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आज ग्राहक के पास विक्रेता से भी अधिक जानकारी : डॉ. अनिल
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। पाइट कॉलेज के प्रांगण में डिजिटलाइजेशन के क्रांतिकारी प्रभाव विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जीजीएस आईपी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. संजीव मित्तल, संस्थान निदेशक डॉ. केके पालीवाल और प्रो. राजबीर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के प्रबंध विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल खुराना ने बताया कि आने वाले समय में डिजिटल बदलावों में बहुत सी संभावनाएं हैं। आज के युग में ग्राहक के पास पहुंचने वाली जानकारी विक्रेता से भी अधिक है। यह जानकारी उसे क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डेटा से प्रसारित होती है।
कांफ्रेंस के आरंभ में संयोजक और प्रभारी डॉ. योगेंद्र कटारिया ने डिजिटल विषय की पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद डॉ. अनिल खुराना ने कहा कि जानकारी का प्रभाव यह है कि ग्राहक किसी भी वस्तु या सेवाओं को तत्काल प्रभाव से चुनने में सक्षम है। उन्होंने विश्व की एक बड़ी कंपनी का हवाला देते हुए बताया कि समय के साथ अपने व्यापार और मार्केटिंग में परिवर्तन न करने के कारण 2012 में कंपनी दिवालिया हो गई। इसलिए ये एक अनिवार्य पद्धति बनती जा रही है। इस अवसर पर राकेश तायल मेंबर बीओजी, डॉ. बीबी शर्मा, एसके खन्ना, प्रियंका सहगल, ओपी रनौलिया, एलआर बावेजा, डॉ. विक्रम बाली, स्वाति गुप्ता, डॉ. विनय खत्री, जगमोहन मलहोत्रा, डॉ. अंकुर सबरवाल, शिल्पा सरदाना, पूजा गुप्ता, राजीव मेहता, स्मृति पसरिचा, नमिता, तरुण मिगलानी, अतुल गौतम, विकास देशवाल, सौरभ गुप्ता, शक्ति अरोड़ा, विकास सेठी, नेहा पाहवा, मोनिका सहानी, शीतल पोपली, डॉ. संगीता आदि मौजूद रहे।
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समालखा। पाइट कॉलेज के प्रांगण में डिजिटलाइजेशन के क्रांतिकारी प्रभाव विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जीजीएस आईपी विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. संजीव मित्तल, संस्थान निदेशक डॉ. केके पालीवाल और प्रो. राजबीर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के प्रबंध विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल खुराना ने बताया कि आने वाले समय में डिजिटल बदलावों में बहुत सी संभावनाएं हैं। आज के युग में ग्राहक के पास पहुंचने वाली जानकारी विक्रेता से भी अधिक है। यह जानकारी उसे क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डेटा से प्रसारित होती है।
कांफ्रेंस के आरंभ में संयोजक और प्रभारी डॉ. योगेंद्र कटारिया ने डिजिटल विषय की पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद डॉ. अनिल खुराना ने कहा कि जानकारी का प्रभाव यह है कि ग्राहक किसी भी वस्तु या सेवाओं को तत्काल प्रभाव से चुनने में सक्षम है। उन्होंने विश्व की एक बड़ी कंपनी का हवाला देते हुए बताया कि समय के साथ अपने व्यापार और मार्केटिंग में परिवर्तन न करने के कारण 2012 में कंपनी दिवालिया हो गई। इसलिए ये एक अनिवार्य पद्धति बनती जा रही है। इस अवसर पर राकेश तायल मेंबर बीओजी, डॉ. बीबी शर्मा, एसके खन्ना, प्रियंका सहगल, ओपी रनौलिया, एलआर बावेजा, डॉ. विक्रम बाली, स्वाति गुप्ता, डॉ. विनय खत्री, जगमोहन मलहोत्रा, डॉ. अंकुर सबरवाल, शिल्पा सरदाना, पूजा गुप्ता, राजीव मेहता, स्मृति पसरिचा, नमिता, तरुण मिगलानी, अतुल गौतम, विकास देशवाल, सौरभ गुप्ता, शक्ति अरोड़ा, विकास सेठी, नेहा पाहवा, मोनिका सहानी, शीतल पोपली, डॉ. संगीता आदि मौजूद रहे।
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