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-आरोपी को काबू करने से शुरू मामला प्रिंसिपल को हटाने तक पहुंचा

Fri, 29 Sep 2017 12:19 AM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:19 AM IST
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-आरोपी को काबू करने से शुरू मामला प्रिंसिपल को हटाने तक पहुंचा
फोटो-1
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मैं भी एक बेटी की मां, इस्तीफा मेरे लिए फांसी की सजा
- अमिता कोचर ने पूरे एपीसोड में अब तक के घटनाक्रम पर जताई चिंता

अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
मिलेनियम स्कूल में चौथी कक्षा की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ व दुराचार के प्रयास के मामले में स्कूल प्रिंसिपल अमिता कोचर मीडिया के सामने खुलकर सामने आई हैं। अमिता कोचर ने अमर उजाला के सवालों का जवाब दिया और खुद को निर्दोष भी बताया।

सवाल : आप स्कूल में बतौर प्रिंसिपल कब से हैं।
जवाब : स्कूल 2009 में पानीपत में स्थापित हुआ था। मैं स्कूल में पहले दिन से ही बतौर प्रिंसिपल कार्यरत हूं। मैंने नौ साल तक इस पौधे को पेड़ बनाने में अपने परिवार को भी पीछे छोड़ दिया।
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सवाल : प्रबंधन द्वारा आपको हटाया गया है या फिर आपने इस्तीफा दिया है।
जवाब : मैं इस पूरे मामले के सामने आने के बाद आहत थी और मैं स्कूल को लंबे समय तक बंद नहीं देखना चाहती थी। मैंने खुद प्रबंधन को अपना इस्तीफा दिया है।
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सवाल : आप इस मामले के बाद कैसा महसूस करती हैं?
जवाब : मेरा स्कूल से इस्तीफा मेरे लिए फांसी की सजा जैसा है। मैं भी एक बेटी की मां हूं और इस मामले में एक मां का दर्द समझती हूं। मैं भी बच्ची को न्याय दिलाना चाहती हूं और पहले दिन से ही खुद भी आरोपी को सामने लाने में लगी हुई हूं।
सवाल : बच्ची के पेरेंट्स का आरोप है कि इस मामले में सहयोग नहीं दिया गया।
जवाब : बच्ची के पेरेंट्स ने शाम को ही मुझे फोन कर इसकी जानकारी दी थी। मैंने उनको तुरंत अपने घर बुलाया था और उनसे बातचीत करने के बाद उनको पुलिस स्टेशन जाने की सलाह दी थी। मैं उसी वक्त स्कूल में आ गई थी और पूरे स्टाफ को बुला लिया था।
सवाल : आप पर सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप।
जवाब : मैंने पुलिस को सीसीटीवी की सभी फुटेज, बायोमैट्रिक व हाजिरी रजिस्टर समेत सभी दस्तावेज तुरंत सौंप दिए थे। मैं मामला सामने आने के बाद खुद रात को दो बजे घर आई हूं। मैं उन दिनों 30 घंटे में चार या पांच घंटे ही घर आई थी। सीसीटीवी फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसमें दो प्रतिशत सच सामने आ जाएगा।
सवाल : पेरेंट्स व पेरेंट्स एसोसिएशन आपको हटाने की मांग की रहे हैं।
जवाब : मामला बच्ची को न्याय दिलाने और आरोपी को सबके सामने लाने का है। इस पूरे मामले में राजनीति हावी हो गई है। लोगों ने न्याय को पीछे छोड़ मुझे निशाना बना लिया है। मैं एसआईटी की जांच में पूरा सहयोग दे रही हूं। लोग पूरे मामले को अब समझने लगे हैं।
सवाल : पीड़ित बच्ची व उसके पेरेंट्स के बारे में क्या कहना है।
जवाब : बच्ची घटना के वक्त स्कूल में थी। बच्ची को लेकर मेरी पूरी जिम्मेदारी थी और मैंने अपनी जिम्मेदारी निर्वाह भी किया है। मेरी पेरेंट्स के साथ भी पूरी सहानुभूति है।
सवाल : आरोपी स्वीपर के परिजन उसको निर्दोष बता रहे हैं। आपका क्या कहना है।
जवाब : यह काम पुलिस व एसआईटी का है। इस मामले में वे भी बेहतर बता सकते हैं। लोगों को पूरे मामले की दिशा बदलने की बजाय समस्या का समाधान करने की तरफ सोचना चाहिए।
सवाल : क्या आप मामले के स्पष्ट होने के बाद स्कूल में प्रिंसिपल पद के लिए आएंगे।
जवाब : मैं ही नहीं बाकी लोग भी प्रिंसिपल बनना तो दूर टीचर बनने तक से डरने लगी हैं। मेरी बात कानून व स्कूल प्रबंधन भी सुनेगा। मुझे ऐसा विश्वास भी है।

सवाल : क्या आपने इस मामले के बारे में प्रबंधन को कुछ जानकारी दी थी।
जवाब : मैंने मामला सामने आते ही डायरेक्टर व स्कूल एडमीन को पूरी जानकारी दे दी थी। वे खुद भी उनसे मामले की जानकारी ले रहे थे। मैंने सीसीटीवी कैमरों की अप्रूवल ले ली थी और उसी सप्ताह सीसीटीवी इंस्टाल हो जाने थे।
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