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निगम की बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, अब 21 को होगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 20 Jun 2017 01:30 AM IST
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नगर निगम की बैठक एक बार फिर स्थगित कर दी गई। नगर निगम के किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने की वजह से सोमवार को होने वाली बैठक 21 जून के लिए स्थगित कर दी गई। मीटिंग स्थगित होते ही अधिकतर पार्षदों ने विरोध दर्ज कराते हुए ज्वाइंट कमिश्नर की मौजूदगी में मीटिंग कराने की मांग की।
इसके बाद मेयर और कमिश्नर एक बार फिर आमने सामने हो गए हैं। हालांकि मीटिंग स्थगित होने को लेकर अलग अलग कयास लगाए जा रहे हैं। मेयर ने इसके पीछे राजनीति करने का आरोप लगाया तो कमिश्नर ने भी मेयर की ओर से की गई बातचीत के लहजे को गलत बताया है। पहले से ही विकास कार्यों में हो रही देरी से जूझ रहे शहरवासियों और पार्षदों को भी मीटिंग जल्द होने का इंतजार है।
सोमवार को सुबह 11 बजे से पहले मेयर सहित तमाम पार्षद भी रेड बिशप पहुंच गए। लेकिन अधिकारियों के न पहुंचने से आपसी चर्चा के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। मौजूद पार्षदों ने कहा कि करीब एक साल के बाद यह बैठक हो रही है और पिछली बैठक में भी अधिकारियों ने बहिष्कार कर दिया था। इस वजह से विकास कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं।
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मेयर ने बताया कि सुबह के वक्त मीटिंग से करीब एक घंटे पहले ज्वाइंट कमिश्नर ने सूचना दी कि कमिश्नर की तबियत ठीक नहीं होने की वजह से मीटिंग कैंसल कर दी जाए। लेकिन इसे मानने के लिए कोई भी सदस्य तैयार नहीं था और सभी ज्वाइंट कमिश्नर को बुलाने की मांग करने लगे। अधिकतर पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि मीटिंग कराई जाए। इसके बाद इसके बाद मेयर ने कमिश्नर से बात की। लेकिन किसी अधिकारी के न पहुंचने पर बैठक 21 जून के लिए स्थगित कर दी गई।
उपस्थिति के हस्ताक्षर पर भी बिफरे पार्षद
मेयर उपिंदर कौर अहलूवालिया ने जब मौजूद पार्षदों को अपने साइन करने को कहा तो पार्षद सीबी गोयल ने विरोध दर्ज कराया। इस बात को लेकर पार्षदों ने भी एक दूसरे को समझाया कि बैठक न होने पर मौजूद सदस्यों की उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है।
राजनीति हो रही है, विकास की चिंता नहीं : मेयर
नगर निगम की बैठक स्थगित होते ही मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मेयर ने सीधे तौर पर कहा कि राजनीति के तहत सुनियोजित तरीके से बैठक को स्थगित कराया गया है। अफसर नेताओं के साथ मिलकर राजनीति करने में जुटे हैं। उन्हें विकास की चिंता नहीं है। उधर, कमिश्नर ने भी मामले में मेयर के बर्ताव से खुद को आहत बताते हुए कहा कि मंगलवार को कर्मियों-अधिकारियों से बातचीत के बाद ही बैठक को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। कमिश्नर की तबीयत खराब होने की वजह से बैठक स्थगित की गई। लेकिन मेयर ने कहा कि दूसरे अधिकारी भी मीटिंग में शामिल हो सकते थे। बैठक से पहले कमिश्नर की सहमति के बाद ही बैठक को पोस्टपोन करने का फैसला लिया गया। मेयर ने बताया कि कमिश्नर नहीं आ सकते थे तो किसी दूसरे अधिकारी को अधिकृत करके बैठक में भेज सकते थे। बावजूद इसके उनकी गैर मौजूदगी में दूसरे अधिकारी भी नहीं पहुंचे, क्योंकि उन्हें अधिकृत नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक कैंसल करने का अधिकार भी कमिश्नर के पास नहीं है।
