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तहसील कैंप की पंकज टी कंपनी पर 355 डिब्बी इंपोटिड सिगरेट की मिली
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:24 AM IST
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चायपत्ती बेचने वाला बेच रहा था इंपोर्टेड सिगरेट, छापा मारकर 71 सौ सिगरेट की जब्त
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तहसील कैंप स्थित चायपत्ती की एक दुकान पर इंपोर्टेड सिगरेट बेचने का भंडाफोड़ किया है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। सिविल सर्जन पानीपत डॉ. संत लाल वर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत डॉ. मुनीष कुमार, सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सोनीपत गुरचरण सिंह व ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर पानीपत रितू की संयुक्त टीम ने छापामार कर इंपोर्टेड सिगरेट जब्त की। उसके खिलाफ कोटपा एक्ट-2003 के तहत कार्रवाई शुरू की है।
स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव अमित झा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन हरियाणा के आयुक्त डॉ. साकेत कुमार व हरियाणा राजकीय औषधि नियंत्रक नरेंद्र आहूजा के आदेशानुसार सिविल सर्जन पानीपत डॉ. संत लाल वर्मा ने टीम के साथ तहसील कैंप पानीपत में एक दुकान पर कोटपा एक्ट-2003 के तहत बेची जा रही इंपोर्टेड सिगरेट पर चित्रमय चेतावनी न होने के कारण कार्रवाई की है। टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान के मालिक के कब्जे से 355 डिब्बी (7100 सिगरेट) इंपोर्टेड सिगरेट भी बरामद की। जिस पर कोटपा एक्ट-2003 के तहत चित्रमय चेतावनी नहीं दी थी। इंपोर्टेड सिगरेट्स को तहसील कैंप पानीपत पुलिस चौकी के सुपुर्द कर कोटपा एक्ट-2003 के तहत आगामी कार्रवाई के लिए कहा है। कोटपा एक्ट के तहत सिगरेट पर चित्रमय चेतावनी न होने पर दो साल तक की सजा या पांच हजार रुपये जुर्माने या दोनों प्रावधान है। टीम ने कहा भविष्य में भी छापामार कार्रवाई चलती रहेगी। सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने कहा कि यह चिंता का विषय था। इस तरह से सिगरेट नहीं बेची जा सकती। तहसील कैंप चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर दुकानदार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तहसील कैंप स्थित चायपत्ती की एक दुकान पर इंपोर्टेड सिगरेट बेचने का भंडाफोड़ किया है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। सिविल सर्जन पानीपत डॉ. संत लाल वर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत डॉ. मुनीष कुमार, सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सोनीपत गुरचरण सिंह व ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर पानीपत रितू की संयुक्त टीम ने छापामार कर इंपोर्टेड सिगरेट जब्त की। उसके खिलाफ कोटपा एक्ट-2003 के तहत कार्रवाई शुरू की है।
स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव अमित झा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन हरियाणा के आयुक्त डॉ. साकेत कुमार व हरियाणा राजकीय औषधि नियंत्रक नरेंद्र आहूजा के आदेशानुसार सिविल सर्जन पानीपत डॉ. संत लाल वर्मा ने टीम के साथ तहसील कैंप पानीपत में एक दुकान पर कोटपा एक्ट-2003 के तहत बेची जा रही इंपोर्टेड सिगरेट पर चित्रमय चेतावनी न होने के कारण कार्रवाई की है। टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान के मालिक के कब्जे से 355 डिब्बी (7100 सिगरेट) इंपोर्टेड सिगरेट भी बरामद की। जिस पर कोटपा एक्ट-2003 के तहत चित्रमय चेतावनी नहीं दी थी। इंपोर्टेड सिगरेट्स को तहसील कैंप पानीपत पुलिस चौकी के सुपुर्द कर कोटपा एक्ट-2003 के तहत आगामी कार्रवाई के लिए कहा है। कोटपा एक्ट के तहत सिगरेट पर चित्रमय चेतावनी न होने पर दो साल तक की सजा या पांच हजार रुपये जुर्माने या दोनों प्रावधान है। टीम ने कहा भविष्य में भी छापामार कार्रवाई चलती रहेगी। सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा ने कहा कि यह चिंता का विषय था। इस तरह से सिगरेट नहीं बेची जा सकती। तहसील कैंप चौकी प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर दुकानदार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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