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दस हजार नई स्ट्रीट लाइट भी पड़ीं कम, अब और नई लाइटों को लगाएगा निगम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 02:12 AM IST
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10 thousand street lights fell short, corporation will install new lights
पानीपत। शहर में करीब सवा चार करोड़ से 10 हजार नई लाइटें इंस्टॉल हो चुकी हैं। पिछले करीब दो साल से पुरानी लाइटों की रिपेयरिंग का काम चालू है। इसके बाद भी शहर के कई इलाकों में अंधेरा छाया रहता है, जिसकी नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को आए दिन शिकायतें भी मिलती रहती हैं। इसलिए अब नगर निगम शहर में उन जगहों का सर्वे कर रहा है, जहां लाइट लगनी बाकी है। इसके बाद सरकार को इन लाइटों को एस्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा, जिसके बाद निकाय स्तर या निगम स्तर पर इनका टेंडर लगाया जाएगा। इसके लिए निगम अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
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शहर में करीब 17 हजार लाइटें पुरानी लगी हैं। इनको ठीक करने के लिए नगर निगम का खर्च को चार गुना बढ़ चुका है। अधिकारियों ने इन लाइटों की मरम्मत और रखरखाव के खर्च का पांच लाख रुपये एस्टीमेट बनाया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक किया गया। पुरानी लाइटों को ठीक करवाने के नाम पर निगम हर माह करीब 10 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च कर रहा है। इसके बाद भी पुरानी लाइटें ठीक नहीं हो पाई हैं।
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निगम की एक रिपोर्ट के अनुसार निगम 17 हजार पुरानी लाइटों की मरम्मत और रखरखाव पर सालाना करोड़ों रुपये ज्यादा खर्च कर रहा है। इसके लिए निगम हर साल मैटीरियल खरीद के लिए 60 से 70 लाख रुपये खर्च कर रहा है। कुल मिलाकर एक साल में 17 हजार लाइटों की मरम्मत और मेंटेनेंस पर पौने दो करोड़ रुपये तक खर्च हो रहे हैं जबकि इससे पहले ये काम प्रति प्वॉइंट टेंडर के हिसाब से किया जाता रहा है। इसमें 17 हजार स्ट्रीट लाइटों की मेंटेनेंस और रिपेयरिंग का सालाना खर्च करीब 90 लाख रुपये था, जो अब दोगुना हो चुका है।
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जहां जरूरत होगी, उनका लगाएंगे टेंडर : निगम
शहर में कुछ जगहों पर लाइट ठीक होनी बाकी है। इसके लिए सामान मंगवाया जा रहे हैं। वहीं, कुछ जगह अब भी लाइट लगनी बाकी हैं। इसका धरातल पर सर्वे करने के बाद टेंडर लगाया जाएगा। इसकी अनुमति शहरी स्थानीय निकाय से लेनी होगी।
- गौरव कुमार, कनिष्ठ अभियंता, नगर निगम।
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