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झोलाछाप डॉक्टर अवैध रूप से करता था लोगों का इलाज, स्वास्थ्य विभाग ने मारा छापा, गिरफ्तार
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:41 AM IST
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बिना लाइसेंस चल रहा था क्लीनिक, संचालक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने भैंसवाल मोड़ स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापा मारा। वहां न कोई लाइसेंस और न ही कागजात मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा व मशीनें जब्त कर उसके खिलाफ सदर थाना पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील कर दिया है।
सीएम विंडो से सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण बागड़ी को भैंसवाल मोड़ के पास अवैध रूप से चल रहे जनता क्लीनिक के बारे में सूचना मिली थी। शिकायत थी कि इसके संचालक लखन सिंह पुत्र खजान सिंह निवासी भैंसवाल के पास न तो कोई लाइसेंस है और ही कोई डिग्री है। इसी शिकायत पर सिविल सर्जन ने एसएमओ डॉ. कर्मवीर चोपड़ा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इसमें डीसीओ विजय राजे, डॉ सुखदीप कौर व डॉ. रजत शामिल थे। टीम ने क्लीनिक पर छापा मारकर लखन सिंह से लाइसेंस व कागजात मांगे। लेकिन उसके पास कुछ नहीं मिला। उसके क्लीनिक पर प्रतिबंधित दवाएं, इंजेक्शन समेत काफी सामान मिला। टीम के अनुसार आरएमपी डॉक्टर को हिंदी तक नहीं लिखनी आती थी। उसका सामान जब्त कर लिया गया है।
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बिना लाइसेंस चल रहा था क्लीनिक, संचालक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने भैंसवाल मोड़ स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापा मारा। वहां न कोई लाइसेंस और न ही कागजात मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा व मशीनें जब्त कर उसके खिलाफ सदर थाना पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक को सील कर दिया है।
सीएम विंडो से सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण बागड़ी को भैंसवाल मोड़ के पास अवैध रूप से चल रहे जनता क्लीनिक के बारे में सूचना मिली थी। शिकायत थी कि इसके संचालक लखन सिंह पुत्र खजान सिंह निवासी भैंसवाल के पास न तो कोई लाइसेंस है और ही कोई डिग्री है। इसी शिकायत पर सिविल सर्जन ने एसएमओ डॉ. कर्मवीर चोपड़ा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इसमें डीसीओ विजय राजे, डॉ सुखदीप कौर व डॉ. रजत शामिल थे। टीम ने क्लीनिक पर छापा मारकर लखन सिंह से लाइसेंस व कागजात मांगे। लेकिन उसके पास कुछ नहीं मिला। उसके क्लीनिक पर प्रतिबंधित दवाएं, इंजेक्शन समेत काफी सामान मिला। टीम के अनुसार आरएमपी डॉक्टर को हिंदी तक नहीं लिखनी आती थी। उसका सामान जब्त कर लिया गया है।
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