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निजी बस पॉलिसी के खिलाफ रोडवेज यूनियनों ने बांटी पुस्तक
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन सरकार के साथ बातचीत के बाद प्राइवेट परमिट के विरोध को लेकर जनता के बीच पहुंच गई है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने सोमवार निजी बस पॉलिसी के खिलाफ पुस्तकें यात्रियों में बांटी। यूनियनों ने सरकार की अनदेखी के खिलाफ संघर्ष करने का भी फैसला लिया है।
एसकेएस के राज्य सचिव राजपाल, सुल्तान सिंह, मुल्तान सिंह और अनिल कुंडू ने बताया कि जब-जब निजी बस पॉलिसी के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन किया, तब-तब परिवहन मंत्री और सरकार ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के साथ बातचीत की। इसमें सरकार ने माना कि प्रदेश में 10 हजार नई बसों की जरूरत है। लेकिन, साथ ही ये भी कहा कि प्रदेश सरकार नई बसों को खरीदने में सक्ष्म नहीं है। इसलिए निजी बसों को रोडवेज से जोड़ना मजबूरी है। कर्मचारी नेताओं ने इसकी निंदा की। कहा कि जिन निजी मालिकों को बस परमिट दिया जाता है, वे भी बैंक से कर्ज लेकर गाड़ी खरीदते हैं। जब निजी मालिक बैंक से कर्जा लेकर गाड़ी खरीद सकता है तो प्रदेश सरकार भी इस तरह से नई बस खरीद सकती है। रोडवेज डिपो में निजी बसों के आने पर वे विरोध करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप, पवन, रामपाल, विरेंद्र, महावीर देशवाल और वीरभान सिंह मौजूद रहे।
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पानीपत। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन सरकार के साथ बातचीत के बाद प्राइवेट परमिट के विरोध को लेकर जनता के बीच पहुंच गई है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने सोमवार निजी बस पॉलिसी के खिलाफ पुस्तकें यात्रियों में बांटी। यूनियनों ने सरकार की अनदेखी के खिलाफ संघर्ष करने का भी फैसला लिया है।
एसकेएस के राज्य सचिव राजपाल, सुल्तान सिंह, मुल्तान सिंह और अनिल कुंडू ने बताया कि जब-जब निजी बस पॉलिसी के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन किया, तब-तब परिवहन मंत्री और सरकार ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के साथ बातचीत की। इसमें सरकार ने माना कि प्रदेश में 10 हजार नई बसों की जरूरत है। लेकिन, साथ ही ये भी कहा कि प्रदेश सरकार नई बसों को खरीदने में सक्ष्म नहीं है। इसलिए निजी बसों को रोडवेज से जोड़ना मजबूरी है। कर्मचारी नेताओं ने इसकी निंदा की। कहा कि जिन निजी मालिकों को बस परमिट दिया जाता है, वे भी बैंक से कर्ज लेकर गाड़ी खरीदते हैं। जब निजी मालिक बैंक से कर्जा लेकर गाड़ी खरीद सकता है तो प्रदेश सरकार भी इस तरह से नई बस खरीद सकती है। रोडवेज डिपो में निजी बसों के आने पर वे विरोध करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप, पवन, रामपाल, विरेंद्र, महावीर देशवाल और वीरभान सिंह मौजूद रहे।
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