{"_id":"61edc3f0991768602c1672c9","slug":"30-projects-canceled-due-to-compulsion-of-corona-and-png-panipat-news-knl96918843","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना व पीएनजी की बाध्यता के कारण रद्द हुए 30 प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना व पीएनजी की बाध्यता के कारण रद्द हुए 30 प्रोजेक्ट
विज्ञापन
कोरोना का टेक्सटाइल नगरी पर फिर से प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कई प्रवासी श्रमिकों ने दोबारा पलायन शुरू कर दिया है। श्रमिकों को भय है कि इस बार फिर हरियाणा में भी लॉकडाउन लग सकता है। फैक्टरियों से धीरे-धीरे श्रीमिक कम होते जा रहे हैं। दूसरी ओर पानीपत में लगने वाले कई बड़े प्रोजेक्ट भी अटक गए हैं।
मार्च 2021 से मार्च 2022 तक में पानीपत, पंजाब और प्रदेश के दूसरे जिलों के कई बड़े कंबल, डाइंग व स्पिनिंग मिल के 30 बड़े प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी कर रहे थे। कोरोना व पीएनजी कनेक्शन की बाध्यता के कारण ये प्रोजेक्ट भी रद्द कर दिए गए हैं। चीन से धागा बनाने के लिए आने वाली कई हाइटेक मशीनें भी कोविड के कारण अटक गईं हैं। पानीपत के उद्यमियों को उच्च तकनीक वाली मशीनों के लिए चीन जाना था। अब वहां की सरकार की शर्तों के कारण उद्यमियों ने वे प्रोजेक्ट भी रोक दिए हैं।
कोरोना व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पाबंदियों के कारण उद्यमियों को फैक्टरियों में रात की शिफ्ट रद्द करनी पड़ी है। अब एक ही शिफ्ट में 12 घंटे के लिए उद्योगों को चलाया जाएगा। उधर, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी नाइट कर्फ्यू होने के कारण वहां धागे और कंबल की आपूर्ति बंद है। उद्यमियों के गोदामों में ऑर्डर तैयार पड़े हैं। इससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
जनरेटर सेट पर प्रतिबंध होने के कारण उत्पादन पर असर-
केंद्रीय प्रदूष नियंत्रण बोर्ड ने दिसंबर 2021 के पहले सप्ताह में ही जनरेट सेट पर प्रतिबंध लगा दिया। उस वक्त पानीपत का प्रदूषण स्तर रेड जोन में था। अब पानीपत का प्रदूषण स्तर येलो जोन में है। बावजूद इसके उद्यमियों को जनरेटर सेट चलाने की अनुमति नहीं मिली। इससे उत्पादन पर काफी फर्क पड़ रहा है। उत्पादन पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत कम हो रहा है।
पीएनजी कनेक्शन का बाध्यता के कारण भी प्रोजेक्ट हुए रद्द : राणा
सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है कि जो भी पानीपत में नई फैक्टरी लगेगी, उसमें पीएनजी का कनेक्शन होना चाहिए। ऐसे में उद्यमी पानीपत में प्लांट नहीं लगाना चाहते हैं। पानीपत में इस कारण 30 से अधिक प्रोजेक्ट रद्द हुए हैं। इनमें धागा व कंबल के प्रोजेक्ट शामिल हैं। उद्योगपति पंजाब की ओर पलायन कर रहे हैं।
बड़े प्रोजेक्ट हुए रद्द : प्रीतम
कोरोना के कारण जिले में लगने वाले धागे के 12 बड़े प्रोजेक्ट रद्द हो गए हैं। ये सभी बड़े प्रोजेक्ट थे। इनसे काफी लोगों को रोजगार मिलना था। चीन में भी कई बड़े प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। उद्योग पिछले लॉकडाउन और किसान आंदोलन के नुकसान से उभर नहीं पाए थे। अब दोबारा बड़ा नुकसान हो रहा है।
- प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
विज्ञापन
मार्च 2021 से मार्च 2022 तक में पानीपत, पंजाब और प्रदेश के दूसरे जिलों के कई बड़े कंबल, डाइंग व स्पिनिंग मिल के 30 बड़े प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी कर रहे थे। कोरोना व पीएनजी कनेक्शन की बाध्यता के कारण ये प्रोजेक्ट भी रद्द कर दिए गए हैं। चीन से धागा बनाने के लिए आने वाली कई हाइटेक मशीनें भी कोविड के कारण अटक गईं हैं। पानीपत के उद्यमियों को उच्च तकनीक वाली मशीनों के लिए चीन जाना था। अब वहां की सरकार की शर्तों के कारण उद्यमियों ने वे प्रोजेक्ट भी रोक दिए हैं।
विज्ञापन
कोरोना व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पाबंदियों के कारण उद्यमियों को फैक्टरियों में रात की शिफ्ट रद्द करनी पड़ी है। अब एक ही शिफ्ट में 12 घंटे के लिए उद्योगों को चलाया जाएगा। उधर, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी नाइट कर्फ्यू होने के कारण वहां धागे और कंबल की आपूर्ति बंद है। उद्यमियों के गोदामों में ऑर्डर तैयार पड़े हैं। इससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
जनरेटर सेट पर प्रतिबंध होने के कारण उत्पादन पर असर-
केंद्रीय प्रदूष नियंत्रण बोर्ड ने दिसंबर 2021 के पहले सप्ताह में ही जनरेट सेट पर प्रतिबंध लगा दिया। उस वक्त पानीपत का प्रदूषण स्तर रेड जोन में था। अब पानीपत का प्रदूषण स्तर येलो जोन में है। बावजूद इसके उद्यमियों को जनरेटर सेट चलाने की अनुमति नहीं मिली। इससे उत्पादन पर काफी फर्क पड़ रहा है। उत्पादन पहले के मुकाबले 40 प्रतिशत कम हो रहा है।
पीएनजी कनेक्शन का बाध्यता के कारण भी प्रोजेक्ट हुए रद्द : राणा
सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है कि जो भी पानीपत में नई फैक्टरी लगेगी, उसमें पीएनजी का कनेक्शन होना चाहिए। ऐसे में उद्यमी पानीपत में प्लांट नहीं लगाना चाहते हैं। पानीपत में इस कारण 30 से अधिक प्रोजेक्ट रद्द हुए हैं। इनमें धागा व कंबल के प्रोजेक्ट शामिल हैं। उद्योगपति पंजाब की ओर पलायन कर रहे हैं।
बड़े प्रोजेक्ट हुए रद्द : प्रीतम
कोरोना के कारण जिले में लगने वाले धागे के 12 बड़े प्रोजेक्ट रद्द हो गए हैं। ये सभी बड़े प्रोजेक्ट थे। इनसे काफी लोगों को रोजगार मिलना था। चीन में भी कई बड़े प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। उद्योग पिछले लॉकडाउन और किसान आंदोलन के नुकसान से उभर नहीं पाए थे। अब दोबारा बड़ा नुकसान हो रहा है।
- प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन