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-वार्ड-17 में तीन-तीन सौ रुपये लेने का मामला सामने आने के बाद लिया फैसला
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:07 AM IST
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पीएमएवाई के आवेदनों पर निगम सख्त, स्वयं का सत्यापित शपथ पत्र मान्य होगा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भरे जाने वाले आवेदन को लेकर सख्त हो गया है। आवेदक को अब स्वयं सत्यापित घोषणा पत्र नगर निगम में देना होगा। निगम उसे ही मान्य करेगा। इसे अब नोटरी या अन्य किसी अधिकारी से सत्यापित कराने की जरूरत नहीं है।
नगर निगम कमिश्नर शिवप्रसाद शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वयं सत्यापित किए जाने वाले घोषणा पत्र नगर निगम कार्यालयों या निगम पार्षदों के पास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम किसी भी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अवैध रूप से पैसे लेकर आवेदन भरने वालों के खिलाफ उठाया है। स्पष्ट किया कि पीएमएवाई के तहत आवेदन भरने के लिए किसी के भी झांसे में न आएं। कहा कि दूसरे शहर के लोग अपने किराएदार होने के घोषणा पत्र की ड्राफ्टिंग किसी वकील से करवाएं। विदित है कि 25 जून को वार्ड-17 में कुछ लोगों ने योजना के तहत आवेदनों के साथ तीन-तीन सौ रुपये लेने के आरोप लगाए थे। इस पूरे मामले में वार्ड-17 पार्षद सुनील वर्मा की संदिग्धता नजर आ रही थी। पार्षद सुनील वर्मा इसको लेकर वार्डवासियों के साथ अपनी सफाई दे भी चुके हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भरे जाने वाले आवेदन को लेकर सख्त हो गया है। आवेदक को अब स्वयं सत्यापित घोषणा पत्र नगर निगम में देना होगा। निगम उसे ही मान्य करेगा। इसे अब नोटरी या अन्य किसी अधिकारी से सत्यापित कराने की जरूरत नहीं है।
नगर निगम कमिश्नर शिवप्रसाद शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वयं सत्यापित किए जाने वाले घोषणा पत्र नगर निगम कार्यालयों या निगम पार्षदों के पास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम किसी भी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अवैध रूप से पैसे लेकर आवेदन भरने वालों के खिलाफ उठाया है। स्पष्ट किया कि पीएमएवाई के तहत आवेदन भरने के लिए किसी के भी झांसे में न आएं। कहा कि दूसरे शहर के लोग अपने किराएदार होने के घोषणा पत्र की ड्राफ्टिंग किसी वकील से करवाएं। विदित है कि 25 जून को वार्ड-17 में कुछ लोगों ने योजना के तहत आवेदनों के साथ तीन-तीन सौ रुपये लेने के आरोप लगाए थे। इस पूरे मामले में वार्ड-17 पार्षद सुनील वर्मा की संदिग्धता नजर आ रही थी। पार्षद सुनील वर्मा इसको लेकर वार्डवासियों के साथ अपनी सफाई दे भी चुके हैं।
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