फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Vini Mahajan and Dinkar Gupta become the most powerful couple

दिनकर गुप्ता और विनी महाजन बने सबसे पावरफुल दंपती, नाराज मंत्रियों के दबाव में झुके कैप्टन

Sat, 27 Jun 2020 11:05 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो हर्ष सलारिया, चंडीगढ़
हर्ष सलारिया, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 27 Jun 2020 11:05 AM IST
विज्ञापन
Vini Mahajan and Dinkar Gupta become the most powerful couple
दिनकर गुप्ता, विनी महाजन - फोटो : फाइल फोटो
आईएएस अधिकारी विनी महाजन के मुख्य सचिव का पद संभालने के साथ ही पंजाब के प्रशासकीय ढांचे ने एक नया इतिहास रच दिया है। विनी महाजन जहां सूबे की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की बागडोर संभालेंगी, वहीं उनके पति डीजीपी दिनकर गुप्ता राज्य की पूरी कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे हैं। यानी पंजाब को चलाने की जिम्मेदारी पहली बार एक दंपती को मिल गई है। संभवत: देश में यह पहली बार हुआ है। इन्हें राज्य का सबसे पावरफुल दंपती कहना गलत नहीं होगा।
विज्ञापन


डीजीपी दिनकर गुप्ता 1987 बैच के आईपीएस हैं। विनी महाजन भी 1987 बैच की ही आईएएस अफसर हैं। मुख्य सचिव के अधीन सूबे की प्रशासनिक व्यवस्था पर सरसरी नजर डाली जाए तो डीजीपी के पद पर नियुक्ति के लिए पैनल का निर्धारण और सिफारिश में भी मुख्य सचिव की अहम भूमिका होती है।
विज्ञापन


विवाद से भी है नाता
इस दंपती की पास एक उपलब्धि यह भी है कि दोनों केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों के लिए सूचीबद्ध हैं। विनी महाजन केंद्र सरकार के तहत सचिव पद के लिए सूचीबद्ध हैं जबकि दिनकर गुप्ता को हाल ही में केंद्र ने निदेशक अथवा संयुक्त निदेशक पदों के लिए सूचीबद्ध किया है। वहीं, दोनों में एक समानता यह भी है कि राज्य में दोनों को सीनियर अधिकारियों को अनदेखा कर अहम पदों पर नियुक्ति दी गई है। दिनकर गुप्ता को डीजीपी नियुक्त किए जाने का विरोध भी हुआ और इस पद के दावेदार सीनियर अधिकारी कैट में मामला ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब विनी महाजन की नियुक्ति भी 1984 बैच के केबीएस सिद्धू, सतीश चंद्रा समेत कई सीनियर अफसरों को नजरअंदाज करते हुए की गई है। सिविल सचिवालय के गलियारों में अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि सीनियर आईएएस अधिकारियों द्वारा विनी महाजन की नियुक्ति को भी चुनौती दी जा सकती है। नए मुख्य सचिव के रूप में विनी महाजन पद की प्रबल दावेदार इसलिए रहीं क्योंकि वे मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र अधिकारियों में सबसे अगली कतार की अधिकारी हैं।

नाराज मंत्रियों के दबाव के आगे झुके मुख्यमंत्री

आखिरकार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने नाराज मंत्रियों के दबाव में करण अवतार सिंह को मुख्य सचिव के पद से हटाना ही पड़ा। हालांकि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में करण अवतार सिंह से माफी मंगवा कर इस मामले को रफा-दफा कर दिया था और उस समय नाराज मंत्रियों ने भी कैप्टन के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

वहीं माना जा रहा है कि वित्त मंत्री मनप्रीत बादल समेत नाराज मंत्रियों और कुछ विधायकों की नवजोत सिंह सिद्धू से बढ़ती निकटता ने कैप्टन की चिंता बढ़ा दी है। मंत्रियों की एकजुट मांग के बावजूद करण अवतार सिंह का पद पर बने रहना नाराज मंत्रियों को इसलिए भी अखर गया क्योंकि इस तरह कैप्टन ने उनका कद अफसरों से भी छोटा कर दिया था। करण अवतार सिंह अगस्त माह में रिटायर होने वाले हैं।

दिनकर गुप्ता को केंद्र में भेजने की अटकलें तेज
विनी महाजन की मुख्य सचिव पर नियुक्ति के साथ ही उनके पति डीजीपी दिनकर गुप्ता को जल्द केंद्र सरकार की सेवा में भेजने की चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि दोनों उच्चाधिकारियों की समान उपस्थिति राज्य सरकार के लिए कई तरह की कठिनाइयां पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा ऐसे मामलों में आज तक उच्चाधिकारी पति-पत्नी को एक ही स्टेशन अलॉट नहीं किया गया है।

जाते-जाते 1100 किमी. सड़कों के नवीनीकरण

ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वपक्षीय विकास के उद्देश्य से सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाने के लिए करण अवतार सिंह ने शुक्रवार दोपहर मुख्य सचिव के तौर पर राज्य स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी (एसएलएससी) की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए 1100 किलोमीटर लंबी सड़कों के नवीनीकरण और 16 पुलों के निर्माण के लिए सहमति दे दी।

करण अवतार सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तीसरे चरण के अधीन सड़क सूची की चर्चा की। विभिन्न मुद्दों और चयन मापदंडों पर विचार-विमर्श के बाद, एसएलएससी ने लगभग 1100 किलोमीटर सड़क की लंबाई के नवीनीकरण को मंजूरी दी। इस प्रोजैक्ट को फंड शेयरिंग के आधार पर लागू किया जाएगा।

इसमें भारत सरकार का 60 प्रतिशत और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत हिस्सा होगा। प्रोजेक्ट की लागत लगभग 750 करोड़ रुपये होगी, जिसमें ज्यादातर सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर 5.5 मीटर की जाएगी। इसके अलावा लगभग 40 करोड़ की लागत से ग्रामीण सड़कों पर 16 पुलों का निर्माण करने का भी फैसला किया गया है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्टों (डीपीआर) तैयार करने के बाद जुलाई 2020 में प्रोजेक्ट भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमआरआरडी) को सौंपे जाने की संभावना है और कार्य अक्तूबर/नवंबर, 2020 में शुरू होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed