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पांच साल पहले जले घर का मुआवजा 45 हजार पाने के लिए छह माह से 16 किमी का चक्कर लगा रही है विधवा

Sat, 31 Mar 2018 11:59 PM IST
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:59 PM IST
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पांच साल पहले जले घर का मुआवजा 45 हजार पाने के लिए छह माह से 16 किमी का चक्कर लगा रही है विधवा
पांच साल पहले जले घर का मुआवजा 45 हजार पाने के लिए छह माह से चक्कर लगा रही है विधवा
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- अधिकारियों का तर्क, सरकार के पास पैसा नहीं, ग्रांट आने पर मिलेगी राशि
- उपायुक्त ने कहा मामला संज्ञान में नहीं, जल्द कराएंगी भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर स्थित राम नगर कॉलोनी मतलौडा की रहने वाली विधवा को पांच साल पहले मारपीट के दौरान जलाए गए घर का मुआवजा अब तक नहीं मिल रहा है। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए माया देवी कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री से मिलने आई थी। मंत्री से मिलना तो दूर की बात किसी ने उसकी न सुनी।
अमर उजाला से बातचीत के दौरान माया देवी ने कहा कि जोगियों का झगड़ा था। पांच साल पहले उस दौरान दलित परिवार का घर व जानवर जला दिया गया। बहुत मुश्किल से प्रशासन ने साढ़े चार साल में 45 हजार मुआवजा तय किया। अब उसके लिए भी चक्कर लगाने पड़ते हैं। समाज कल्याण विभाग के लोग कहते हैं कि सरकार के पास पैसा नहीं है। ग्रांट आने पर मुआवजा दिया जाएगा। दलित विधवा महिला ने 16 किमी की दूरी तय कर अपना काम तो पूरा कर लिया। माया देवी के बच्चे उससे अलग हैं। उसके पास जीवनयापन का कोई सहारा नहीं है। मुआवजे की राशि मिलने से उसे बहुत उम्मीद है।
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सुपर डांसर के गुरु को सरकार जब चाहे तक स्टेज पर नचवाती है, अब तक काट रहा है चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सुपर डांसर वैष्णवी के गुरु राधे को पानीपत में कौन नहीं जानता है। दोनों पैर से विकलांग होने के बाद भी उनकी कला से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल कायल हैं। जहां पर प्रदेश की बात आती है वीवीआईपी के आयोजन में राधे की डांस का प्रदर्शन जरूर होता है। उसमें देश भक्ति के गीत पर नाचना और हाथ में तिरंगा लेकर उसे ऊपर लहराने का नजारा अलग होता है।
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राधे बताते हैं कि लगभग तीन साल पहले पीआईआईटी कॉलेज के समारोह में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज मुख्य अतिथि थे। वहां पर उन्होंने उनका प्रदर्शन देखकर अपने कोष से दो लाख रुपये देने की घोषणा की। उसके बाद मंत्री के पीए की ओर से एक पत्र भी उपायुक्त को लिखा गया। इसमें संस्था से संबधित कागजात मांगे गए थे। राधे अपने भाई के साथ चक्कर लगा रहा है। उसे अब तक कोई सुनने वाला नहीं मिला। शुक्रवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री जी से मिलने का प्रयास किया। मुलाकात नहीं हो पाई। रेस्ट हाउस पहुंचा तो मंत्री जी का मिलना तो दूर उनके पीए साहब से भी मुलाकात नहीं हुई। राधे ने बताया मुझे सब पहचानते हैं पर मेरे काम के बारे में कोई कुछ नहीं कहता है।
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