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बड़ा सवालः सुबह 7 बजे तक तो कर्फ्यू है, फिर बॉर्डर पार कर आईएसबीटी कैसे पहुंचे हजारों लोग
Thu, 14 May 2020 02:04 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2020 02:04 PM IST
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बस स्टैंड पर जमा हुए प्रवासी मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में शाम 7 से सुबह 7 बजे के बीच किसी भी व्यक्ति के बाहर निकलने पर मनाही होती है और कर्फ्यू लगा है। बावजूद इसके मंगलवार रात और बुधवार सुबह हजारों प्रवासी मजदूरों ने चंडीगढ़ का बार्डर पार किया और आईएसबीटी-43 पहुंच गए। मजदूरों के पहुंचने का क्रम रात से ही जारी रहा, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस सोती रही, जिसकी वजह से सुबह 6 बजे तक आईएसबीटी-43 पर तीन हजार मजदूर पंजाब और हरियाणा से पहुंच चुके थे।
मजदूरों की भारी भीड़ को देखने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पैर भी फूल गए। पुलिसकर्मियों की तरफ से जब प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन चेक किया जा रहा था, इस दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। दरअसल, प्रशासन की तरफ से भेजे जा रहे मैसेज का स्क्त्रस्ीनशॉट लेकर उसे अन्य मजदूरों को फॉरवर्ड कर दिए गए। भारी भीड़ होने की वजह से चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने मोबाइल पर मैसेज को देखा और उन्हें आगे जाने की इजाजत दे दी। ऐसे कई लोगों को इजाजत मिल गई।
कुछ देर बाद इसका पता चला तो प्रशासन के अधिकारी भी सकते में आ गए। आनन-फानन में सभी मजदूरों को वापस बाहर निकाला गया और यह पता करने के लिए इनमें से कौन चंडीगढ़ का है और कौन नहीं है, दोबारा सभी के रजिस्ट्रेशन चेक किए गए और इस बार प्रवासी मजदूरों से चंडीगढ़ का भी प्रूफ मांगा गया। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग गया और भारी भीड़ जुट गई। बुधवार को स्थिति काफी बिगड़ गई। मजदूरों को सड़क पर बिठाया गया, लेकिन वहां भी लंबी लाइन लग गई। भीड़ को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज भी कर दिया, जिसमें कई मजदूरों को चोटें आईं।
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मजदूरों की भारी भीड़ को देखने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पैर भी फूल गए। पुलिसकर्मियों की तरफ से जब प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन चेक किया जा रहा था, इस दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। दरअसल, प्रशासन की तरफ से भेजे जा रहे मैसेज का स्क्त्रस्ीनशॉट लेकर उसे अन्य मजदूरों को फॉरवर्ड कर दिए गए। भारी भीड़ होने की वजह से चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने मोबाइल पर मैसेज को देखा और उन्हें आगे जाने की इजाजत दे दी। ऐसे कई लोगों को इजाजत मिल गई।
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कुछ देर बाद इसका पता चला तो प्रशासन के अधिकारी भी सकते में आ गए। आनन-फानन में सभी मजदूरों को वापस बाहर निकाला गया और यह पता करने के लिए इनमें से कौन चंडीगढ़ का है और कौन नहीं है, दोबारा सभी के रजिस्ट्रेशन चेक किए गए और इस बार प्रवासी मजदूरों से चंडीगढ़ का भी प्रूफ मांगा गया। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग गया और भारी भीड़ जुट गई। बुधवार को स्थिति काफी बिगड़ गई। मजदूरों को सड़क पर बिठाया गया, लेकिन वहां भी लंबी लाइन लग गई। भीड़ को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज भी कर दिया, जिसमें कई मजदूरों को चोटें आईं।
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9 मार्च तक आए 60 आवेदन, अगले 3 दिन में ही 50000 आवेदन और आए
मजदूरों को घर भेजने का सारा खर्चा चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से खुद उठाया जा रहा है। चंडीगढ़ में 11 मई से स्पेशल ट्रेनें चलीं तो अन्य राज्यों के मजदूरों ने भी चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट पर आवेदन करना शुरू कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया के ओवरऑल इंचार्ज यशपाल गर्ग ने बताया कि 9 मई तक चंडीगढ़ प्रशासन के पास करीब 60 हजार प्रवासी मजदूरों के आवेदन आए थे। इसके बाद जैसे ही ट्रेनें चलीं और मजदूरों को घर भेजने का काम शुरू किया गया अगले 3 ही दिन में 50 हजार और प्रवासी मजदूरों ने आवेदन कर दिया। इस भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को फिलहाल बंद कर दिया है।
