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नेताओं ने साधी चुप्पी, कुछ खुलकर बोलने तक से टले
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:08 AM IST
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डेरा प्रमुख को सजा : नेताओं ने साधी चुप्पी, खुलकर बोलने तक से कतराए
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
साध्वी यौन शोषण में बीस साल की सजा होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता कुछ भी बोलने को तैयार नजर नहीं आए। कुछ नेता डेरा प्रमुख की सजा पर बोले, लेकिन वे भी पूरे मामले से टलते नजर आए। नेताओं ने अपनी बात सजा को कानून का फैसला बताया और शांति स्थापित करने की अपील तक खुद को सीमित कर लिया।
सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषणा के आरोप में बीस साल की सजा सुनाई। अमर उजाला माई सिटी ने जिले के प्रमुख दलों के नेताओं से बातचीत की और उनकी सजा के फैसले पर जानकारी ली।
डेरा प्रमुख को सजा का फैसला कोर्ट द्वारा दिया गया है और प्रत्येक व्यक्ति को सजा के फैसले का सम्मान भी करना चाहिए। अब डेरा अनुयायियों व दूसरे लोगों को शांति बनाए रखने की आवश्यकता है। लोगों को मिलकर काम करने चाहिए। - मेघराज गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजयुमो, पानीपत।
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कानून ने अपना काम किया है। हर व्यक्ति को कानून का सम्मान करना चाहिए। इन सबके बीच पंचकूला में जो कुछ हुआ वह सब चिंताजनक है और मैं उसकी निंदा करता हूं। भाजपा सरकार इस पूरे मामले को लेकर फेलियर नजर आई और डेरा के कुछ लोगों ने जमकर आतंक मचाया। सरकार के पास खुफिया विभाग की तरफ से इसकी पूरी रिपोर्ट थी। - शेर सिंह खर्ब, जिला प्रवक्ता, इनेलो।
डेरा प्रमुख की पंचकूला कोर्ट में पेशी के दौरान सरकार सुरक्षा के प्रबंधों में फेलियर नजर आई। जिसका खामियाजा एक बार फिर प्रदेश को भुगतना पड़ा। डेरा प्रमुख को अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए थी। पुलिस को यौन शोषण के मामले में देशद्रोह की धाराओं को भी जोड़ देना चाहिए था। - कमल दीवान, कांग्रेसी नेता।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
साध्वी यौन शोषण में बीस साल की सजा होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता कुछ भी बोलने को तैयार नजर नहीं आए। कुछ नेता डेरा प्रमुख की सजा पर बोले, लेकिन वे भी पूरे मामले से टलते नजर आए। नेताओं ने अपनी बात सजा को कानून का फैसला बताया और शांति स्थापित करने की अपील तक खुद को सीमित कर लिया।
सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषणा के आरोप में बीस साल की सजा सुनाई। अमर उजाला माई सिटी ने जिले के प्रमुख दलों के नेताओं से बातचीत की और उनकी सजा के फैसले पर जानकारी ली।
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डेरा प्रमुख को सजा का फैसला कोर्ट द्वारा दिया गया है और प्रत्येक व्यक्ति को सजा के फैसले का सम्मान भी करना चाहिए। अब डेरा अनुयायियों व दूसरे लोगों को शांति बनाए रखने की आवश्यकता है। लोगों को मिलकर काम करने चाहिए। - मेघराज गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजयुमो, पानीपत।
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कानून ने अपना काम किया है। हर व्यक्ति को कानून का सम्मान करना चाहिए। इन सबके बीच पंचकूला में जो कुछ हुआ वह सब चिंताजनक है और मैं उसकी निंदा करता हूं। भाजपा सरकार इस पूरे मामले को लेकर फेलियर नजर आई और डेरा के कुछ लोगों ने जमकर आतंक मचाया। सरकार के पास खुफिया विभाग की तरफ से इसकी पूरी रिपोर्ट थी। - शेर सिंह खर्ब, जिला प्रवक्ता, इनेलो।
डेरा प्रमुख की पंचकूला कोर्ट में पेशी के दौरान सरकार सुरक्षा के प्रबंधों में फेलियर नजर आई। जिसका खामियाजा एक बार फिर प्रदेश को भुगतना पड़ा। डेरा प्रमुख को अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए थी। पुलिस को यौन शोषण के मामले में देशद्रोह की धाराओं को भी जोड़ देना चाहिए था। - कमल दीवान, कांग्रेसी नेता।