{"_id":"6ab2e79c435612d15908650c","slug":"political-battle-over-drugs-intensifies-centre-targeted-in-punjab-over-the-bsf-issue-panchkula-news-c-16-1-knl1001-1130469-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: नशे पर सियासी जंग हुई तेज, पंजाब में बीएसएफ के बहाने केंद्र पर साधा निशाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: नशे पर सियासी जंग हुई तेज, पंजाब में बीएसएफ के बहाने केंद्र पर साधा निशाना
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब में नशे के मुद्दे पर सियासत अब तेज हो गई है। यह अब केवल राज्य सरकार की जवाबदेही तक सीमित नहीं रही। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अब बीएसएफ की निगरानी के बहाने केंद्र सरकार निशाना साध रही है। सीमा पार से नशे की तस्करी पर सियासी घमासान मचा हुआ है। दोनों दल इस पर केंद्र से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं। सीमा पर बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 15 से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किए जाने का मुद्दा भी उठाया जा रहा है।
आप के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पट्टी बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में है तो राज्य को ही नशे के लिए जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है। उन्होंने गुजरात और राजस्थान से पंजाब पहुंचने वाली कथित ड्रग सप्लाई तथा मुंद्रा पोर्ट का भी मुद्दा उठाया। आप मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी सीमा पार से तस्करी रोकने में केंद्र और बीएसएफ की भूमिका पर सवाल किए।
उधर, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य सरकार की जवाबदेही अपनी जगह है लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा बीएसएफ के जिम्मे होने के कारण केंद्र भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। सचिन पायलट ने भी पंजाब के छह जिलों को अति संवेदनशील ड्रग जोन बताए जाने का हवाला देते हुए केंद्र और पंजाब सरकार, दोनों से पूरी सप्लाई चेन पर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
विज्ञापन
उधर, कांग्रेसी सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का कहना है कि साल 2021 में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर तक बढ़ाया गया था इसलिए केंद्र को बताना चाहिए कि सीमा से नशे की सप्लाई रोकने के लिए और क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों से आने वाली संभावित सप्लाई पर केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय की जरूरत भी बताई। ब्यूरो
विज्ञापन
आप के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पट्टी बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में है तो राज्य को ही नशे के लिए जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है। उन्होंने गुजरात और राजस्थान से पंजाब पहुंचने वाली कथित ड्रग सप्लाई तथा मुंद्रा पोर्ट का भी मुद्दा उठाया। आप मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी सीमा पार से तस्करी रोकने में केंद्र और बीएसएफ की भूमिका पर सवाल किए।
विज्ञापन
उधर, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि राज्य सरकार की जवाबदेही अपनी जगह है लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा बीएसएफ के जिम्मे होने के कारण केंद्र भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। सचिन पायलट ने भी पंजाब के छह जिलों को अति संवेदनशील ड्रग जोन बताए जाने का हवाला देते हुए केंद्र और पंजाब सरकार, दोनों से पूरी सप्लाई चेन पर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
विज्ञापन
उधर, कांग्रेसी सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का कहना है कि साल 2021 में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर तक बढ़ाया गया था इसलिए केंद्र को बताना चाहिए कि सीमा से नशे की सप्लाई रोकने के लिए और क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों से आने वाली संभावित सप्लाई पर केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय की जरूरत भी बताई। ब्यूरो