{"_id":"621e7dd6091c9b7f3c2fb1be","slug":"140-who-served-in-the-movement-were-awarded-the-kisan-yoddha-ratna-panipat-news-knl100568170","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंदोलन में सेवा करने वाले 140 को किसान योद्धा रत्न से नवाजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंदोलन में सेवा करने वाले 140 को किसान योद्धा रत्न से नवाजा
विज्ञापन
मतलौडा। मतलौडा के शिव मंदिर में किसानो को सम्मानित करते प्रधान सोनू मालपुरियां
- फोटो : Panipat
मतलौडा। बाबा महेश नाथ मंदिर में मंगलवार को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में किसान सम्मेलन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान सोनू मालपुरिया ने शिरकत की। यहां प्रसाद ग्रहण करने के बाद किसान यूनियन के ब्लॉक प्रधान रामनिवास देशवाल की अध्यक्षता में किसान सम्मान सम्मेलन आयोजित किया गया।
इसमें किसान आंदोलन में धरना प्रदर्शन, उत्कृष्ट सेवा और संघर्ष करने वाले 140 किसानों को किसान योद्धा रत्न प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें मुख्य रूप से सुनहरा खरब, प्रताप दहिया, दया सिंह पाथरी, बलबीर कवि, बिजेंद्र, जोगेंद्र देशवाल, नंदा देशवाल, रामदयाल, दिलबाग, सतवीर देशवाल समेत अन्य किसानों को भी सम्मानित किया गया।
किसान यूनियन के जिला प्रधान सोनू मालपुरिया ने कहा कि सरकार ने एनसीआर में 10 से 15 साल पुराने ट्रैक्टर सड़क पर न चलने देने का कानून बनाया गया है। अगर किसानों को 10 साल बाद ट्रैक्टर बदलने पड़े तो देश के हालात खराब हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसान का ट्रैक्टर करीब 35 से 40 साल तक चलना चाहिए। अगर सरकार ने किसी भी किसान को तंग किया गया तो किसान फिर से अप्रैल माह में आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। सरकार से मांग है कि किसानों को कोई भी नुकसान न किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें किसान आंदोलन में धरना प्रदर्शन, उत्कृष्ट सेवा और संघर्ष करने वाले 140 किसानों को किसान योद्धा रत्न प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें मुख्य रूप से सुनहरा खरब, प्रताप दहिया, दया सिंह पाथरी, बलबीर कवि, बिजेंद्र, जोगेंद्र देशवाल, नंदा देशवाल, रामदयाल, दिलबाग, सतवीर देशवाल समेत अन्य किसानों को भी सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
किसान यूनियन के जिला प्रधान सोनू मालपुरिया ने कहा कि सरकार ने एनसीआर में 10 से 15 साल पुराने ट्रैक्टर सड़क पर न चलने देने का कानून बनाया गया है। अगर किसानों को 10 साल बाद ट्रैक्टर बदलने पड़े तो देश के हालात खराब हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसान का ट्रैक्टर करीब 35 से 40 साल तक चलना चाहिए। अगर सरकार ने किसी भी किसान को तंग किया गया तो किसान फिर से अप्रैल माह में आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। सरकार से मांग है कि किसानों को कोई भी नुकसान न किया जाए।
विज्ञापन