फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   18 gates of barrage opened due to heavy rain in catchment area, threat of flood in Delhi

Panipat News: कैचमेंट एरिया में भारी बारिश से बैराज के 18 गेट खुले, दिल्ली में बाढ़ का खतरा

Sat, 30 Aug 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 30 Aug 2025 01:23 AM IST
विज्ञापन
18 gates of barrage opened due to heavy rain in catchment area, threat of flood in Delhi
उत्तराखंड के पहाड़ी कैचमेंट एरिया में 177 एमएम बारिश जलस्तर में वृद्धि का कारण
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के साथ लगते उत्तराखंड के पहाड़ी कैचमेंट एरिया में 177 एमएम बारिश होने पर यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। शुक्रवार शाम पांच बजे हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर बढ़कर 90,926 क्यूसेक पहुंच गया। ऐसे में बैराज के सभी 18 गेटों को खोल दिया गया जिसमें 82,406 क्यूसेक पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया। 72 घंटे में यह पानी दिल्ली पहुंचेगा। इससे दिल्ली बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

यमुना के कैचमेंट एरिया हरिपुर में 177 एमएम, उत्तराखंड के कालसी में 107, सभावाला में 103.4, जटोन बैराज गिरी 138, पांवटा साहिब 75 तथा गंगुवाला 127.2 एमएम बारिश हुई है। इसी वजह से यमुना नदी का जलस्तर में वृद्धि हुई है। दोपहर 12 बजे से यमुना नदी का जलस्तर का बढ़ाना शुरू हुआ। बैराज पर दोपहर 12 बजे 73385 क्यूसेक जलस्तर रहा। दोपहर 2 बजे बढ़कर 84853 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसी तरह 4 बजे 83,745 क्यूसेक जलस्तर रहा। पांच बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का अधिकतम जलस्तर 90,926 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। जिसमें से 82,406 क्यूसेक पानी को दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया। सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग का कहना है पहाड़ों पर बारिश होने पर बैराज का जलस्तर में वृद्धि आई है। यदि लगातार मूसलादार बारिश हुई तो जलस्तर और बढ़ सकता है। जो एक लाख क्यूसेक को पार कर सकता है। जिसके बाद मिनी फ्लड घोषित किया जा सकता है। लेकिन बैराज के कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के आदेश हैं।
विज्ञापन


हरिपुर खोल में उफान, धनौरा पुल से चार फीट ऊपर गुजरा पानी

व्यासपुर/यमुनानगर। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे धनौरा गांव के लोगों की सांसें उस वक्त अटक गई जब वीरवार रात एक बजे हरिपुर खोल नदी में उफान आ गया। पहाड़ों से इतना पानी आया कि गांव के पास बने पुल के ऊपर चार फीट तक पानी था। रात को आए इतने पानी को देखकर लोगों ने डायल 112 में फोन करके पुलिस को बुला लिया। रातभर पुलिस गांव में तैनात रही। बारिश की वजह से गांव में लोगों की फसलें खराब हो गई। बिजली के पोल टूटकर गिरने से गांव में बिजली गुल रही। वहीं रणजीतपुर से हिमाचल जाने वाली सड़क किनारे से काफी दूर तक कटाव हो गया। वहीं सोम नदी में आए उफान ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी। सोम नदी में तड़के तीन बजे 23,000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। धनौरा में पुल के ऊपर चार इंच तक कीचड़ जमा हो गया। इससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोहगढ़ में भी सोम नदी उफान पर रही। हरिपुर खोल व सोम नदी के उफान से गांव धनौरा, बसातियांवाला, रूकाली, खाूनवाला, चिंतपुर में 500 एकड़ धान, गन्ना व पशु चारे की फसल में पानी प्रवेश कर गया। गांव धनौरा में किसान हरपाल, हिशम सिंह, जसबीर, सतपाल, राहुल, मदन लाल, रोशन लाल, सोनू की धान की फसल नदी के रेत में दब गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के साथ लगी पटरी में भी थोड़ा कटाव हुआ। ज्यादा नुकसान गांव की सड़क को हुआ है। सड़क किनारे कटाव हो गया। जिससे सड़क के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। बिजली के पोल टूट गए। तेज बारिश से शुक्रवार सुबह राजकीय स्कूल काठगढ़ में पानी भर गया। कई कमरों के अंदर पानी पहुंच गया।



सोम के पानी में डूबी 500 एकड़ फसल

सोम नदी के उफान से गांव बसातियांवाला की 300 एकड़ फसल में पानी घुस गया। कई जगह खेतों में दो से तीन फीट तक रेत जमा हो गई। वही गांव मलिकपुर बांगर के समीप सोम नदी का पानी 200 एकड़ फसल में प्रवेश कर गया। किसानों का कहना है कि खेतों से पिछली बार का सोम नदी के उफान का पानी अभी पूरी तरह से नहीं उतरा था अब दोबारा पानी आने से खेतों में तीन से चार फीट तक पानी जमा हो गया। पशुओं के चारे की फसल में पानी आने से खराब होने की कगार पर पहुंच गई है।



पथराला में उफान से 15 एकड़ जमीन में कटाव
छछरौली। पहाड़ी इलाकों में जोरदार बारिश से मैदानी इलाकों में तबाही मच गई। सोम नदी के बाद पथराला नदी ने विकराल रूप से जैतपुर गांव में वन विभाग की 15 एकड़ जमीन में भूमि कटाव हो गया है। वहीं खैर के पेड़ पानी के तेज बहाव में बहते हुए नजर आए। किसानों की भी कई एकड़ जमीन में बड़े स्तर पर कटाव हुआ है। शुक्रवार सुबह सोम नदी उफान पर थी। सोम नदी जैसे ही कुछ शांत हुई तो पथराला (बोली) नदी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया। पहाड़ी इलाकों से उतर कर घाड़ क्षेत्र में बोली नदी ने वन विभाग के दर्जनों एकड़ भूमि में कटाव कर दिया, जिससे खैर के बेशकीमती पेड़ भी तेज बहाव में बहकर आगे चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed