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Panchkula News: तीन साल पुराने साइबर ठगी मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार
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मकान किराये पर दिलाने का झांसा देकर ठगे थे 14.13 लाख रुपये, आरोपी के खाते में आए थे 8.40 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब तीन साल पुराने साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर निवासी विक्रम सिंह भंडारी को दबोच लिया। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगे गए 14.13 लाख रुपये में से 8.40 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। अदालत ने आरोपी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में सेक्टर-21 निवासी एक व्यक्ति से मकान किराये पर दिलाने के नाम पर साइबर ठगी की गई थी। आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और ऑनलाइन बैंकिंग प्रक्रिया का झांसा देकर अलग-अलग खातों में 14 लाख 13 हजार 500 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
मामले में 12 मई 2023 को साइबर क्राइम थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले ही आयुष कुमार मिश्रा और पियूष कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा उनके खिलाफ अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है।
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बैंक खाते के जरिए पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 8 लाख 40 हजार 500 रुपये एचडीएफसी बैंक के जिस खाते में भेजे गए थे, वह भरतपुर निवासी विक्रम सिंह भंडारी के नाम पर था। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसके माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन किया गया। पुलिस अब रिमांड के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पूछताछ कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। करीब तीन साल पुराने साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर निवासी विक्रम सिंह भंडारी को दबोच लिया। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से ठगे गए 14.13 लाख रुपये में से 8.40 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। अदालत ने आरोपी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में सेक्टर-21 निवासी एक व्यक्ति से मकान किराये पर दिलाने के नाम पर साइबर ठगी की गई थी। आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और ऑनलाइन बैंकिंग प्रक्रिया का झांसा देकर अलग-अलग खातों में 14 लाख 13 हजार 500 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
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मामले में 12 मई 2023 को साइबर क्राइम थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले ही आयुष कुमार मिश्रा और पियूष कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा उनके खिलाफ अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है।
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बैंक खाते के जरिए पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 8 लाख 40 हजार 500 रुपये एचडीएफसी बैंक के जिस खाते में भेजे गए थे, वह भरतपुर निवासी विक्रम सिंह भंडारी के नाम पर था। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसके माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन किया गया। पुलिस अब रिमांड के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पूछताछ कर रही है।