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रेलवे के हाई अलर्ट के बाद भी सुरक्षा नदारद
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:07 AM IST
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रेलवे के हाई अलर्ट के बाद भी सुरक्षा नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डेरा प्रमुख पर फैसले को लेकर दो दिन पहले दिल्ली डिवीजन के सभी मुख्य स्टेशनों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके लिए आरपीएफ के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर (एएससी) आरएल तोमर ने पानीपत स्टेशन का दौरा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। लेकिन उसके बावजूद भी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा न के बराबर नजर आती है।
डेरा प्रमुख पर 25 अगस्त को पंचकूला में फैसला आना है, जिसको लेकर ही हाई अलर्ट जारी है। स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाया गया था। लेकिन उसकी अगली सुबह ही मेटल डिटेक्टर हटा लिया गया।
चारों तरफ से खुला है पानीपत रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन पानीपत चारों तरफ से खुला हुआ है। कोई भी शरारती तत्व इसका आसानी से लाभ उठा सकता है। इसको कवर करने की तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि तोमर ने निरीक्षण के दौरान चारों तरफ पुलिस की गश्त व चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। वहीं अवैध रूप से खुले हुए गेटों पर ताले लगाने के लिए कहा था। लेकिन रविवार को न तो स्टेशन पर कोई पुलिस कर्मी था और न ही गेटों पर ताले थे। जबकि स्टेशन से हर रोज 40 हजार से अधिक यात्री गुजरते हैं।
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सुरक्षा की शपथ भी धूमिल
जीआरपी व आरपीएफ ने रेलवेे एसपी के दिशा-निर्देश पर करीब 15 दिन पहले रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी रखने की शपथ ली थी। लेकिन वह शपथ भी धूमिल होती नजर आ रही है। इसका जीवंत उदाहरण है पांच दिन पहले 15 अगस्त के दिन दो महिलाओं समेत तीन ने ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दी थी। जब 15 अगस्त पर ही ऐसी सुरक्षा होती है तो यह सहज ही समझा जा सकता है कि अन्य दिनों में सुरक्षा कैसी रहती होगी।
आरपीएफ और जीआरपी कर्मियों को हाई अलर्ट के साथ ही सुरक्षा कड़ी रखने के आदेश दिए गए हैं। उसके बाद भी अगर सुरक्षा नहीं है तो बड़ी लापरवाही है। जीआरपी व आरपीएफ से सुरक्षा को लेकर पूछा जाएगा और सारी कमियों को दूर किया जाएगा।
संतोष चंद्रन, सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ दिल्ली।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डेरा प्रमुख पर फैसले को लेकर दो दिन पहले दिल्ली डिवीजन के सभी मुख्य स्टेशनों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके लिए आरपीएफ के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर (एएससी) आरएल तोमर ने पानीपत स्टेशन का दौरा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। लेकिन उसके बावजूद भी रेलवे स्टेशन की सुरक्षा न के बराबर नजर आती है।
डेरा प्रमुख पर 25 अगस्त को पंचकूला में फैसला आना है, जिसको लेकर ही हाई अलर्ट जारी है। स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाया गया था। लेकिन उसकी अगली सुबह ही मेटल डिटेक्टर हटा लिया गया।
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चारों तरफ से खुला है पानीपत रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन पानीपत चारों तरफ से खुला हुआ है। कोई भी शरारती तत्व इसका आसानी से लाभ उठा सकता है। इसको कवर करने की तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि तोमर ने निरीक्षण के दौरान चारों तरफ पुलिस की गश्त व चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। वहीं अवैध रूप से खुले हुए गेटों पर ताले लगाने के लिए कहा था। लेकिन रविवार को न तो स्टेशन पर कोई पुलिस कर्मी था और न ही गेटों पर ताले थे। जबकि स्टेशन से हर रोज 40 हजार से अधिक यात्री गुजरते हैं।
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सुरक्षा की शपथ भी धूमिल
जीआरपी व आरपीएफ ने रेलवेे एसपी के दिशा-निर्देश पर करीब 15 दिन पहले रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी रखने की शपथ ली थी। लेकिन वह शपथ भी धूमिल होती नजर आ रही है। इसका जीवंत उदाहरण है पांच दिन पहले 15 अगस्त के दिन दो महिलाओं समेत तीन ने ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दी थी। जब 15 अगस्त पर ही ऐसी सुरक्षा होती है तो यह सहज ही समझा जा सकता है कि अन्य दिनों में सुरक्षा कैसी रहती होगी।
आरपीएफ और जीआरपी कर्मियों को हाई अलर्ट के साथ ही सुरक्षा कड़ी रखने के आदेश दिए गए हैं। उसके बाद भी अगर सुरक्षा नहीं है तो बड़ी लापरवाही है। जीआरपी व आरपीएफ से सुरक्षा को लेकर पूछा जाएगा और सारी कमियों को दूर किया जाएगा।
संतोष चंद्रन, सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ दिल्ली।