{"_id":"6ab2e89f3b6068b56600d0ef","slug":"health-minister-reviews-prevention-and-control-measures-for-vector-borne-diseases-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-1130446-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: स्वास्थ्य मंत्री ने वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव कार्यों का लिया जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: स्वास्थ्य मंत्री ने वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव कार्यों का लिया जायजा
विज्ञापन
चंडीगढ़। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मंगलवार को डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य राज्य में वेक्टर-जनित और जल जनित बीमारियों की रोकथाम व बचाव कार्यों का जायजा लेना था। मंत्री ने बताया कि समय पर किए गए रोकथाम उपायों से पंजाब में इस साल अब तक डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
21 सितंबर तक 1,00,414 डेंगू नमूनों की जांच की गई जिनमें 451 पॉजिटिव मामले सामने आए। डॉ. बलबीर सिंह ने डेंगू जांच में अमृतसर और जालंधर की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने राज्य में सामने आए चिकनगुनिया के 16 मामलों की स्थिति का भी जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि अब प्राथमिकता डेंगू के लार्वा की सक्रिय रूप से पहचान कर उसे खत्म करना है। उन्होंने उपायुक्तों और स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश दिए। टीमों को फील्ड निगरानी और पहचाने गए डेंगू संवेदनशील क्षेत्रों के नियमित दौरे करने को कहा गया।
रोकथाम के लिए विशेष निर्देश :
डॉ. बलबीर सिंह ने आशा वर्करों और नर्सिंग विद्यार्थियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। स्थानीय अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार घरों के अंदर और बाहर फॉगिंग करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता पर सख्त नजर रखने के भी निर्देश दिए। पीने के पानी के स्रोतों की नियमित जांच और लीक हो रही पाइपलाइनों को तुरंत ठीक करने को कहा गया। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस, क्लोरीन की गोलियों और जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
21 सितंबर तक 1,00,414 डेंगू नमूनों की जांच की गई जिनमें 451 पॉजिटिव मामले सामने आए। डॉ. बलबीर सिंह ने डेंगू जांच में अमृतसर और जालंधर की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने राज्य में सामने आए चिकनगुनिया के 16 मामलों की स्थिति का भी जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि अब प्राथमिकता डेंगू के लार्वा की सक्रिय रूप से पहचान कर उसे खत्म करना है। उन्होंने उपायुक्तों और स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश दिए। टीमों को फील्ड निगरानी और पहचाने गए डेंगू संवेदनशील क्षेत्रों के नियमित दौरे करने को कहा गया।
विज्ञापन
रोकथाम के लिए विशेष निर्देश :
डॉ. बलबीर सिंह ने आशा वर्करों और नर्सिंग विद्यार्थियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। स्थानीय अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार घरों के अंदर और बाहर फॉगिंग करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता पर सख्त नजर रखने के भी निर्देश दिए। पीने के पानी के स्रोतों की नियमित जांच और लीक हो रही पाइपलाइनों को तुरंत ठीक करने को कहा गया। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस, क्लोरीन की गोलियों और जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन