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कड़ाके की ठंड में सरकारी स्कूलों में बच्चे जमीन पर विभाग के दावे आसमान में

Fri, 01 Feb 2019 12:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2019 12:35 AM IST
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कड़ाके  की ठंड में सरकारी स्कूलों में बच्चे जमीन पर विभाग के दावे आसमान में
फोटो संख्या-19 व 20
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कड़ाके की ठंड में सरकारी स्कूलों में बच्चे जमीन पर, विभाग के दावों पर सवाल

अमर उजाला ब्यूरो
सनौली। विभाग के दावे सच्चे नहीं हैं बल्कि आसमानी नजर आ रहे हैं। जिले में न्यूनतम छह डिग्री के तापमान में नौनिहाल कई सरकारी स्कूलों में ठिठुरते हुए पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन विभाग के आसमानी दावे हैं कि उनके पास तो अतिरिक्त बेंच हैं फिर भी बच्चे जमीन पर टाट पटटी के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं कई जगह तो बच्चे कमरों की कमी के कारण बरामदे में पढ़ाई कर रहे है।
2016 में सूबे के मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री ने घोषणा की थी कि स्कूलों में कोई भी बच्चा जमीन पर नही बैठेगा बल्कि उनकी घोषणा का पालन पानीपत जिले सहित कहीं भी नहीं हो रहा हैं। एक तरफ कड़ाके की ठंड की चल रही हैं और न्यूनतम पारा 6 डिग्री तक पहुंच रहा है। दूसरी और टाट पट्टी पर बैठे बच्चे सीएम व शिक्षा मंत्री की घोषणा लागू होने का दो वर्ष से इंतजार कर रहे हैं। सनौली संवाददाता ने कई स्कूलों का दौरा किया जिनमें राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सनौली खुर्द में करीब 700 बच्चे हैं जबकी कमरे केवल 8 ही ठीक हालत में हैं। स्कूलों में चार कमरो का निर्माण कार्य चार वर्ष से अधर में लटका है।
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अधिकत्तर बच्चे कमरो की कमी के चलते बच्चे ठंड में बरामदे में टाट पर बैठकर ठिठुरन में पढ़ाई करते हैं। ऐसी ही स्थिति राजकीय प्राथमिक स्कूल छाजपुर, राजकीय स्कूल रिशपुर, राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल बापौली, राजकीय स्कूल जलालपुर, राजकीय स्कूल झांबा सहित अनेक स्कूलों में बच्चे कमरों की कमी के चलते जमीन पर बैठ कर पढ़ते हैं । सनौली-बापौली ब्लॉक में प्राइमरी स्कूल 48 हैं जिनमे अधिकत्तर स्कूलों में बैंच नहीं है। राजकीय मिडिल स्कूल 16 और सीनियर सेकेंडरी 17 हैं । जिनमें आधे से अधिक बच्चे जमीन पर टाट पट्टी पर बैठते हैं ।
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सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी न होने के कारण गंदगी से अटे रहते हैं शौचालय
कई सरकारी स्कूलों में स्कूल की सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारी नहीं हैं। जिस कारण शौचालयों और स्कूलों में गंदगी फैली हुई हैं। हालात यह हैं कि जब स्कूल में गंदगी ज्यादा हो जाती हैं तो स्कूल के अधिकारी अपने पैसों से ही बाहर से सफाई कर्मचारी को बुलाकर सफाई करवाते हैं। वहीं स्कूल के अन्य कार्यों के लिए चपरासी भी नहीं हैं। गंदगी होने के कारण बीमाीरयां होने का डर बना रहता हैं। सभी स्कूलों में बेंच की सुविधा होगी : बीईओ

बीईओ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ज्ञानीराम का कहना है कि स्कूलों में बैंचों की सुविधा हैं । कई स्कूलों में बेंच की कमी हैं उनमें बच्चों को टाट पट्टी पर बैठाया जाता है। बेंच के लिए विभाग में डिमांड भेजी हुई है।
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