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शहर में मच्छरों की भरमार, मलेरिया के केस 25 पार, प्रशासन बेपरवाह

Fri, 05 Oct 2018 12:41 AM IST
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:41 AM IST
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शहर में मच्छरों की भरमार, मलेरिया के केस 25 पार, प्रशासन बेपरवाह
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खाली प्लॉट में भरे पानी में पनप रहे मलेरिया और डेंगू के मच्छर
अब तक शुरू नहीं हुई फॉगिंग, डेंगू के भी तीन केस आ चुके हैं कंफर्म, मलेरिया के केस 25 पार
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बारिश के बाद शहर में मच्छरों की भरमार है। जगह-जगह पर प्लॉटों में पानी भरा हुआ है। इस कारण शहर में लगातार मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं। अब तक डेंगू के तीन मामले कंफर्म हो चुके हैं, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार मलेरिया के 25 केस आए हैं। अगर निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की मानें तो मलेरिया के 80 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। इस प्रकार से स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व पंचायती राज विभाग में तालमेल है। स्वास्थ्य विभाग कई बार नगर निगम को फॉगिंग कराने के लिए पत्र लिख चुका है मगर अब तक शहर में फॉगिंग नहीं हुई है। गांवों में फॉगिंग कराने का जिम्मा पंचायती राज विभाग का था, लेकिन गांवों में भी अब तक फॉगिंग शुरू नहीं हुई है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में मलेरिया अधिक गहरा रहा है। इसमें मुख्य रूप से नूरवाला और विद्यानंद कॉलोनी प्रमुख है। स्वास्थ्य विभाग भी ऐसे क्षेत्रों को लाइनअप कर रहा है।

नगर निगम की बड़ी लापरवाही
गत दिनों तीन दिन की लगातार बारिश के बाद शहर की लगभग हर कॉलोनी में खाली पड़े प्लॉटों सड़कों पर पानी जमा है। इसके कारण कॉलोनी के लोगों को परेशानी होती है। कॉलोनी में बदबू का माहौल बना हुआ है। मच्छरों की भरमार है। शहर में इससे डेंगू मलेरिया फैलने का भय बना हुआ है। लेकिन नगर निगम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है।
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प्लॉटों से पानी निकालने के लिए लिख चुका है तीन बार पत्र
डीसी के आदेशों के बाद भी नगर निगम ने शहर में खाली पड़े प्लॉटों से पानी नहीं निकलवाया। स्वास्थ्य विभाग भी नगर निगम को इस बारे में कई बार निर्देश दे चुका है। नगर निगम को तीन बार पत्र भी लिखा जा चुका है। इसके बाद भी शहर में पानी भराव की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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विद्यानंद कॉलोनी : विद्यानंद कॉलोनी उग्राखेड़ी गांव के पास है। यह अवैध कॉलोनी है। इसलिए इस कॉलोनी में विकास नहीं हो रहा है। कॉलोनी की 90 प्रतिशत गलियां कच्ची हैं। सैकड़ों खाली प्लॉट पड़े हैं। गंदे पानी की निकासी की समस्या यहां की सबसे बड़ी समस्या है। अब बारिश के बाद सभी प्लॉटों व गलियों में गंदा पानी भरा है।

हरिसिंह कॉलोनी : हरिसिंह कॉलोनी में शिवकुमार ने बताया कि यहां गंदे पानी की निकासी की समस्या है। गलियों में गंदा पानी भरा है। बारिश के बाद गलियों में चलने के लिए भी रास्ता नहीं बचा। नेता व अधिकारी कई बार यहां के लोगों को जल्द समस्या का आश्वासन दे चुके हैं। वहीं सावित्री देवी ने बताया कि यहां मच्छर बहुत हैं। गलियों में गंदा पानी जमा है। लेकिन यहां निकासी की कोई सुविधा नहीं है।

वधावाराम कॉलोनी : कॉलोनी के अजीत सिंह ने बताया कि यहां भारी गंदगी है। हर जगह गंदा पानी भरा है। आने-जाने के लिए भी रास्ता नहीं है। बाहर से लोग उनकी कॉलोनी में नहीं आना चाहते। गलियों के प्लॉटों में पानी भर गया है। कई बार अधिकारियों को लिखित में शिकायत भी दे चुके हैं। मगर कोई सुध नहीं लेता।

नूरवाला का हाल : नूरवाला निवासी मोहित ने बताया कि लगभग यहां बदहाली है। यहां के लोग मंत्री विधायकों को गंदगी खाली प्लॉटों से पानी की निकासी की मांग करते रहते हैं। मगर अब तक किसी ने सुनवाई नहीं की। नूरवाला में ही सबसे अधिक डेंगू मलेरिया फैलता है। उनको बदबू के माहौल में जीना पड़ रहा है। पिछले साल भी इसी क्षेत्र से मलेरिया के 100 से अधिक केस आए थे।

बतरा कॉलोनी : बतरा कॉलोनी में कई सालों से खाली प्लॉट पड़े हैं। बारिश के बाद इन प्लॉटों में पानी भर जाता है। कॉलोनी में ऐसे लगभग 20 प्लॉटों में पानी भरा है। प्लॉटों में गोबर पड़ा है। हर साल बतरा कॉलोनी से मलेरिया के दर्जनों मामले सामने आते हैं। अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां विकास नहीं हुआ।

गोपाल कॉलोनी : गोपाल कॉलोनी बतरा कॉलोनी साथ-साथ है। गोपाल कॉलोनी शहर की सबसे अधिक गंदगी वाली कॉलोनियों में आती है। बारिश के कारण यहां सड़कों प्लॉटों में पानी भरा है। खाली प्लॉटों में लोग कूड़ा कचरा भी फेंकते हैं। पानी भराव के कारण यहां डेंगू मलेरिया फैलने का भय बना रहता है।

ताऊ देवीलाल कॉॅम्प्लेक्स के पीछे : किशोर संगीत सिनेमा के पीछे कई सालों से गंदे पानी का तालाब बना है। लगभग दो एकड़ में बना तालाब पूरे साल गंदे पानी से भरा रहता है। तालाब आसपास के लोग कूड़ा फेंकते हैं। तालाब से जहरीले कीट भी निकलते हैं। इसी तालाब के कारण पूरे क्षेत्र में मच्छरों की भरमार रहती है।

डेंगू और मलेरिया के मामले में पानीपत है टॉप पांच में
डेंगू और मलेरिया के मामलों में पानीपत टॉप पांच में रहता है। पिछले साल भी डेंगू के 264 और मलेरिया के 644 मामले सामने आए थे। इन मामलों में प्रदेश में दूसरा स्थान था। इससे पहले भी पानीपत प्रदेश में इन मामलों में टॉप पांच में ही रहा है। डेंगू के कारण पिछले साल दो युवकों की मौत भी हो गई थी।

हर रोज ले रहे हैं रिपोर्ट
प्लॉटों से पानी निकलवाने की जिम्मेदारी नगर निगम के पास होती है। कई बार नगर निगम को पत्र लिखकर प्लॉटों से पानी निकालने की मांग कर चुके हैं। फॉगिंग कराना भी नगर निगम का ही काम है। स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग के कर्मचारियों से हर रोज रिपोर्ट ली जा रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लारवा की जांच की जा रही है।

-डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन

शिकायत मिलते ही निकलवाते हैं प्लॉटों से पानी
प्लॉटों में जब भी पानी भरे होने की सूचना मिलती है, टीम को भेजकर पानी निकलवा दिया जाता है। शहर में फॉगिंग कराई जा रही है। नगर निगम की टीमें भी अपना काम कर रही हैं।
-प्रदीप डागर, निगमायुक्त
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