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एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान शहीदों को मौन रखकर दी श्रृद्घांजलि
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एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान शहीदों को मौन रखकर दी श्रद्घांजलि
पानीपत। एनएचएम कर्मचारियों की तीसरे दिन भी मुख्य मांगों को लेकर हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों ने अस्पताल के परिसर में एकत्रित होकर कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के लिए दो मिनट का मोन धारण कर श्रद्घांजलि दी। कर्मचारियों ने सरकार से आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हड़ताल के कारण सिविल अस्पताल की व्यवस्था चरमराई रही। अस्पताल का कागजी कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित हुआ। मरीजों को दवा के लिए धक्के खाने पड़े।
अमित मलिक ने कहा कि कश्मीर में जवानों पर हमला कायरता पूर्ण है। सरकार को जवानों की शहादत का बदला लेना चाहिए। अब वो वक्त आ गया है जब सरकार को कड़ा कदम उठाना होगा। कब तक हम अपने सैनिकों को खोते रहेंगे। उन्होंने अपनी हड़ताल के बारे में बताया कि राज्य सरकार एनएचएम कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही। जबकि स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है। एनएचएम कर्मचारी विभाग के सभी विभागों में काम कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। वीरवार को इस धरने प्रदर्शन में 396 में से 160 कर्मचारियों ने भाग लिया।
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पानीपत। एनएचएम कर्मचारियों की तीसरे दिन भी मुख्य मांगों को लेकर हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों ने अस्पताल के परिसर में एकत्रित होकर कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के लिए दो मिनट का मोन धारण कर श्रद्घांजलि दी। कर्मचारियों ने सरकार से आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। हड़ताल के कारण सिविल अस्पताल की व्यवस्था चरमराई रही। अस्पताल का कागजी कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित हुआ। मरीजों को दवा के लिए धक्के खाने पड़े।
अमित मलिक ने कहा कि कश्मीर में जवानों पर हमला कायरता पूर्ण है। सरकार को जवानों की शहादत का बदला लेना चाहिए। अब वो वक्त आ गया है जब सरकार को कड़ा कदम उठाना होगा। कब तक हम अपने सैनिकों को खोते रहेंगे। उन्होंने अपनी हड़ताल के बारे में बताया कि राज्य सरकार एनएचएम कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही। जबकि स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है। एनएचएम कर्मचारी विभाग के सभी विभागों में काम कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। वीरवार को इस धरने प्रदर्शन में 396 में से 160 कर्मचारियों ने भाग लिया।
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