{"_id":"5b05bddc4f1c1b1a5e8b6a56","slug":"111527102940-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ता को भेजा 12 करोड रुपये का बिजली बिल, उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष से एसडीओ को लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता को भेजा 12 करोड रुपये का बिजली बिल, उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष से एसडीओ को लगाई फटकार
Updated Thu, 24 May 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या 7
--------
बिजली उपभोक्ता को निगम ने भेजा 12 करोड़ का बिल
उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष ने एसडीओ को लगाई फटकार, ठीक करने को दिया सात दिन का समय
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
बिजली निगम को बिजली से संबंधित कार्यों की लेटलतीफी के लिए जाना जाता है। लेकिन हद तो उस समय हो गई, जब बिजली निगम ने एक व्यवसायिक बिजली उपभोक्ता को 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल थमा दिया। बता दें कि काबडी रोड पर स्थित कपूर यार्न फैक्ट्री मालिक को एक महीने का 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल भेज दिया। उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष बीएस गर्ग ने 12 करोड़ के बिजली बिल के मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसडीओ को फटकार लगाते हुए सात दिन के अंदर बिजली बिल को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
फैक्ट्री मालिक विनोद कुमार ने बताया कि जब से उनकी फैक्ट्री का 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल आया है, तब से वह बहुत परेशान हैं। इससे पहले उसका 1 माह का बिजली बिल 30-35 हजार रुपये के बीच में आता था। लेकिन इस बार मई माह का बिजली बिल 12 करोड़ रुपये आया है, जिसकी वजह से उसकी नींद उड़ी हुई है। बिल में बिल राशि जमा करने की दिनांक 22 मई दर्शाई गई है। बिल भी इसी महीने में जमा करवाना है।
वह कई दिनों से गलत बिल को ठीक करवाने के लिए बिजली निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। लेकिन उसकी बात को भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। वहीं बताया कि थक-हार उसने इस मामले की शिकायत उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति से की है। सबसे पूरे मामले को उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष बीएस गर्ग ने ध्यानपूर्वक सुुना। फरियादी की शिकायत सुनने के बाद मॉडल टाउन सब डिवीजन एसडीओ आरएस देशवाल को फटकार लगाते हुए कहा कि उपभोक्ता को इतनी भारी राशि का बिजली का बिल कैसे पहुंच गया। उसके बाद कहा कि इसके अलावा जहां पर भी गलत राशि के बिजली बिल पहुंचे, उन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए।
विज्ञापन
---
जल्द ही मीटर की जांच कर और मीटर रीडिंग कंपनी से बात कर बिजली बिल को ठीक करने का प्रयास किया जाएगा।
-आरएस देशवाल, एसडीओ।
--
बिजली के मीटर में किसी प्रकार की फाल्ट हो सकती है। कई महीनों से मशीन के द्वारा रीडिंग ली जाती है, इसकी वजह से मशीन में गलत रीडिंग दर्ज हो गई होगी। उसी के आधार पर बिजली का बिल आया है।
-ललित शर्मा, प्रबंधक, मीटर रीडिंग बीसीआईटीएस कंपनी।
फोटो संख्या 6
-------
नौ शिकायतों के निवारण के लिए सात दिन का समय मांगा
पानीपत। गोहाना रोड स्थित बिजली निगम के आश्रम गृह में बुधवार को उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति की ओर से खुले दरबार का आयोजन किया गया। जिसकी उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष बीएस गर्ग ने की। इस दौरान बिजली निगम के आला अधिकारियों को मौके पर 13 शिकायत मिली। सभी शिकायत बिजली के बिल से संबंधित थी। उपभोक्ताओं ने शिकायत सुनने के बाद अध्यक्ष बीएस गर्ग ने संबंधित एसडीओ के निर्देश दिए इनकी परेशानियों का 7 दिन के अंदर निवारण हो जाना चाहिए, नहीं तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौके पर 4 शिकायत का निवारण ही हो सका, वहीं 9 शिकायत का निवारण करने के लिए बिजली निगम एसडीओ को 7 दिन का समय दिया गया। इस मौके उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति सदस्य जीएल बंसल व पीए देव शरण, पानीपत सर्कल सहायक अनीता मौजूद रहे।