भाई के साथ चुपके से जा रहा था युवक, स्टेशन पर पकड़ा
आईएसबीटी-43 में सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग के बाद बसों में बैठा कर रेलवे स्टेशन ले जाया गया। रेलवे स्टेशन पर भी एक बड़ी चूक पकड़ी गई। प्रशासन की बस में बैठकर एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन तक पहुंच गया। वहां तैनात अधिकारी ने जब उससे पूछताछ की तो पता चला कि टिकट तो उसके भाई का कटा था और वह भाई के साथ ही रवाना होना चाहता था। प्रशासन के अधिकारी ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले किया और उसे सेक्टर-43 की चौकी में ले गए। बाद में उसके भाई ने भी जाने से मना कर दिया।
प्रशासन ने दी चेतावनी, सिर्फ चंडीगढ़ के मजदूर ही पहुंचें आईएसबीटी-43
देर शाम चंडीगढ़ प्रशासन ने चेतावनी जारी कर चंडीगढ़ से चल रही ट्रेनों के लिए बाहर के राज्यों से आने वालों को कहा कि वह इसके लिए चंडीगढ़ में प्रवेश न करें। कहा गया कि चंडीगढ़ से चलने वाली श्रमिक एक्सप्रेस में केवल चंडीगढ़ में फंसे प्रवासी श्रमिक, तीर्थयात्री, पर्यटक, छात्र और अन्य व्यक्तियों को ही ले जाया जा रहा है। जिन्होंने जाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की हेल्पलाइन व वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया है और उनकी यात्रा की व्यवस्था स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से की जा रही है। चंडीगढ़ से बुधवार एक ट्रेन मणिपुर भी गई। इस ट्रेन में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर में फंसे मणिपुर के करीब 468 छात्रों को भेजा गया। पहले इन छात्रों का मेडिकल किया गया, फिर इन्हें सरहिंद सीमा में स्पेशल बसों से ले जाया गया।
बुधवार सुबह आईएसबीटी पर 3000 प्रवासी मजदूर पहुंच चुके थे। इनमें से कई मजदूर पंजाब, हरियाणा के अलग-अलग जिलों से भी पहुंचे थे। चंडीगढ़ प्रशासन सिर्फ चंडीगढ़ में फंसे प्रवासी मजदूरों को ही उनके घर भेज रहा है, ऐसे में बाकी मजदूरों को समझाना काफी मुश्किल हो गया। इस प्रक्रिया में काफी समय लग गया। हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।
- यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड
भाई के साथ चुपके से जा रहा था युवक, स्टेशन पर पकड़ा
आईएसबीटी-43 में सभी मजदूरों की स्क्रीनिंग के बाद बसों में बैठा कर रेलवे स्टेशन ले जाया गया। रेलवे स्टेशन पर भी एक बड़ी चूक पकड़ी गई। प्रशासन की बस में बैठकर एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन तक पहुंच गया। वहां तैनात अधिकारी ने जब उससे पूछताछ की तो पता चला कि टिकट तो उसके भाई का कटा था और वह भाई के साथ ही रवाना होना चाहता था। प्रशासन के अधिकारी ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले किया और उसे सेक्टर-43 की चौकी में ले गए। बाद में उसके भाई ने भी जाने से मना कर दिया।
प्रशासन ने दी चेतावनी, सिर्फ चंडीगढ़ के मजदूर ही पहुंचें आईएसबीटी-43
देर शाम चंडीगढ़ प्रशासन ने चेतावनी जारी कर चंडीगढ़ से चल रही ट्रेनों के लिए बाहर के राज्यों से आने वालों को कहा कि वह इसके लिए चंडीगढ़ में प्रवेश न करें। कहा गया कि चंडीगढ़ से चलने वाली श्रमिक एक्सप्रेस में केवल चंडीगढ़ में फंसे प्रवासी श्रमिक, तीर्थयात्री, पर्यटक, छात्र और अन्य व्यक्तियों को ही ले जाया जा रहा है। जिन्होंने जाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की हेल्पलाइन व वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया है और उनकी यात्रा की व्यवस्था स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से की जा रही है। चंडीगढ़ से बुधवार एक ट्रेन मणिपुर भी गई। इस ट्रेन में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर में फंसे मणिपुर के करीब 468 छात्रों को भेजा गया। पहले इन छात्रों का मेडिकल किया गया, फिर इन्हें सरहिंद सीमा में स्पेशल बसों से ले जाया गया।
बुधवार सुबह आईएसबीटी पर 3000 प्रवासी मजदूर पहुंच चुके थे। इनमें से कई मजदूर पंजाब, हरियाणा के अलग-अलग जिलों से भी पहुंचे थे। चंडीगढ़ प्रशासन सिर्फ चंडीगढ़ में फंसे प्रवासी मजदूरों को ही उनके घर भेज रहा है, ऐसे में बाकी मजदूरों को समझाना काफी मुश्किल हो गया। इस प्रक्रिया में काफी समय लग गया। हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।
- यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड