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डेंगू का प्रकोप: कंफर्म मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 204, संदिग्ध 351
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:34 AM IST
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डेंगू का प्रकोप: कंफर्म मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 204, संदिग्ध 351
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिले में डेंगू का प्रकोप है, मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में डेंगू के कंफर्म मरीजों की संख्या 204 पहुंच गई है, जबकि संदिग्ध मरीजों की संख्या 351 बताई जा रही है, मगर इसके नियंत्रण के लिए कोई खास प्रयास किए जाते नजर नहीं आ रहे हैं। अफसर डेंगू को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने तक अपने को सीमित रखे हुए हैं। इधर, निजी अस्पताल कड़े निर्देशों के बाद भी डेंगू मरीजों की रिपोर्ट सेहत महकमे से साझा नहीं कर रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब सिविल अस्पताल में नर्स के बेटे की डेंगू से दिल्ली स्थित एम्स में मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेज खंगाला। पहले इलाज के लिए रविंद्रा अस्पताल में भर्ती कराए गए नर्स के बेटे को डेंगू होने की जानकारी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी। अन्य अस्पतालों की भी कारस्तानी सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने अब रविंद्र अस्पताल समेत शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉडल टाउन निवासी सौरभ हांडा व समालखा की कृष्णा कॉलोनी निवासी मनोज की संदिग्ध डेंगू से मौत होने के बाद शनिवार को छुट्टी के दिन भी कार्यालय में रही। जिला मलेरिया अधिकारी ने समालखा एसएमओ से कृष्णा कॉलोनी निवासी मनोज की मौत की रिपोर्ट मांगी। वहीं मॉडल टाउन निवासी सौरभ हांडा की मौत के मामले की खुद जानकारी जुटाई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशि गर्ग ने खुद स्टाफ नर्स किरण भाटिया से बातचीत की। किरण भाटिया ने बताया कि उन्होंने अपने लड़के को मॉडल टाउन स्थित रविंद्र अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां पर उसको डेंगू पॉजिटिव बताया था। उसको किसी तरह का आराम नहीं मिला तो वे उसको एम्स में ले गए थे। जहां पर उसकी वीरवार देर शाम को मौत हो गई। जिला मलेरिया अधिकारी ने रविंद्र अस्पताल से सौरभ हांडा की रिपोर्ट की जानकारी ली। अस्पताल संचालक ने सौरभ हांडा की स्वास्थ्य विभाग के पास रिपोर्ट देने की बात कही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में रविंद्रा अस्पताल द्वारा सौरभ हांडा की भेजी गई रिपोर्ट कहीं पर भी नहीं मिली। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशि गर्ग ने अस्पताल संचालक डॉक्टर से खुद बात की और रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली।
रविंद्र समेत तीन अस्पतालों को नोटिस जारी
स्वास्थ्य विभाग ने सौरभ हांडा की रिपोर्ट न मिलने पर शहर के कई अस्पतालों का रिकॉर्ड जांचा। जिसमें रविंद्र अस्पताल की ओर से दो या तीन मामले डेंगू से संबंधित दूसरे या चौथे दिन भेजना सामने आया। जबकि रविंद्र अस्पताल में बुखार व संदिग्ध डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज हैं। वहीं सनौली रोड स्थित आईबीएम अस्पताल व जीटी रोड सिवाह स्थित पार्क अस्पताल द्वारा भी विभाग को पूरी रिपोर्ट न देना सामने आया। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को ही तीनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। स्वास्थ्य विभाग इन अस्पतालों के खिलाफ मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र लिखेगा। एमसीआई सख्त कदम उठाता है तो अस्पतालों का लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग जांच रहा लारवा
विभाग इसके साथ-साथ घरों व कार्यालयों में लारवा भी जांच रहा है। ऐसे लोगों को साथ के साथ नोटिस जारी किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि डेंगू का लारवा सबसे ज्यादा फ्रिज के पीछे ट्रे में मिल रहा है।
शनिवार को सिविल अस्पताल में बुखार के डेढ़ दर्जन मरीज पहुंचे
सिविल अस्पताल में शनिवार को बुखार के करीब डेढ़ दर्जन मरीज पहुंचे। अस्पताल में ऐसे मरीजों की जांच पूरे दिन चलती रही। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार शनिवार को दीपक निवासी हरिनगर, राहुल निवासी भारत नगर, शकुंतला निवासी सौदापुर, दानिश निवासी देसराज कॉलोनी, आलीशा निवासी खटीक बस्ती, खुशी निवासी बलजीत नगर, मुकेश निवासी न्यू संजय कॉलोनी, सविता, सुनीता निवासी काबड़ी रोड, प्रियंका निवासी सेक्टर-13/17, चंदन निवासी हरिनगर, दीपक निवासी देहरा, अंजली और राजीव निवासी देसराज कॉलोनी दाखिल हुए।
सौरभ हांडा की डेंगू संदिग्ध की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई थी। वे सामान्य अस्पताल में आने वाले हर संदिग्ध की रिपोर्ट भी भेज रहे हैं। वे अस्पताल की रिपोर्टों की दोबारा से जानकारी लेंगे। स्वास्थ्य विभाग की हर प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
डॉ. तुषार कालड़ा, संचालक, रविंद्रा अस्पताल पानीपत।
सौरभ हांडा की संदिग्ध डेंगू की रिपोर्ट रविंद्र अस्पताल से नहीं मिली है। यह अस्पताल संचालक द्वारा बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल की बाकी रिपोर्ट भी नियमित रूप से नहीं आ रही। रविंद्र अस्पताल, आईबीएम व पार्क अस्पताल को नोटिस जारी कर दिया है। अस्पताल संचालक किसी तरह की लापरवाही करते हैं तो एमसीआई को आगामी कार्रवाई के लिए पत्र लिखेगा।
