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कार्यशाला में पांच समूह में 25 शिक्षक निभा रहे नाट्य लेखक की भूमिका
Updated Sat, 17 Jun 2017 08:27 PM IST
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अभिनय सजीव हो तो कराती है यथार्थ का एहसास : डॉ. सहगल
एसडी कॉलेज में उत्कर्ष सोसायटी पंचकूला द्वारा नाट्य लेखन कार्यशाला का दूसरा दिन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर उत्कर्ष सोसाइटी पंचकूला द्वारा संचालित एसडी कॉलेज परिसर में नाट्य लेखन कार्यशाला के दूसरे दिन नाट्य लेखक डॉ. प्रताप सहगल ने कहा कि किसी भी घटना या खबर को कहानी में विकसित करते हैं। फिर उस कथा को दृश्य एवं संवाद में परिवर्तित करते हैं। नाटक दरअसल भ्रम को यथार्थ की तरह प्रस्तुत करता है। लेकिन अभिनय अगर सजीव हो तो यथार्थ का एहसास कराता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लोकसभा सांग कथा प्रस्तुति के साथ-साथ संगीत को भी आवाज देती है। जो अभिनय के साथ लोक संगीत से जोड़ती है।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि नाटकीय साहित्य के सभी विधाओं को आत्मसात करके सरस्वती पर कलाओं के सर्वोत्तम मंच के सर्जन करता है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का समापन 22 जून को होगा। उत्कृष्ट सोसाइटी पंचकूला के उप निदेशक जोगिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि लिखे जा रहे नाटकों में हरियाणा की रागिनी प्रस्तुति के माध्यम से नए रूप में जनसंवाद का केंद्र बनेगी। शिविर निदेशक रीता रंजन ने कहा कि सोमवार को इंडियन थियेटर की विभागाध्यक्ष डॉ. नवदीप कौर, मंगलवार को संगीत नाटक अकादमी के उप सचिव सुमन कुमार, हरियाणा के सूचना आयुक्त समीर माथुर, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह शिरकत करेंगे।
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एसडी कॉलेज में उत्कर्ष सोसायटी पंचकूला द्वारा नाट्य लेखन कार्यशाला का दूसरा दिन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर उत्कर्ष सोसाइटी पंचकूला द्वारा संचालित एसडी कॉलेज परिसर में नाट्य लेखन कार्यशाला के दूसरे दिन नाट्य लेखक डॉ. प्रताप सहगल ने कहा कि किसी भी घटना या खबर को कहानी में विकसित करते हैं। फिर उस कथा को दृश्य एवं संवाद में परिवर्तित करते हैं। नाटक दरअसल भ्रम को यथार्थ की तरह प्रस्तुत करता है। लेकिन अभिनय अगर सजीव हो तो यथार्थ का एहसास कराता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लोकसभा सांग कथा प्रस्तुति के साथ-साथ संगीत को भी आवाज देती है। जो अभिनय के साथ लोक संगीत से जोड़ती है।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि नाटकीय साहित्य के सभी विधाओं को आत्मसात करके सरस्वती पर कलाओं के सर्वोत्तम मंच के सर्जन करता है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का समापन 22 जून को होगा। उत्कृष्ट सोसाइटी पंचकूला के उप निदेशक जोगिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि लिखे जा रहे नाटकों में हरियाणा की रागिनी प्रस्तुति के माध्यम से नए रूप में जनसंवाद का केंद्र बनेगी। शिविर निदेशक रीता रंजन ने कहा कि सोमवार को इंडियन थियेटर की विभागाध्यक्ष डॉ. नवदीप कौर, मंगलवार को संगीत नाटक अकादमी के उप सचिव सुमन कुमार, हरियाणा के सूचना आयुक्त समीर माथुर, प्रसिद्ध पर्यावरणविद् मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह शिरकत करेंगे।
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