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ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर 20 जुलाई से किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, पानीपत के कारोबार को एक दिन में होगा 30 करो
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:49 AM IST
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ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से एक दिन में 30 करोड़ का होगा नुकसान
प्रदेशभर की ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने 20 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। ऑन इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस दिल्ली के आह्वान पर ट्रक यूनियन पानीपत और मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन समेत प्रदेशभर की ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 20 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में समालखा के पास जीटी रोड स्थित एक निजी होटल में मीटिंग की। इसकी अध्यक्षता ट्रांसपोर्टर धर्मबीर मलिक ने की। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील करते हुए सरकार को मांगें न मानने पर चेतावनी दी है। इंडस्ट्री बंद होने से पानीपत को एक दिन में 30 करोड़ और देश के कारोबार को तीन हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा।
पानीपत मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व ट्रक यूनियन के प्रधान धर्मबीर मलिक ने कहा कि डीजल की लगातार बढ़ रही कीमत ने ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। डीजल का राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण और डीजल की कीमतों में त्रैमासिक संशोधन होना चाहिए। उनके ट्रकों को बार बार टोल प्लाजा पर टोल टैक्स के लिए न रोका जाए। वे एक बार में ही सारा टैक्स देने को तैयार हैं। बीमा प्रीमियम यानी टीपीपी निर्धारण में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। बीमा कंपनी हर साल फायदे में होते हुए भी 10 हजार रुपये बढ़ा देती है। इससे ट्रांसपोर्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर टीडीएस समाप्त करके आयकर अधिनियम की धारा 441 में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत किया जाए व बिल से जुड़ी हुई व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन होना चाहिए। बसों और पर्यटन वाहनों के लिए नेशनल परमिट जारी होना चाहिए। उनके ड्राइवरों को पुलिस व आरटीए रोककर परेशान करती है। उनके साथ दुर्व्यवहार करती है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी इन मांगों को नहीं मानेगी उनका चक्का जाम ही रहेगा। 90 लाख गाड़ियां नेशनल परमिट पर चलती हैं। ये देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है। ये इंडस्ट्री बंद होने से पानीपत को एक दिन में 30 करोड़ व देश के कारोबार को तीन हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा। वो अपनी मांगों से किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर देवेंद्र मलिक, बिल्लू जागलान, सतबीर चहल, रणबीर सिंह, गुरशरण सिंह, राजबीर सिंह, बलवान सिंह, कृष्णपाल त्यागी व सतपाल त्यागी मौजूद रहे।
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ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से एक दिन में 30 करोड़ का होगा नुकसान
प्रदेशभर की ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने 20 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। ऑन इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस दिल्ली के आह्वान पर ट्रक यूनियन पानीपत और मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन समेत प्रदेशभर की ट्रांसपोर्टर यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 20 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में समालखा के पास जीटी रोड स्थित एक निजी होटल में मीटिंग की। इसकी अध्यक्षता ट्रांसपोर्टर धर्मबीर मलिक ने की। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील करते हुए सरकार को मांगें न मानने पर चेतावनी दी है। इंडस्ट्री बंद होने से पानीपत को एक दिन में 30 करोड़ और देश के कारोबार को तीन हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा।
पानीपत मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व ट्रक यूनियन के प्रधान धर्मबीर मलिक ने कहा कि डीजल की लगातार बढ़ रही कीमत ने ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। डीजल का राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण और डीजल की कीमतों में त्रैमासिक संशोधन होना चाहिए। उनके ट्रकों को बार बार टोल प्लाजा पर टोल टैक्स के लिए न रोका जाए। वे एक बार में ही सारा टैक्स देने को तैयार हैं। बीमा प्रीमियम यानी टीपीपी निर्धारण में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। बीमा कंपनी हर साल फायदे में होते हुए भी 10 हजार रुपये बढ़ा देती है। इससे ट्रांसपोर्टरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर टीडीएस समाप्त करके आयकर अधिनियम की धारा 441 में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत किया जाए व बिल से जुड़ी हुई व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन होना चाहिए। बसों और पर्यटन वाहनों के लिए नेशनल परमिट जारी होना चाहिए। उनके ड्राइवरों को पुलिस व आरटीए रोककर परेशान करती है। उनके साथ दुर्व्यवहार करती है।
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उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी इन मांगों को नहीं मानेगी उनका चक्का जाम ही रहेगा। 90 लाख गाड़ियां नेशनल परमिट पर चलती हैं। ये देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है। ये इंडस्ट्री बंद होने से पानीपत को एक दिन में 30 करोड़ व देश के कारोबार को तीन हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा। वो अपनी मांगों से किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर देवेंद्र मलिक, बिल्लू जागलान, सतबीर चहल, रणबीर सिंह, गुरशरण सिंह, राजबीर सिंह, बलवान सिंह, कृष्णपाल त्यागी व सतपाल त्यागी मौजूद रहे।
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