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Panchkula News: अधर में वाटर कूलर परियोजना, गर्मी में राहत की जगह बना यातायात में बाधा
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पंचकूला। नगर निगम ने शहर की गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई वाटर-कूलर परियोजना अधर में है। योजना के तहत जून 2024 में पंचकूला के विभिन्न बाजारों और सेक्टरों में आरओ वाटर कूलर लगाने का कार्य शुरू किया गया था, ताकि आमजन को ठंडा और शुद्ध पानी नाममात्र शुल्क पर मिल सके। लगभग एक साल बाद भी न तो वाटर कूलर को बिजली कनेक्शन मिल पाया और न ही यह परियोजना पूरी हो सकी।
नागरिकों का कहना है कि यह परियोजना अब बाजारों की सुंदरता बिगाड़ने और यातायात में बाधा का कारण बन गई है। इन ढांचों का न तो कोई उपयोग हो रहा है और न ही इन पर कोई निगरानी है। स्थिति यह है कि अब विभिन्न निजी संस्थाएं इन ढांचों का इस्तेमाल विज्ञापन लगाने के लिए करने लगी हैं। इससे सरकारी संपत्ति का गलत उपयोग हो रहा है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैयर, महासचिव सुनील जैन, सचिव केआर कोली, प्रेस सचिव तरसेम गर्ग सहित अन्य सदस्यों ने नगर निगम की आयुक्त सुश्री अपराजिता, महापौर कुलभूषण गोयल और अधीक्षण अभियंता से मांग की है कि या तो परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तुरंत पूरा किया जाए या फिर इन ढांचों को हटाया जाए ताकि यातायात में बाधा न हो और बाजारों की सुंदरता खराब न हो।
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संगठन का कहना है कि यदि नगर निगम इस परियोजना को पूरा करने में असमर्थ है तो इन ढांचों को हटाकर जनसुविधा और सरकारी राजस्व की हानि से बचा जाना चाहिए। नगर निगम पर यह भी आरोप है कि बिना किसी किराए का भुगतान किए सार्वजनिक भूमि पर ढांचे खड़े कर रखे हैं, जो कानूनन सही नहीं है।
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नागरिकों का कहना है कि यह परियोजना अब बाजारों की सुंदरता बिगाड़ने और यातायात में बाधा का कारण बन गई है। इन ढांचों का न तो कोई उपयोग हो रहा है और न ही इन पर कोई निगरानी है। स्थिति यह है कि अब विभिन्न निजी संस्थाएं इन ढांचों का इस्तेमाल विज्ञापन लगाने के लिए करने लगी हैं। इससे सरकारी संपत्ति का गलत उपयोग हो रहा है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैयर, महासचिव सुनील जैन, सचिव केआर कोली, प्रेस सचिव तरसेम गर्ग सहित अन्य सदस्यों ने नगर निगम की आयुक्त सुश्री अपराजिता, महापौर कुलभूषण गोयल और अधीक्षण अभियंता से मांग की है कि या तो परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ तुरंत पूरा किया जाए या फिर इन ढांचों को हटाया जाए ताकि यातायात में बाधा न हो और बाजारों की सुंदरता खराब न हो।
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संगठन का कहना है कि यदि नगर निगम इस परियोजना को पूरा करने में असमर्थ है तो इन ढांचों को हटाकर जनसुविधा और सरकारी राजस्व की हानि से बचा जाना चाहिए। नगर निगम पर यह भी आरोप है कि बिना किसी किराए का भुगतान किए सार्वजनिक भूमि पर ढांचे खड़े कर रखे हैं, जो कानूनन सही नहीं है।