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नशे के आदी युवकों का ग्रुप एक ही सिरिंज का करते है इस्तेमाल, इसलिए हो रहे एड्स के रोगी, 1540 में से 650 एड्स के रोगी वो जो नशे क

Sat, 01 Dec 2018 12:35 AM IST
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:35 AM IST
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नशे के आदी युवकों का ग्रुप एक ही सिरिंज का करते है इस्तेमाल, इसलिए हो रहे एड्स के रोगी, 1540 में से 650 एड्स के रोगी वो जो नशे क
नशे के आदी युवकों का ग्रुप एक ही सिरिंज का करते हैं इस्तेमाल, इसलिए हो रहे एड्स के रोगी, 1540 में से 650 एड्स के रोगी वो जो नशे के आदी थे
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पानीपत। पानीपत में एड्स के 1540 रोगी है। इन सबका सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पानीपत में हर साल 200 नए एड्स के रोगी सामने आ रहे हैं। इनमें से अधिकतर वो युवक शामिल है जो नशे के आदी है या पहले नशा करते थे। नशे के लिए इस्तेमाल करने वाली सिरिंज ने इनको एड्स का रोगी बना दिया। एक ही सूई का बार बार इस्तेमाल और ग्रुप में बैठकर कई नशे के आदी युवकों द्वारा सिरिंज का इस्तेमाल करने से युवक एड्स की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसी खतरे को टालने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल व सीएचसी से नई सिरिंज देने का प्रावधान भी शुरू किया ताकि वो युवा एड्स की गिरफ्त में ना आए। बावजूद इसके इसका कोई खास फर्क नहीं पड़ा। स्वास्थ्य विभाग लगातार कैंप लगाकर लोगों को एड्स के खिलाफ जागरूक भी कर रहा है। सरकार ने एड्स के पीड़ितों के लिए 2300 रुपए प्रति माह का प्रस्ताव भी पास किया है।
इन क्षेत्रों में है नशे के आदी युवा, जो बाद में आए एड्स की गिरफ्त में:
यमुना के तटीय क्षेत्रों में नशे के आदी काफी युवा है। कई बार इन क्षेत्रों के गांव में नशे की खेप भी पकड़ी गई है। सनौली के पास जलालपुर, तामशाबाद, गढ़ी बेसिक, रामड़ा, बापौली, ननहेड़ा, नंगला, कुराड़, खोजकीपुर, हथवाला, वधावाराम कॉलोनी, खटीक बस्ती, गांधी बस्ती, विद्यानंद कॉलोनी, बत्तरा कॉलोनी, बलजीत नगर, राणा माजरा में नशे के आदी काफी युवक है।
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एड्स रोगियों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए डॉक्टरों ने ये की पहल:
एड्स रोगियों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मुनीष गोयल ने एक पहल की। जो भी एड्स रोगी सिविल अस्पताल में आते है और वो शादी करना चाहते है। डॉक्टर उनका इलाज शुरू कर एड्स पीड़ित लड़की व लड़के को मिलवाते है फिर उनकी मर्जी के मुताबिक उनकी शादी कराते है। उनके बच्चे में एड्स ना हो इसलिए वो इसका स्पेशल इलाज भी शुरू करते हैं। अब तक डॉक्टर दो ऐसे जोड़ों की शादी भी करवा चुके हैं।
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एड्स दिवस पर स्वास्थ्य विभाग का हुआ कार्यक्रम:
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने टोल प्लाजा के पास एक गाड़ी के शोरूम में एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया। यहां पर डॉ. मुनीष गोयल व उनकी टीम ने लोगों को जागरूक किया और एड्स के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमें नियमित रूप से एचआईवी टेस्ट कराते रहना चाहिए। हमें एड्स के रोगियों से नफरत करने की बजाय उनके हौसला देना चाहिए। एड्स संक्रमित महिला व पुरूष से सेक्स करने, संक्रमित सूई का इस्तेमाल करने से मुख्य रूप से फैलता है।
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