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एसएनसीयू वार्ड में तड़पते रहे नवजात, पीडियाट्रशियन नहीं पहुंचे राउंड पर, 6 बच्चे गंभीर हालत में खानपुर रेफर

Sun, 23 Sep 2018 10:28 PM IST
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:28 PM IST
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एसएनसीयू वार्ड में तड़पते रहे नवजात, पीडियाट्रशियन नहीं पहुंचे राउंड पर, 6 बच्चे गंभीर हालत में खानपुर रेफर
फोटो 46
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एसएनसीयू वार्ड में तड़पते रहे नवजात, नहीं पहुंचे डॉक्टर, छह बच्चे गंभीर हालत में रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। इसमें नवजात की जान से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में छह बच्चे जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे थे, लेकिन पीडियाट्रिशियन वार्ड में राउंड तक करने नहीं आए। स्टाफ ने कई बार उनको फोन कर बुलाया भी। ऐसे में धीरे धीरे नवजात की हालत गंभीर हो गई। उनको गंभीर हालत में आनन फानन में खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि एसएनसीयू वार्ड में कुल 19 नवजात भर्ती हैं। ये बच्चे प्री मैच्योर, सांस की बीमारी समेत विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। रविवार दोपहर को छह बच्चों की हालत गंभीर हो गई। इस वक्त एसएनसीयू वार्ड में डॉ. एकता की ड्यूटी थी। उन्होंने बच्चों की जांच की और बच्चों की हालत खतरे में पाते हुए उन्होंने तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया को कॉल की, लेकिन वो राउंड पर नहीं आए। कई बार कॉल करने के बाद भी डॉक्टरों ने बच्चों को चेक नहीं किया। डॉ. एकता ने बच्चों की हालत को देखते हुए बच्चों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इन बच्चों को सांस की कमी व धड़कन की कमी थी। फिलहाल सभी बच्चों का खानपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद पूरे अस्पताल में लोगों में डॉक्टरों के प्रति रोष बना हुआ है। इस घटना के बाद कई लोग अपने मरीजों की छुट्टी कराने भी पहुंच गए हैं। इस बारे में डॉ. दिनेश दहिया ने बात करने से इनकार कर दिया।
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ये हैं नियम
एसएचसीयू वार्ड में डॉक्टरों की एक टीम तैनात रहती है। एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम को बाल रोग विशेषज्ञ लीड करते हैं। एमबीबीएस डॉक्टरों का काम नवजात की हालत को सुटेबल कर बाल रोग विशेषज्ञ को बुलाना होता है। बाल रोग विशेषज्ञ को अपनी ड्यूटी के दौरान दो बार वार्ड का निरीक्षण करना होता है।
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वेंटीलेटर की कमी व प्लेटलेट्स गिरने के कारण हुए बच्चे रेफर: डॉ. जैन
दोपहर को डॉ. एकता की ड्यूटी थी। उनकी ड्यूटी में बच्चों को रेफर किया गया है। इनमें से एक बच्चे को सांस की दिक्कत थी, दूसरे को वेंटीलेटर की सख्त जरूरत थी। तीन बच्चों की प्लेटलेट्स गिरने के कारण रेफर किया गया है। इस मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल
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