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चुनाव प्रचार सामग्री बेचने के लिए दिल्ली के व्यपारियों ने पानीपत में ली 15-15 दिन के लिए दुकान किराए पर

Wed, 12 Dec 2018 12:03 AM IST
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:03 AM IST
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चुनाव प्रचार सामग्री बेचने के लिए दिल्ली के व्यपारियों ने पानीपत में ली 15-15 दिन के लिए दुकान किराए पर
चुनाव प्रचार सामग्री बेचने के लिए दिल्ली के व्यापारियों ने पानीपत में ली 15-15 दिन के लिए किराये पर दुकान
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पानीपत। नगर निगम चुनाव के चलते पूरा शहर चुनाव प्रचार सामग्रियों से भर गया है। हर चौक चौराहे पर बैनर पोस्टर, फ्लैक्स बोर्ड लगे हुए है। इन बैनर व फ्लैक्स बोर्ड के पीछेे एक बड़ा कारोबार छिपा हुआ है। पानीपत में दिल्ली से लगभग 45 व्यापारियों ने शहर के हर क्षेत्र में चुनाव प्रचार सामग्री की दुकान खोल ली है। जिनका लाखों का बिजनेस है। उन व्यापारियों ने 10 से 30 हजार तक के किराए में 15 दिनों के लिए दुकानें ली हैं। जिनपर हर प्रकार की प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में प्रचार सामग्री बेच कर आए हैं व्यापारी :
लगभग सभी व्यापारी गत दिनों पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में प्रचार सामग्री बेच कर पानीपत पहुंचे हैं। व्यापारियों ने बताया कि वह हर इलेक्शन में अलग-अलग जगह जाकर चुनाव प्रचार सामग्री बेचते हैं। हर क्षेत्र में उनकी छोटी छोटी इकाइयां होती है। वह हर नगर निगम, विधानसभा व लोकसभा में चुनाव प्रचार सामग्री बेचते हैं।
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लाउड स्पीकर के लिए की जा रही रिकॉर्डिंग, प्रचार गाड़ियों के भी ले रहे ठेके :
झंडे व डंडे के साथ-साथ प्रत्याशी की ही आवाज में प्रचार के लिए रिकार्डिंग भी उपलब्ध करवाई जा रही है। रिकार्डिंग के लिए पांच से छह हजार रुपये लिए जा रहे हैं। साथ में शहर में घूम रही प्रचार गाड़ियों के लिए भी प्रचार सामग्री वाले ठेके पर ई रिक्शा उपलब्ध करवा रहे हैं। उन्होंने ई रिक्शा वालों के साथ कमीशन पर बात कर रखी है।
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पॉलीथिन की बजाए इको फ्रेंडली झंडो का हुआ चलन :
पहले छोटे छोटे झंडे पॉलीथिन से बनाए जाते थे, जो इलेक्शन खत्म होते ही सड़कों व नालों में पड़े रहते थे। पॉलीथिन वाले झंडे डिकंपॉज नहीं होते, इसलिए अबकी बार इको फ्रेंडली झंडे ज्यादा चलन में हैं। जो सस्ते भी है।
नगर निगम चुनाव में चुनाव चिन्ह देरी से आने के कारण होती है दिक्कतें :
व्यापारियों ने कहा कि विधानसभा व लोकसभा में चुनाव चिन्ह पहले से ही तय हाते हैै। इसलिए इन चुनावों में पहले से ही प्रचार सामग्री तैयार कर ली जाती है, लेकिन नगर निगम चुनाव में चुनाव चिन्ह लेट आते हैं, जिस कारण अचानक से काम का बोझ आ जाता है। जिससे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

गलत छपने से हो जाता है हजारों का नुकसान :
कईं बार बैनर पर कुछ गलत छप जाता है, जिस कारण वो सारा नुकसान उनको झेलना पड़ता है। गलत छपने पर सारा माल रद्दी हो जाता है।
राजस्थान चुनाव के बाद पहुंचे पानीपत :- चेतन अग्रवाल
दिल्ली विश्वासनगर के रहने वाले चेतन अग्रवाल ने बताया कि वह राजस्थान चुनावों में चुनाव सामग्री बेचकर पानीपत पहुंचे हैं। उन्होंने पानीपत में तीस हजार रुपये में दुकान किराए पर ली है। इस कारोबार में उनकी अब तक तीन लाख से अधिक की सेल हो चुकी है। वो पांच राज्यों के चुनाव में भी चुनाव प्रचार सामग्री बेच कर आए है।

आफद खान : पुजा नगर दिल्ली का रहने वाले आफद खान ने कहा कि उन्होंने दस हजार में 15 दिनों के लिए दुकान किराए पर ली है। रोजाना तीस से चालिस हजार का कारोबार हो रहा है, लेकिन फिर भी अन्य क्षेत्रों से मुनाफा कम ही हो रहा है।
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