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Panipat News: उच्च रक्तचाप की जांच में मिले 30 रोगी
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पानीपत। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर शुक्रवार को जिले के नागरिक अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने मरीजों को उच्च रक्चताप से होने वाली बीमारियां व रक्तचाप के होेने के कारण बताए। एनसीडी क्लीनिक में दो डॉक्टरों ने 120 मरीजों की जांच की और उन्हें परामर्श दिए। 120 में से 30 को उच्च रक्तचाप की बीमारी मिली।
डॉ. शशि गर्ग ने यहां कहा कि 15 साल से अधिक आयु वर्ग में 46 प्रतिशत पुरुषों और 33 प्रतिशत महिलाओं ने अपना रक्तचाप कभी चेक नहीं कराया। उच्च रक्तचाप का चार अंगों पर अधिक प्रतिकूल असर पड़ता है। आंखों के रेटिना की अंदरूनी परत खराब हो सकती है। हार्ट फेल होने का खतरा रहता है। ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण भी उच्च रक्तचाप है। बढ़ा रक्तचाप किडनी की साल्ट को कंट्रोल करने, शरीर में पानी रोकने की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे किडनी को नुकसान पहुंचता है। हमें उच्च रक्तचाप से बचने के लिए हरी सब्जियाें व मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए। नमक व तैलीय खाद्य सामग्री का सेवन कम करना चाहिए। 35 साल से अधिक आयु के लोग वर्ष में दो बार रक्तचाप चेक जरूर कराएं। दवा के साथ डाइट चार्ट पर अमल करें।
उन्होंने बताया कि धमनियों के जरिए रक्त को पुश करने में दिल को अधिक ताकत लगानी पड़ती है तो ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर के एक सीमा से ज्यादा होने को ही उच्च रक्तचाप कहते हैं। उच्च रक्तचाप तनाव की अधिकता, आनुवंशिक और मोटापा, धूम्रपान, शराब सेवन, कम नींद लेने, चटपटा और तला भोजन का सेवन करने, दवाओं का अधिक सेवन से होता है।
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डॉ. शशि गर्ग ने यहां कहा कि 15 साल से अधिक आयु वर्ग में 46 प्रतिशत पुरुषों और 33 प्रतिशत महिलाओं ने अपना रक्तचाप कभी चेक नहीं कराया। उच्च रक्तचाप का चार अंगों पर अधिक प्रतिकूल असर पड़ता है। आंखों के रेटिना की अंदरूनी परत खराब हो सकती है। हार्ट फेल होने का खतरा रहता है। ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण भी उच्च रक्तचाप है। बढ़ा रक्तचाप किडनी की साल्ट को कंट्रोल करने, शरीर में पानी रोकने की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे किडनी को नुकसान पहुंचता है। हमें उच्च रक्तचाप से बचने के लिए हरी सब्जियाें व मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए। नमक व तैलीय खाद्य सामग्री का सेवन कम करना चाहिए। 35 साल से अधिक आयु के लोग वर्ष में दो बार रक्तचाप चेक जरूर कराएं। दवा के साथ डाइट चार्ट पर अमल करें।
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उन्होंने बताया कि धमनियों के जरिए रक्त को पुश करने में दिल को अधिक ताकत लगानी पड़ती है तो ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर के एक सीमा से ज्यादा होने को ही उच्च रक्तचाप कहते हैं। उच्च रक्तचाप तनाव की अधिकता, आनुवंशिक और मोटापा, धूम्रपान, शराब सेवन, कम नींद लेने, चटपटा और तला भोजन का सेवन करने, दवाओं का अधिक सेवन से होता है।
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