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Panchkula News: 42 गांव में हजारों परिवार... एक ही सवाल-अमरावती का दूसरा पुल कब बनेगा

Tue, 28 Jul 2026 02:16 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:16 AM IST
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Thousands of families across 42 villages... just one question: when will the second bridge in Amravati be built?
ट्रैफिक के बढ़ते दबाव से रोज जाम में फंस रहे लोग, ट्राइडेंट हिल्स और डीएलएफ के निवासी भी परेशान
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छह किस्तों के अभियान के बाद भी समाधान का इंतजार

संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीमंदिर। पंचकूला-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अमरावती पुल अब केवल एक पुल नहीं, बल्कि 42 गांवों और हजारों परिवारों की जीवनरेखा बन चुका है। बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के बीच यह पुल रोजाना जाम का केंद्र बन रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के लोगों का एक ही सवाल है—अमरावती का दूसरा पुल आखिर कब बनेगा?
अमर उजाला ने इस मुद्दे को लेकर लगातार छह किस्तों में विशेष अभियान चलाकर लोगों की आवाज प्रमुखता से उठाई, लेकिन अभी तक दूसरे पुल के निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल धरातल पर दिखाई नहीं दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आबादी और वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, जबकि पुल और सड़क का ढांचा वर्षों पुराना है। ऐसे में दूसरा पुल अब सुविधा नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।
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अमरावती पुल बख्शीवाला, राऊवाला, हिमशिखा, ईशरनगर, पंगा माजरी, दमदमा, भोगपुर, गणेशपुर, भोरियां, चिक्कन, रायपुर समेत 42 गांवों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। इसी मार्ग से विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज पहुंचते हैं, कर्मचारी कार्यालयों तक जाते हैं और मरीज अस्पतालों तक पहुंचते हैं। जाम की स्थिति में कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
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समस्या केवल गांवों तक सीमित नहीं है। ट्राइडेंट हिल्स, डीएलएफ और आसपास की प्रमुख आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले हजारों लोग भी प्रतिदिन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते दूसरा पुल नहीं बनाया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने सरकार से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।

लोगों की राय

हर दिन जाम में समय बर्बाद होता है
रोजाना लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। दूसरा पुल बनने से 42 गांवों के हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
-प्यारेलाल, पूर्व सरपंच, रायपुर

बच्चों की सुरक्षा का भी मुद्दा
स्कूल बसें अक्सर जाम में फंस जाती हैं। यह केवल ट्रैफिक नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और समय का भी सवाल है।
-राकेश कुमार, ईशरनगर

विकास के अनुरूप बढ़े आधारभूत ढांचा
क्षेत्र की आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन पुल आज भी एक ही है। विकास के साथ आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी जरूरी है।
- राजेंद्र कुमार

दूसरा पुल बने तो घटेगा दबाव
ऑफिस आने-जाने के समय लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। दूसरा पुल बनने से हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।
-योगेंद्र ठाकुर, पूर्व सरपंच, सूरजपुर
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