{"_id":"696d4e80d2e83079c000af21","slug":"14-year-old-drishti-jaglan-of-jaundhan-kalan-is-making-a-name-for-herself-in-karate-panipat-news-c-244-1-pnp1011-150783-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: जौंधन कलां की 14 वर्षीय दृष्टि जागलान कराटे में चमका रहीं नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: जौंधन कलां की 14 वर्षीय दृष्टि जागलान कराटे में चमका रहीं नाम
विज्ञापन
दृष्टि जागलान। स्वयं
पानीपत। जिले के जौंधन कलां गांव की 14 वर्षीय दृष्टि जागलान कम उम्र में कराटे के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृष्टि ने यह साबित कर दिया है कि अनुशासन और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
दृष्टि ने जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, वहीं राज्य स्तर पर भी उन्होंने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। जुलाई 2025 में पानीपत में आयोजित जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना उनके करियर की अहम उपलब्धियों में से है।
दृष्टि की कहानी केवल खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और आत्मविश्वास की प्रेरक मिसाल भी है, उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार की जिम्मेदारियों और भविष्य की चिंता के बीच दृष्टि को आगे बढ़ाने का दायित्व उनके दादा नफे सिंह निभा रहे हैं। नफे सिंह ही दृष्टि की पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दृष्टि की मां पूनम गृहिणी हैं और बेटी के हर मुकाबले में उसे भावनात्मक संबल देती हैं।
विज्ञापन
दृष्टि वर्तमान में नौवीं कक्षा की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी बराबर महत्व देती हैं।
दृष्टि पिछले चार वर्षों से इसराना स्थित यूनाइटेड मार्शल आर्ट्स एकेडमी में कोच अंकित जागलान से प्रशिक्षण ले रही हैं। यहां उन्हें कोच अंकित जागलान का मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच अंकित जागलान ने बताया कि दृष्टि अभ्यास के दौरान कभी भी लापरवाही नहीं बरतती और हर तकनीक को पूरी गंभीरता से सीखती हैं। दृष्टि में आगे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की पूरी क्षमता है, जरूरत है तो बस निरंतर अभ्यास और सही सहयोग की। दृष्टि जागलान ने बताया कि वह आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपने गांव और परिवार का नाम और ऊंचा करना चाहती हैं। परिवार और कोच का सहयोग उन्हें हर कठिनाई से उबरने की ताकत देता है।
विज्ञापन
दृष्टि ने जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, वहीं राज्य स्तर पर भी उन्होंने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। जुलाई 2025 में पानीपत में आयोजित जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना उनके करियर की अहम उपलब्धियों में से है।
विज्ञापन
दृष्टि की कहानी केवल खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और आत्मविश्वास की प्रेरक मिसाल भी है, उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार की जिम्मेदारियों और भविष्य की चिंता के बीच दृष्टि को आगे बढ़ाने का दायित्व उनके दादा नफे सिंह निभा रहे हैं। नफे सिंह ही दृष्टि की पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दृष्टि की मां पूनम गृहिणी हैं और बेटी के हर मुकाबले में उसे भावनात्मक संबल देती हैं।
विज्ञापन
दृष्टि वर्तमान में नौवीं कक्षा की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी बराबर महत्व देती हैं।
दृष्टि पिछले चार वर्षों से इसराना स्थित यूनाइटेड मार्शल आर्ट्स एकेडमी में कोच अंकित जागलान से प्रशिक्षण ले रही हैं। यहां उन्हें कोच अंकित जागलान का मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच अंकित जागलान ने बताया कि दृष्टि अभ्यास के दौरान कभी भी लापरवाही नहीं बरतती और हर तकनीक को पूरी गंभीरता से सीखती हैं। दृष्टि में आगे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की पूरी क्षमता है, जरूरत है तो बस निरंतर अभ्यास और सही सहयोग की। दृष्टि जागलान ने बताया कि वह आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर अपने गांव और परिवार का नाम और ऊंचा करना चाहती हैं। परिवार और कोच का सहयोग उन्हें हर कठिनाई से उबरने की ताकत देता है।