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बिजली निगम के खुले दरबार में आई 4 समस्याएं, मौके पर तीन का किया समाधान
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बिजली निगम के खुले दरबार में आई 4 समस्याएं, मौके पर तीन का किया समाधान
पानीपत।
बिजली के गलत बिल लोगों के लिए लगातार सर दर्द बने हुए हैं। बिजली निगम के कर्मचारी प्राइवेट कंपनी के सर पर ठीकरा फोड़ रहे हैं तो वहीं प्राईवेट कंपनी वाले निगम द्वारा एमसीओ न चढ़ने का हवाला दे देते हैं, लेकिन लोगों के लिए समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। मंगलवार को गोहाना रोड स्थित बीबीएमबी रेस्ट हाउस में सीजीआरएफ चीफ बीएस गर्ग द्वारा लोगों की बिजली से संबंधित समस्याओं के लिए खुला दरबार लगाया गया। जिसमें 4 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिनमें सबसे ज्यादा समस्याएं बिजली के बिलों से संबंधित रही। चीफ बीएस गर्ग ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया व अधिकारियों को तुरंत समस्या का निपटारा करने के आदेश दिये।
ये थी समस्याएं
डेढ़ साल पहले आया था 1 करोड़ 56 लाख का गलत बिल : सुनील
सनौली रोड स्थित गांधी कॉलोनी निवासी सुनील का कहना है कि उनका डेढ़ साल पहले 1 करोड़ 56 लाख रुपये का गलत बिल आया था। जिसके बाद वह उस बिल को ठीक करवाने के लिए डेढ़ साल से बिजली निगम के चक्कर काट रहा है। अबकी बार वह दरबार में अपनी समस्या को लेकर आया तो उसके बिल को घटाकर 40 हजार कर दिया है और उसको कहा गया है कि इस बिल को जल्द से जल्द जमा करवा दे।
6 माह से भेजे जा रहे गलत बिल : सुरजीत सिंह
सेक्टर 6 निवासी सुरजीत सिंह का कहना है कि उनका बिल हर माह 3 से 4 हजार रुपये आता था। लेकिन पिछले छह माह से उनका बिल घटकर 500 रुपये आ रहा है, जिसके कारण वह रीडिंग बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि इसमें निगम के अधिकारियों की चाल हो सकती है क्योंकि पहले कम बिल भेजते हैं और फिर उसको चार्ज लगाकर भेजते हैं। इससे पहले भी उनके पास चार बार ऐसे गलत बिल आ चुके हैं, जिसको ठीक करवाने के लिए उन्होंने तीन बार निगम के चक्कर काटे थे, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ था, उसके बाद उन्होंने सीएम विंडो मेें अपनी शिकायत दी थी, जिसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ ।
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अंदाजे से लेकर जाते है रीडिंग - सोनू
ईदगाह कॉलोनी स्थित सोनू का कहना है कि प्राइवेट कर्मचारी अपनी मनमर्जी से बिना मीटर देखे ही रीडिंग चढ़ा कर लेकर जाते है, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना कि पिछले कई माह से उनको समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, शिकायत करने के बाद भी समस्या ज्यों की ज्यों बनी हुई है।
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पानीपत।
बिजली के गलत बिल लोगों के लिए लगातार सर दर्द बने हुए हैं। बिजली निगम के कर्मचारी प्राइवेट कंपनी के सर पर ठीकरा फोड़ रहे हैं तो वहीं प्राईवेट कंपनी वाले निगम द्वारा एमसीओ न चढ़ने का हवाला दे देते हैं, लेकिन लोगों के लिए समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। मंगलवार को गोहाना रोड स्थित बीबीएमबी रेस्ट हाउस में सीजीआरएफ चीफ बीएस गर्ग द्वारा लोगों की बिजली से संबंधित समस्याओं के लिए खुला दरबार लगाया गया। जिसमें 4 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिनमें सबसे ज्यादा समस्याएं बिजली के बिलों से संबंधित रही। चीफ बीएस गर्ग ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया व अधिकारियों को तुरंत समस्या का निपटारा करने के आदेश दिये।
ये थी समस्याएं
डेढ़ साल पहले आया था 1 करोड़ 56 लाख का गलत बिल : सुनील
सनौली रोड स्थित गांधी कॉलोनी निवासी सुनील का कहना है कि उनका डेढ़ साल पहले 1 करोड़ 56 लाख रुपये का गलत बिल आया था। जिसके बाद वह उस बिल को ठीक करवाने के लिए डेढ़ साल से बिजली निगम के चक्कर काट रहा है। अबकी बार वह दरबार में अपनी समस्या को लेकर आया तो उसके बिल को घटाकर 40 हजार कर दिया है और उसको कहा गया है कि इस बिल को जल्द से जल्द जमा करवा दे।
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6 माह से भेजे जा रहे गलत बिल : सुरजीत सिंह
सेक्टर 6 निवासी सुरजीत सिंह का कहना है कि उनका बिल हर माह 3 से 4 हजार रुपये आता था। लेकिन पिछले छह माह से उनका बिल घटकर 500 रुपये आ रहा है, जिसके कारण वह रीडिंग बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि इसमें निगम के अधिकारियों की चाल हो सकती है क्योंकि पहले कम बिल भेजते हैं और फिर उसको चार्ज लगाकर भेजते हैं। इससे पहले भी उनके पास चार बार ऐसे गलत बिल आ चुके हैं, जिसको ठीक करवाने के लिए उन्होंने तीन बार निगम के चक्कर काटे थे, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ था, उसके बाद उन्होंने सीएम विंडो मेें अपनी शिकायत दी थी, जिसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ ।
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अंदाजे से लेकर जाते है रीडिंग - सोनू
ईदगाह कॉलोनी स्थित सोनू का कहना है कि प्राइवेट कर्मचारी अपनी मनमर्जी से बिना मीटर देखे ही रीडिंग चढ़ा कर लेकर जाते है, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना कि पिछले कई माह से उनको समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, शिकायत करने के बाद भी समस्या ज्यों की ज्यों बनी हुई है।