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Panchkula News: पंचकूला के सेक्टरों में डेंगू के कुल 15 मामले, एक दिन में 5<bha>;</bha> आंकड़ा 40 पहुंचा
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सूरजपुर में एक दिन में मिले 4 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर-अक्टूबर को पीक सीजन बताते हुए किया सतर्क
पिछले साल इसी अवधि में 35 केस थे, इस बार 40; डेंगू से अब तक जिले में एक भी मौत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को एक दिन में डेंगू के पांच नए पॉजिटिव केस मिले, जिनमें चार सूरजपुर पीएचसी क्षेत्र और एक अर्बन पंचकूला से सामने आया है। नए मामलों के साथ जिले में इस साल डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। अर्बन पंचकूला 15 मामलों के साथ जिले में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है, जबकि सूरजपुर में कुल 12 केस हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अर्बन पंचकूला में अब तक 15, सूरजपुर में 12, पिंजौर में छह, कालका में चार, रायपुररानी में एक, मोरनी में एक और पीएचसी ओल्ड पंचकूला में एक डेंगू केस सामने आया है।
पिछले साल से पांच केस ज्यादा
इस साल डेंगू के मामलों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में इसी अवधि तक जिले में डेंगू के 35 केस रिपोर्ट हुए थे, जबकि इस साल आंकड़ा 40 तक पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि डेंगू से अब तक जिले में एक भी मौत नहीं हुई है। मंगलवार को भी डेंगू से कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई।
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घरों में मिल रहा लारवा, विभाग ने बढ़ाई जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लोगों की लापरवाही के कारण मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है। घरों में कूलर, गमलों, फ्रिज की ट्रे और छतों पर रखे कबाड़ में पानी जमा होने से लारवा मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर लारवा की जांच कर रही हैं। कई घरों में बार-बार लारवा मिलने पर लोगों को जागरूक करने के साथ चालान भी किए जा रहे हैं।
मलेरिया की स्थिति नियंत्रण में
जिले में फिलहाल मलेरिया की स्थिति नियंत्रण में है। मंगलवार को मलेरिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इस साल अब तक मलेरिया के कुल 10 केस रिपोर्ट हुए हैं। इनमें ओल्ड पंचकूला के आठ, पिंजौर और अर्बन पंचकूला का एक-एक केस शामिल है। पिछले साल इसी अवधि तक मलेरिया के नौ केस थे।
सितंबर-अक्टूबर में विशेष सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. सोनू अरोड़ा ने बताया कि सितंबर-अक्टूबर डेंगू का पीक सीजन होता है। आमतौर पर 15 अक्टूबर के बाद तापमान में गिरावट आने पर डेंगू मच्छर का प्रकोप कम होने लगता है। तब तक लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने, घरों में पानी जमा करने वाले सभी बर्तनों को खाली कर सुखाने और बुखार होने पर खुद दवा न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करवानी चाहिए।
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पिछले साल इसी अवधि में 35 केस थे, इस बार 40
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को एक दिन में डेंगू के पांच नए पॉजिटिव केस मिले, जिनमें चार सूरजपुर पीएचसी क्षेत्र और एक अर्बन पंचकूला से सामने आया है। नए मामलों के साथ जिले में इस साल डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। अर्बन पंचकूला 15 मामलों के साथ जिले में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है, जबकि सूरजपुर में कुल 12 केस हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अर्बन पंचकूला में अब तक 15, सूरजपुर में 12, पिंजौर में छह, कालका में चार, रायपुररानी में एक, मोरनी में एक और पीएचसी ओल्ड पंचकूला में एक डेंगू केस सामने आया है।
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पिछले साल से पांच केस ज्यादा
इस साल डेंगू के मामलों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में इसी अवधि तक जिले में डेंगू के 35 केस रिपोर्ट हुए थे, जबकि इस साल आंकड़ा 40 तक पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि डेंगू से अब तक जिले में एक भी मौत नहीं हुई है। मंगलवार को भी डेंगू से कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई।
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घरों में मिल रहा लारवा, विभाग ने बढ़ाई जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लोगों की लापरवाही के कारण मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है। घरों में कूलर, गमलों, फ्रिज की ट्रे और छतों पर रखे कबाड़ में पानी जमा होने से लारवा मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर लारवा की जांच कर रही हैं। कई घरों में बार-बार लारवा मिलने पर लोगों को जागरूक करने के साथ चालान भी किए जा रहे हैं।
मलेरिया की स्थिति नियंत्रण में
जिले में फिलहाल मलेरिया की स्थिति नियंत्रण में है। मंगलवार को मलेरिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इस साल अब तक मलेरिया के कुल 10 केस रिपोर्ट हुए हैं। इनमें ओल्ड पंचकूला के आठ, पिंजौर और अर्बन पंचकूला का एक-एक केस शामिल है। पिछले साल इसी अवधि तक मलेरिया के नौ केस थे।
सितंबर-अक्टूबर में विशेष सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. सोनू अरोड़ा ने बताया कि सितंबर-अक्टूबर डेंगू का पीक सीजन होता है। आमतौर पर 15 अक्टूबर के बाद तापमान में गिरावट आने पर डेंगू मच्छर का प्रकोप कम होने लगता है। तब तक लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने, घरों में पानी जमा करने वाले सभी बर्तनों को खाली कर सुखाने और बुखार होने पर खुद दवा न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करवानी चाहिए।