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Panchkula News: छठ पूजा को लेकर बिहार से अमृतसर जाने वाले लोगों में काफी उत्साह
Fri, 24 Oct 2025 09:59 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Fri, 24 Oct 2025 09:59 PM IST
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अमृतसर। गुरुनगरी में छठ पूजा मनाने के लिए बिहार से आए हुए लोगों में काफी उत्साह है। 25 अक्तूबर को छठ पूजा का आगाज हो जाएगा। लोगों ने अपने घर में तैयारियां करनी शुरू कर दी है। इस दिन नहाए खाए की रस्म को अदा करके छठ पूजा आगाज करेंगे। 26 तथा 27 अक्तूबर की दोपहर तक लोग पूजा का सामान खरीदेंगे। वहीं काफी संख्या में लोग छठ पूजा के दौरान अमृतसर से अपने अपने गांवों में जाने की भी तैयारियां कर रहे है। ताकि वह अपने घरों में जाकर अपने के साथ छठ पूजा के त्योहार को सांझा कर सके।
अमृतसर में अधिकतर लोग रामबाग के क्षेत्र में छठ पूजा का सामान खरीदने के लिए आते हैं। जहां पर दुकानदारों ने छठ पूजा का सामान रखकर बेचना शुरू कर दिया है। इस बार छठ पूजा श्री दुर्ग्याणा तीर्थ, श्री राम तलाई , फोकल प्वाइंट तारा वाला पुल में होगी । सबसे ज्यादा भीड़ श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में होती है। जहां पर कमेटी द्वारा सभी तैयारियां पूरी की जाते हैं। इसके अलावा बिहार से संबंधित कई संगठन तीर्थ के बाहर लंगर भी लगते हैं। छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लेकर सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है। छठ पूजा की विशेष धार्मिक मान्यता है। इस कठिन व्रत को महिलाएं और पुरुष घर में खुशहाली और संतान की सलामती के लिए रखते हैं। इसे सूर्य षष्ठी, छठी और डाला छठ के नामों से भी जाना जाता है। छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैय्या की पूजा अर्चना करते हैं।
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अमृतसर में अधिकतर लोग रामबाग के क्षेत्र में छठ पूजा का सामान खरीदने के लिए आते हैं। जहां पर दुकानदारों ने छठ पूजा का सामान रखकर बेचना शुरू कर दिया है। इस बार छठ पूजा श्री दुर्ग्याणा तीर्थ, श्री राम तलाई , फोकल प्वाइंट तारा वाला पुल में होगी । सबसे ज्यादा भीड़ श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में होती है। जहां पर कमेटी द्वारा सभी तैयारियां पूरी की जाते हैं। इसके अलावा बिहार से संबंधित कई संगठन तीर्थ के बाहर लंगर भी लगते हैं। छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लेकर सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है। छठ पूजा की विशेष धार्मिक मान्यता है। इस कठिन व्रत को महिलाएं और पुरुष घर में खुशहाली और संतान की सलामती के लिए रखते हैं। इसे सूर्य षष्ठी, छठी और डाला छठ के नामों से भी जाना जाता है। छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैय्या की पूजा अर्चना करते हैं।
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