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Panipat News: पानीपत में 1.40 लाख लोग ह्दय की बीमारियों से ग्रस्त, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज नहीं
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पानीपत। टेक्सटाइल नगर में लगभग 1.40 लाख लोग ह्दय रोगों से जूझ रहे हैं। जिले में हर पांचवीं मौत का कारण ह्दय घात मिल रहा है। पिछले दो साल में तो ह्दय रोगी दोगुना रफ्तार से बढ़े हैं। जिले के पांच बड़े निजी अस्पतालों व जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन की ह्दय की ओपीडी 500 से ज्यादा हैं। हर रोज औसतन 30 लोगों की एंजियोग्राफी हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में की इमरजेंसी में नौ माह में 630 ह्दय रोगी आए हैं। जिनको यहां स्थिर कर किसी हायर हेल्थ सेंटर में रेफर किया गया।
यह विडंबना है कि जिस शहर में 1.40 लाख लोग ह्दय की बीमारियों से ग्रस्त हैं। वहां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ह्दय के रोगियों के लिए सेटअप ही नहीं है। कार्डियोलॉजिस्ट के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जहां इलाज में लाखों खर्च होते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1600 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। यहां इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) कराने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। हर रोज जिला नागरिक अस्पताल में 50 से अधिक लोगों की धड़कन ईसीजी से नापी जा रही है। मरीजों की संख्या देखते हुए जिला नागरिक अस्पताल मेूं दो ईसीजी मशीन उपलब्ध कराई गई। अस्पतालों में यह मशीन होना बेहतद जरूरी है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधा न मिल पाने के कारण बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और मरीज को बचाना संभव नहीं हो पाता। ईसीजी मशीन से तत्काल जांच कर परिणाम तक पहुंचना आसान हो जाता है कि मरीज हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित है या नहीं।
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नियमित व्यायाम करें- डॉ. रविंद्र
ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र भुक्कर ने बताया कि अब 30-40 वर्ष की आयु के बीच अधिक ह्दय रोगी मिल रहे हैं। इसका बड़ा कारण धुम्रपान, खान पान व लाइफ स्टाइल है। अब स्मॉग बढ़ेगी तो यह भी एक ह्दय रोगों का बडा कारण होगा। जिले में हर 10 में से एक ह्दय रोगी है। ह्दय घात से मौत का कारण बहुत अधिक बढ़ गया है। इसलिए हमें समय समय पर जांच करानी चाहिए। जीवन शैली में आए बदलाव व अनियमित खानपान के कारण लोग उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का शिकार हो रहे हैं। इससे हार्टअटैक आने का सबसे ज्यादा आशंका रहती है। संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां खाएं और नमक प्रतिदिन पांच ग्राम से कम खाएं। अपने वजन को नियंत्रित रखें। तंबाकू व शराब न पीए। मानसिक तनाव को कम करें व नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
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यह विडंबना है कि जिस शहर में 1.40 लाख लोग ह्दय की बीमारियों से ग्रस्त हैं। वहां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ह्दय के रोगियों के लिए सेटअप ही नहीं है। कार्डियोलॉजिस्ट के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जहां इलाज में लाखों खर्च होते हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1600 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। यहां इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) कराने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। हर रोज जिला नागरिक अस्पताल में 50 से अधिक लोगों की धड़कन ईसीजी से नापी जा रही है। मरीजों की संख्या देखते हुए जिला नागरिक अस्पताल मेूं दो ईसीजी मशीन उपलब्ध कराई गई। अस्पतालों में यह मशीन होना बेहतद जरूरी है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधा न मिल पाने के कारण बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और मरीज को बचाना संभव नहीं हो पाता। ईसीजी मशीन से तत्काल जांच कर परिणाम तक पहुंचना आसान हो जाता है कि मरीज हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित है या नहीं।
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नियमित व्यायाम करें- डॉ. रविंद्र
ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र भुक्कर ने बताया कि अब 30-40 वर्ष की आयु के बीच अधिक ह्दय रोगी मिल रहे हैं। इसका बड़ा कारण धुम्रपान, खान पान व लाइफ स्टाइल है। अब स्मॉग बढ़ेगी तो यह भी एक ह्दय रोगों का बडा कारण होगा। जिले में हर 10 में से एक ह्दय रोगी है। ह्दय घात से मौत का कारण बहुत अधिक बढ़ गया है। इसलिए हमें समय समय पर जांच करानी चाहिए। जीवन शैली में आए बदलाव व अनियमित खानपान के कारण लोग उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का शिकार हो रहे हैं। इससे हार्टअटैक आने का सबसे ज्यादा आशंका रहती है। संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां खाएं और नमक प्रतिदिन पांच ग्राम से कम खाएं। अपने वजन को नियंत्रित रखें। तंबाकू व शराब न पीए। मानसिक तनाव को कम करें व नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच करवाएं।