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एडीसी ऑफिस की सहायक चोरी का केस दर्ज होने के बाद से फरार
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एडीसी ऑफिस की सहायक चोरी का केस दर्ज होने के बाद से फरार
पानीपत। एडीसी ऑफिस में सहायक पद पर कार्यरत सोनिया ने उसी के द्वारा की गई 11 लाख रुपयों की ठगी के शिकायत पत्र को एडीसी के पीए के कमरे से चोरी कर ली। चोरी का खुलासा पीए के कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हुआ। इसके बाद एडीसी ने इसकी शिकायत थाना शहर पुलिस को दी थी। पुलिस ने संबंधित मामले में सोनिया के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। मामले की जांच में शामिल होने के लिए जब आरोपी सोनिया को पुलिस की ओर से फोन किया गया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया। जिसके बाद सोनिया के घर तहसील कैंप में भी दबिश दी। लेकिन आरोपी घर पर भी मौजूद नहीं मिली। वहीं शु्क्रवार को भी थाना शहर पुलिस की एक टीम ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा।
ये था मामला:
सहारनपुर रतनपुर कल्यानपुर निवासी बबली देवी ने बताया कि उनके पति सुभाष सागर व उसका भाई रामकुमार चाय की दुकान संचालक है। उनकी दुकान पर सोनिया का आना-जाना है। सोनिया ने उन्हें खुद को एडीसी पानीपत की कार्यालय में कार्यरत होना बताया और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकान बनाने के लिए 3-3 लाख रुपये दिलाने का झांसा दिया। जिसके लिए सोनिया ने उनसे 25-25 हजार रुपये भी मांगे। जिसके बाद सुभाष ने करीब 40 लोगों के रुपये इकट्ठे किए व 11 लाख रुपये सोनिया को सौंप दिए। आरोपियों ने कुछ फर्जी चेक पीड़ितों को थमाये। रुपये मांगने पर आरोपी महिला ने एक नाबालिग लड़की व पुलिस के साथ मिलीभगत कर रुपए देने के बहाने पानीपत बुलाया। जहां पर उनको रेप केस में फंसा दिया। जिसके बाद से दोनों जेल में है। ठगी पीड़ितों ने बुधवार को एक शिकायत पत्र एडीसी को दिया था। जोकि चोरी हो गया था। शिकायत पत्र चोरी होने के बाद एडीसी ने सीसीटीवी कैमरे की जांच करवाई। जिसमें आरोपी सोनिया शिकायत पत्र चुराती हुई नजर आई। इसके बाद बुधवार को ही एडीसी के आदेश पर डीईओ एनआरएलएम सुरेंद्र ने थाना शहर पुलिस में केस दर्ज करवाया।
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पानीपत। एडीसी ऑफिस में सहायक पद पर कार्यरत सोनिया ने उसी के द्वारा की गई 11 लाख रुपयों की ठगी के शिकायत पत्र को एडीसी के पीए के कमरे से चोरी कर ली। चोरी का खुलासा पीए के कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हुआ। इसके बाद एडीसी ने इसकी शिकायत थाना शहर पुलिस को दी थी। पुलिस ने संबंधित मामले में सोनिया के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। मामले की जांच में शामिल होने के लिए जब आरोपी सोनिया को पुलिस की ओर से फोन किया गया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया। जिसके बाद सोनिया के घर तहसील कैंप में भी दबिश दी। लेकिन आरोपी घर पर भी मौजूद नहीं मिली। वहीं शु्क्रवार को भी थाना शहर पुलिस की एक टीम ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा।
ये था मामला:
सहारनपुर रतनपुर कल्यानपुर निवासी बबली देवी ने बताया कि उनके पति सुभाष सागर व उसका भाई रामकुमार चाय की दुकान संचालक है। उनकी दुकान पर सोनिया का आना-जाना है। सोनिया ने उन्हें खुद को एडीसी पानीपत की कार्यालय में कार्यरत होना बताया और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकान बनाने के लिए 3-3 लाख रुपये दिलाने का झांसा दिया। जिसके लिए सोनिया ने उनसे 25-25 हजार रुपये भी मांगे। जिसके बाद सुभाष ने करीब 40 लोगों के रुपये इकट्ठे किए व 11 लाख रुपये सोनिया को सौंप दिए। आरोपियों ने कुछ फर्जी चेक पीड़ितों को थमाये। रुपये मांगने पर आरोपी महिला ने एक नाबालिग लड़की व पुलिस के साथ मिलीभगत कर रुपए देने के बहाने पानीपत बुलाया। जहां पर उनको रेप केस में फंसा दिया। जिसके बाद से दोनों जेल में है। ठगी पीड़ितों ने बुधवार को एक शिकायत पत्र एडीसी को दिया था। जोकि चोरी हो गया था। शिकायत पत्र चोरी होने के बाद एडीसी ने सीसीटीवी कैमरे की जांच करवाई। जिसमें आरोपी सोनिया शिकायत पत्र चुराती हुई नजर आई। इसके बाद बुधवार को ही एडीसी के आदेश पर डीईओ एनआरएलएम सुरेंद्र ने थाना शहर पुलिस में केस दर्ज करवाया।
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