विज्ञापन
--------
बिजली उपभोक्ता को निगम ने भेजा 12 करोड़ का बिल
उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष ने एसडीओ को लगाई फटकार, ठीक करने को दिया सात दिन का समय
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
बिजली निगम को बिजली से संबंधित कार्यों की लेटलतीफी के लिए जाना जाता है। लेकिन हद तो उस समय हो गई, जब बिजली निगम ने एक व्यवसायिक बिजली उपभोक्ता को 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल थमा दिया। बता दें कि काबडी रोड पर स्थित कपूर यार्न फैक्ट्री मालिक को एक महीने का 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल भेज दिया। उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष बीएस गर्ग ने 12 करोड़ के बिजली बिल के मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में एसडीओ को फटकार लगाते हुए सात दिन के अंदर बिजली बिल को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
फैक्ट्री मालिक विनोद कुमार ने बताया कि जब से उनकी फैक्ट्री का 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल आया है, तब से वह बहुत परेशान हैं। इससे पहले उसका 1 माह का बिजली बिल 30-35 हजार रुपये के बीच में आता था। लेकिन इस बार मई माह का बिजली बिल 12 करोड़ रुपये आया है, जिसकी वजह से उसकी नींद उड़ी हुई है। बिल में बिल राशि जमा करने की दिनांक 22 मई दर्शाई गई है। बिल भी इसी महीने में जमा करवाना है।
विज्ञापन
वह कई दिनों से गलत बिल को ठीक करवाने के लिए बिजली निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। लेकिन उसकी बात को भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। वहीं बताया कि थक-हार उसने इस मामले की शिकायत उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति से की है। सबसे पूरे मामले को उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष बीएस गर्ग ने ध्यानपूर्वक सुुना। फरियादी की शिकायत सुनने के बाद मॉडल टाउन सब डिवीजन एसडीओ आरएस देशवाल को फटकार लगाते हुए कहा कि उपभोक्ता को इतनी भारी राशि का बिजली का बिल कैसे पहुंच गया। उसके बाद कहा कि इसके अलावा जहां पर भी गलत राशि के बिजली बिल पहुंचे, उन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए।
विज्ञापन
---
जल्द ही मीटर की जांच कर और मीटर रीडिंग कंपनी से बात कर बिजली बिल को ठीक करने का प्रयास किया जाएगा।
-आरएस देशवाल, एसडीओ।
--
बिजली के मीटर में किसी प्रकार की फाल्ट हो सकती है। कई महीनों से मशीन के द्वारा रीडिंग ली जाती है, इसकी वजह से मशीन में गलत रीडिंग दर्ज हो गई होगी। उसी के आधार पर बिजली का बिल आया है।
-ललित शर्मा, प्रबंधक, मीटर रीडिंग बीसीआईटीएस कंपनी।
फोटो संख्या 6
-------
नौ शिकायतों के निवारण के लिए सात दिन का समय मांगा
पानीपत। गोहाना रोड स्थित बिजली निगम के आश्रम गृह में बुधवार को उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति की ओर से खुले दरबार का आयोजन किया गया। जिसकी उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष बीएस गर्ग ने की। इस दौरान बिजली निगम के आला अधिकारियों को मौके पर 13 शिकायत मिली। सभी शिकायत बिजली के बिल से संबंधित थी। उपभोक्ताओं ने शिकायत सुनने के बाद अध्यक्ष बीएस गर्ग ने संबंधित एसडीओ के निर्देश दिए इनकी परेशानियों का 7 दिन के अंदर निवारण हो जाना चाहिए, नहीं तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौके पर 4 शिकायत का निवारण ही हो सका, वहीं 9 शिकायत का निवारण करने के लिए बिजली निगम एसडीओ को 7 दिन का समय दिया गया। इस मौके उपभोक्ता कष्ट निवारण समिति सदस्य जीएल बंसल व पीए देव शरण, पानीपत सर्कल सहायक अनीता मौजूद रहे।