर्यावरण अदालत में भेजा जाएगा। वहीं, पार्षद शकुंतला गर्ग ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पार्षद का कहना है कि वे किसी पेड़ को क्यों कटवाएंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें तो इस मामले की पूरी जानकारी तक नहीं है कि किसने पेड़ काटे। विभाग ने तो सिर्फ पार्षद को निशाना बनाया है।
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बता दें कि करीब एक माह पहले पुराने ऊझा रोड पर ड्रेन नंबर एक के पास खड़े सफेदे के दो पेड़ों को अवैध तरीके से कटवाया दिया गया था। इन पेड़ों पर विभाग ने अपने नंबर तक लिखे थे जो कि रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं। जिस जगह से इन पेड़ों का काटा गया है वह भूमि संरक्षित वन भूमि है।
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इस बारे में उप वन राजिक अधिकारी बापौली सुरेंद्र छौक्कर ने बताया कि जुर्माना राशि रेंज कार्यालय समालखा में 10 फरवरी 2022 तक जमा करानी थी। जो अब तक जमा नहीं करवाई गई है। अगर जुर्माना जमा नहीं हुआ तो इसका चालान विशेष पर्यावरण अदालत कुरुक्षेत्र में भेज दिया जाएगा। यह कार्रवाई वन अधिनियम 1927 की धारा 32-33 तथा वन संरक्षण अधिनियम 1980 2 के तहत होगी।