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गुरुद्वारे के निर्माण कार्य को लेकर प्रधान व पूर्व प्रधान आमने-सामने
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही का पुन: निर्माण किया जाना है। इसके लिए काफी समय से तैयारियों का दौर भी चल रहा है। निर्माण का कार्य होने से पूर्व ही गुरुद्वारा कमेटी प्रधान व पूर्व प्रधान आमने-सामने हो गए है और दो गुट बनते नजर आ रहे है। पूर्व प्रधान लखविंद्र सिंह ने मौजूदा प्रधान सुखदेव सिंह पर आरोप लगाया है कि 23 अप्रैल को सिख संगत की बैठक गुरुद्वारा पहली पातशाही में बुलाई गई, जिसमें प्रधान ने बिना संगत के ही निर्माण कार्य का निर्णय ले लिया। पूर्व प्रधान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधान का इस तरह से निर्णय लेना उचित नहीं है। उनकी एक ही मांग है गुरुद्वारा सुंदर व प्रभावशाली बनें। वहीं पूर्व प्रधान ने बताया कि कमेटी में उनका कार्यकाल 1 माह का बचा है और सिख संगत के बीच मांग कि प्रधान को तुरंत हटाया जाए। नए सिरे से कमेटी का गठन किया जाए और सभी को गुरुद्वारा को सुंदर, दर्शनीय योग्य बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए।
यह था मामला
12 जून 2017 को जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही रिपेयरिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक से इमारत के ऊपर खड़ा गु बज गिर था। पूरा भवन नीचे धंस गया था। भवन गिरने की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई थी और 5 लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद जिला प्रशासन ने क्रेन मंगाकर पूरे गुरुद्वारे को गिराने के आदेश दिए थे। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर तत्कालीन उपायुक्त चंद्र शेखर खरे और एसपी राहुल शर्मा पहुंच गए थे।
बयान..
पूर्व प्रधान की ओर से लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। यदि उनको कुछ कहना था कि तो बैठकर बात कर लेते। रविवार को किसी संत पुरुष की ओर से समय दिया गया था। जिसके कारण वह निर्माण कार्य शुरू करना चाहते थे। अभी भी संगत के बाहर नहीं है। जैसा संगत कहेगी उसी हिसाब से काम किया जाएगा।
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सुखदेव सिंह प्रधान पहली पातशाही गुरुद्वारा कमेटी पानीपत।
फोटो नं. 22-24
गुरुद्वारे के निर्माण कार्य को लेकर प्रधान व पूर्व प्रधान आमने-सामने
- पूर्व प्रधान ने की मांग नए सिरे से हो कमेटी का गठन
- प्रधान पर लगाया आरोप बिना सिख संगत के लिया निर्णय
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पानीपत।
जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही का पुन: निर्माण किया जाना है। इसके लिए काफी समय से तैयारियों का दौर भी चल रहा है। निर्माण का कार्य होने से पूर्व ही गुरुद्वारा कमेटी प्रधान व पूर्व प्रधान आमने-सामने हो गए है और दो गुट बनते नजर आ रहे है। पूर्व प्रधान लखविंद्र सिंह ने मौजूदा प्रधान सुखदेव सिंह पर आरोप लगाया है कि 23 अप्रैल को सिख संगत की बैठक गुरुद्वारा पहली पातशाही में बुलाई गई, जिसमें प्रधान ने बिना संगत के ही निर्माण कार्य का निर्णय ले लिया। पूर्व प्रधान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधान का इस तरह से निर्णय लेना उचित नहीं है। उनकी एक ही मांग है गुरुद्वारा सुंदर व प्रभावशाली बनें। वहीं पूर्व प्रधान ने बताया कि कमेटी में उनका कार्यकाल 1 माह का बचा है और सिख संगत के बीच मांग कि प्रधान को तुरंत हटाया जाए। नए सिरे से कमेटी का गठन किया जाए और सभी को गुरुद्वारा को सुंदर, दर्शनीय योग्य बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए।
यह था मामला
12 जून 2017 को जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही रिपेयरिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक से इमारत के ऊपर खड़ा गु बज गिर था। पूरा भवन नीचे धंस गया था। भवन गिरने की वजह से 4 लोगों की मौत हो गई थी और 5 लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद जिला प्रशासन ने क्रेन मंगाकर पूरे गुरुद्वारे को गिराने के आदेश दिए थे। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर तत्कालीन उपायुक्त चंद्र शेखर खरे और एसपी राहुल शर्मा पहुंच गए थे।
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बयान..
पूर्व प्रधान की ओर से लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। यदि उनको कुछ कहना था कि तो बैठकर बात कर लेते। रविवार को किसी संत पुरुष की ओर से समय दिया गया था। जिसके कारण वह निर्माण कार्य शुरू करना चाहते थे। अभी भी संगत के बाहर नहीं है। जैसा संगत कहेगी उसी हिसाब से काम किया जाएगा।
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सुखदेव सिंह प्रधान पहली पातशाही गुरुद्वारा कमेटी पानीपत।
फोटो नं. 22-24
गुरुद्वारे के निर्माण कार्य को लेकर प्रधान व पूर्व प्रधान आमने-सामने
- पूर्व प्रधान ने की मांग नए सिरे से हो कमेटी का गठन
- प्रधान पर लगाया आरोप बिना सिख संगत के लिया निर्णय