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चुलकाना रोड स्थित फैक्ट्री पर जमकर किया हंगामा
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:51 AM IST
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जिप वाइस व उसके पति ने शराब फैक्ट्री के खिलाफ खोला मोर्चा, जीएम को सुनाई खरी-खोटी
फोटो-9 व 10
अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। शराब की फैक्ट्री में काम करने वाले स्थानीय लोगों का शोषण होने के साथ ही उन्हें नशे का आदि भी बना दिया। शाम छुट्टी होने पर अधिकांश नशे की हालत में बाहर निकलते हैं और इसके लिए फैक्ट्री प्रबंधन जिम्मेदार है। ये आरोप लगाते हुए भाजपा नेता कृष्ण छौक्कर व जिला परिषद की वाइस चेयरमैन पुनीता छौक्कर के नेतृत्व में फैक्ट्री के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के जीएम को खरी-खोटी भी सुनाई। उन्होंने शराब फैक्ट्री से उड़ने वाली राख, स्थानीय लोगों के लिए नौकरी कोटा नहीं होने, बाल श्रमिक, हादसों, वेतन विसंगतियों को लेकर भी अपनी मांगे रखी। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री में पहुंचकर श्रमिकों से उनको मिलने वाले वेतन, समस्याओं आदि के बारे में पूछा।
चुलकाना रोड स्थित शराब की फैक्ट्री से उड़ने वाली राख, भूमिगत जल के खराब होने, आए दिन हो रहे हादसे, स्थानीय युवाओं को केवल श्रमिक ही रखना आदि को लेकर आसपास के गांवों द्वारा समय-समय पर प्रदर्शन किए जाते हैं। शुक्रवार को भी चुलकाना, किवाना, नामुण्डा आदि गांवों के लोगों ने कृष्ण छौक्कर, पुनीता छौक्कर के नेतृत्व में जमकर हंगामा किया। लोगों ने जीएम को भलाबुरा कहते हुए आरोप लगाया कि फैक्ट्री वालों ने रोजगार देकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का ठेका लिया हुआ है। राख के कारण आसपास के गांवों में लोगों को अस्थमा, फेफड़ों आदि बीमारियां हो रही हैं। भूमिगत जल दूषित हो चुका है। फैक्ट्री के बाहर खड़े भारी वाहनों के कारण कई बार हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बाद लोग फैक्ट्री में घुस गए और आरोप लगाया कि काम करने वाले श्रमिकों को सरकार द्वारा तय मानकों से कम वेतन दिया जाता है। श्रमिकों ने भी बाहर आकर ग्रामीणों की बात को सही बताते हुए कहा कि उन्हें 180-200 रूपये प्रति दिन दिहाड़ी दी जाती है। काम करने के दौरान हादसा होने पर भी मेडिकल मुहैया नहीं करवाया जाता। हंगामे को देखते हुए जीएम दीपक सरोहा ने लोगों द्वारा दिए गए मांग पत्र पर एक महीने में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। वहीं भाजपा नेता कृष्ण छौक्कर ने कहा कि नौ गांवों के लोगों सहित समालखा शहर के लोग भी इससे परेशान हैं। फैक्ट्री प्रबंधन श्रमिकों के हित के लिए कदम नहीं उठाता तो वे सरकार को इसकी रिपोर्ट भिजवाकर कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे। जीएम दीपक सरोहा ने कहा कि फैक्ट्री पर लगाए गए सभी आरोप निराधार है। वहीं डीएसपी नरेश अहलावत ने कहा कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे थे। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। शराब की फैक्ट्री में काम करने वाले स्थानीय लोगों का शोषण होने के साथ ही उन्हें नशे का आदि भी बना दिया। शाम छुट्टी होने पर अधिकांश नशे की हालत में बाहर निकलते हैं और इसके लिए फैक्ट्री प्रबंधन जिम्मेदार है। ये आरोप लगाते हुए भाजपा नेता कृष्ण छौक्कर व जिला परिषद की वाइस चेयरमैन पुनीता छौक्कर के नेतृत्व में फैक्ट्री के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के जीएम को खरी-खोटी भी सुनाई। उन्होंने शराब फैक्ट्री से उड़ने वाली राख, स्थानीय लोगों के लिए नौकरी कोटा नहीं होने, बाल श्रमिक, हादसों, वेतन विसंगतियों को लेकर भी अपनी मांगे रखी। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री में पहुंचकर श्रमिकों से उनको मिलने वाले वेतन, समस्याओं आदि के बारे में पूछा।
चुलकाना रोड स्थित शराब की फैक्ट्री से उड़ने वाली राख, भूमिगत जल के खराब होने, आए दिन हो रहे हादसे, स्थानीय युवाओं को केवल श्रमिक ही रखना आदि को लेकर आसपास के गांवों द्वारा समय-समय पर प्रदर्शन किए जाते हैं। शुक्रवार को भी चुलकाना, किवाना, नामुण्डा आदि गांवों के लोगों ने कृष्ण छौक्कर, पुनीता छौक्कर के नेतृत्व में जमकर हंगामा किया। लोगों ने जीएम को भलाबुरा कहते हुए आरोप लगाया कि फैक्ट्री वालों ने रोजगार देकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का ठेका लिया हुआ है। राख के कारण आसपास के गांवों में लोगों को अस्थमा, फेफड़ों आदि बीमारियां हो रही हैं। भूमिगत जल दूषित हो चुका है। फैक्ट्री के बाहर खड़े भारी वाहनों के कारण कई बार हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बाद लोग फैक्ट्री में घुस गए और आरोप लगाया कि काम करने वाले श्रमिकों को सरकार द्वारा तय मानकों से कम वेतन दिया जाता है। श्रमिकों ने भी बाहर आकर ग्रामीणों की बात को सही बताते हुए कहा कि उन्हें 180-200 रूपये प्रति दिन दिहाड़ी दी जाती है। काम करने के दौरान हादसा होने पर भी मेडिकल मुहैया नहीं करवाया जाता। हंगामे को देखते हुए जीएम दीपक सरोहा ने लोगों द्वारा दिए गए मांग पत्र पर एक महीने में कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। वहीं भाजपा नेता कृष्ण छौक्कर ने कहा कि नौ गांवों के लोगों सहित समालखा शहर के लोग भी इससे परेशान हैं। फैक्ट्री प्रबंधन श्रमिकों के हित के लिए कदम नहीं उठाता तो वे सरकार को इसकी रिपोर्ट भिजवाकर कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे। जीएम दीपक सरोहा ने कहा कि फैक्ट्री पर लगाए गए सभी आरोप निराधार है। वहीं डीएसपी नरेश अहलावत ने कहा कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे थे। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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