डॉ. शशि गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ, पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिले में डेंगू का प्रकोप है, मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में डेंगू के कंफर्म मरीजों की संख्या 204 पहुंच गई है, जबकि संदिग्ध मरीजों की संख्या 351 बताई जा रही है, मगर इसके नियंत्रण के लिए कोई खास प्रयास किए जाते नजर नहीं आ रहे हैं। अफसर डेंगू को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने तक अपने को सीमित रखे हुए हैं। इधर, निजी अस्पताल कड़े निर्देशों के बाद भी डेंगू मरीजों की रिपोर्ट सेहत महकमे से साझा नहीं कर रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब सिविल अस्पताल में नर्स के बेटे की डेंगू से दिल्ली स्थित एम्स में मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेज खंगाला। पहले इलाज के लिए रविंद्रा अस्पताल में भर्ती कराए गए नर्स के बेटे को डेंगू होने की जानकारी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी थी। अन्य अस्पतालों की भी कारस्तानी सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने अब रविंद्र अस्पताल समेत शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉडल टाउन निवासी सौरभ हांडा व समालखा की कृष्णा कॉलोनी निवासी मनोज की संदिग्ध डेंगू से मौत होने के बाद शनिवार को छुट्टी के दिन भी कार्यालय में रही। जिला मलेरिया अधिकारी ने समालखा एसएमओ से कृष्णा कॉलोनी निवासी मनोज की मौत की रिपोर्ट मांगी। वहीं मॉडल टाउन निवासी सौरभ हांडा की मौत के मामले की खुद जानकारी जुटाई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशि गर्ग ने खुद स्टाफ नर्स किरण भाटिया से बातचीत की। किरण भाटिया ने बताया कि उन्होंने अपने लड़के को मॉडल टाउन स्थित रविंद्र अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां पर उसको डेंगू पॉजिटिव बताया था। उसको किसी तरह का आराम नहीं मिला तो वे उसको एम्स में ले गए थे। जहां पर उसकी वीरवार देर शाम को मौत हो गई। जिला मलेरिया अधिकारी ने रविंद्र अस्पताल से सौरभ हांडा की रिपोर्ट की जानकारी ली। अस्पताल संचालक ने सौरभ हांडा की स्वास्थ्य विभाग के पास रिपोर्ट देने की बात कही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में रविंद्रा अस्पताल द्वारा सौरभ हांडा की भेजी गई रिपोर्ट कहीं पर भी नहीं मिली। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शशि गर्ग ने अस्पताल संचालक डॉक्टर से खुद बात की और रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली।
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रविंद्र समेत तीन अस्पतालों को नोटिस जारी
स्वास्थ्य विभाग ने सौरभ हांडा की रिपोर्ट न मिलने पर शहर के कई अस्पतालों का रिकॉर्ड जांचा। जिसमें रविंद्र अस्पताल की ओर से दो या तीन मामले डेंगू से संबंधित दूसरे या चौथे दिन भेजना सामने आया। जबकि रविंद्र अस्पताल में बुखार व संदिग्ध डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज हैं। वहीं सनौली रोड स्थित आईबीएम अस्पताल व जीटी रोड सिवाह स्थित पार्क अस्पताल द्वारा भी विभाग को पूरी रिपोर्ट न देना सामने आया। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को ही तीनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। स्वास्थ्य विभाग इन अस्पतालों के खिलाफ मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र लिखेगा। एमसीआई सख्त कदम उठाता है तो अस्पतालों का लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग जांच रहा लारवा
विभाग इसके साथ-साथ घरों व कार्यालयों में लारवा भी जांच रहा है। ऐसे लोगों को साथ के साथ नोटिस जारी किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि डेंगू का लारवा सबसे ज्यादा फ्रिज के पीछे ट्रे में मिल रहा है।
शनिवार को सिविल अस्पताल में बुखार के डेढ़ दर्जन मरीज पहुंचे
सिविल अस्पताल में शनिवार को बुखार के करीब डेढ़ दर्जन मरीज पहुंचे। अस्पताल में ऐसे मरीजों की जांच पूरे दिन चलती रही। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार शनिवार को दीपक निवासी हरिनगर, राहुल निवासी भारत नगर, शकुंतला निवासी सौदापुर, दानिश निवासी देसराज कॉलोनी, आलीशा निवासी खटीक बस्ती, खुशी निवासी बलजीत नगर, मुकेश निवासी न्यू संजय कॉलोनी, सविता, सुनीता निवासी काबड़ी रोड, प्रियंका निवासी सेक्टर-13/17, चंदन निवासी हरिनगर, दीपक निवासी देहरा, अंजली और राजीव निवासी देसराज कॉलोनी दाखिल हुए।
सौरभ हांडा की डेंगू संदिग्ध की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई थी। वे सामान्य अस्पताल में आने वाले हर संदिग्ध की रिपोर्ट भी भेज रहे हैं। वे अस्पताल की रिपोर्टों की दोबारा से जानकारी लेंगे। स्वास्थ्य विभाग की हर प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
डॉ. तुषार कालड़ा, संचालक, रविंद्रा अस्पताल पानीपत।
सौरभ हांडा की संदिग्ध डेंगू की रिपोर्ट रविंद्र अस्पताल से नहीं मिली है। यह अस्पताल संचालक द्वारा बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल की बाकी रिपोर्ट भी नियमित रूप से नहीं आ रही। रविंद्र अस्पताल, आईबीएम व पार्क अस्पताल को नोटिस जारी कर दिया है। अस्पताल संचालक किसी तरह की लापरवाही करते हैं तो एमसीआई को आगामी कार्रवाई के लिए पत्र लिखेगा।
डॉ. शशि गर्ग, जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ, पानीपत।