कमिश्नर ने लहजे पर जताई आपत्ति
नगर निगम के आयुक्त डॉ. शालीन ने बताया कि बैठक की तारीख सभी कर्मियों और अधिकारियों से बातचीत के बाद ही तय होगी। मेयर से हुई बातचीत पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा किमामले की शिकायत आला नेताओं से करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत खराब होने की वजह से मीटिंग स्थगित हुई है। मेयर उपिंदर कौर अहलूवालिया ने कहा कि मैंने कमिश्नर से ज्वाइंट कमिश्नर को मीटिंग में भेजने के लिए कहा। ऐसा नहीं होने पर मीटिंग स्थगित कर दी गई है। लेकिन इससे विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। एक साल से बैठक का पार्षदों को भी इंतजार था और स्थगन से सभी आहत हुए हैं।
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इसके बाद मेयर और कमिश्नर एक बार फिर आमने सामने हो गए हैं। हालांकि मीटिंग स्थगित होने को लेकर अलग अलग कयास लगाए जा रहे हैं। मेयर ने इसके पीछे राजनीति करने का आरोप लगाया तो कमिश्नर ने भी मेयर की ओर से की गई बातचीत के लहजे को गलत बताया है। पहले से ही विकास कार्यों में हो रही देरी से जूझ रहे शहरवासियों और पार्षदों को भी मीटिंग जल्द होने का इंतजार है।
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सोमवार को सुबह 11 बजे से पहले मेयर सहित तमाम पार्षद भी रेड बिशप पहुंच गए। लेकिन अधिकारियों के न पहुंचने से आपसी चर्चा के बाद इसे स्थगित कर दिया गया। मौजूद पार्षदों ने कहा कि करीब एक साल के बाद यह बैठक हो रही है और पिछली बैठक में भी अधिकारियों ने बहिष्कार कर दिया था। इस वजह से विकास कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं।
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मेयर ने बताया कि सुबह के वक्त मीटिंग से करीब एक घंटे पहले ज्वाइंट कमिश्नर ने सूचना दी कि कमिश्नर की तबियत ठीक नहीं होने की वजह से मीटिंग कैंसल कर दी जाए। लेकिन इसे मानने के लिए कोई भी सदस्य तैयार नहीं था और सभी ज्वाइंट कमिश्नर को बुलाने की मांग करने लगे। अधिकतर पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि मीटिंग कराई जाए। इसके बाद इसके बाद मेयर ने कमिश्नर से बात की। लेकिन किसी अधिकारी के न पहुंचने पर बैठक 21 जून के लिए स्थगित कर दी गई।
उपस्थिति के हस्ताक्षर पर भी बिफरे पार्षद
मेयर उपिंदर कौर अहलूवालिया ने जब मौजूद पार्षदों को अपने साइन करने को कहा तो पार्षद सीबी गोयल ने विरोध दर्ज कराया। इस बात को लेकर पार्षदों ने भी एक दूसरे को समझाया कि बैठक न होने पर मौजूद सदस्यों की उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है।
राजनीति हो रही है, विकास की चिंता नहीं : मेयर
नगर निगम की बैठक स्थगित होते ही मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मेयर ने सीधे तौर पर कहा कि राजनीति के तहत सुनियोजित तरीके से बैठक को स्थगित कराया गया है। अफसर नेताओं के साथ मिलकर राजनीति करने में जुटे हैं। उन्हें विकास की चिंता नहीं है। उधर, कमिश्नर ने भी मामले में मेयर के बर्ताव से खुद को आहत बताते हुए कहा कि मंगलवार को कर्मियों-अधिकारियों से बातचीत के बाद ही बैठक को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। कमिश्नर की तबीयत खराब होने की वजह से बैठक स्थगित की गई। लेकिन मेयर ने कहा कि दूसरे अधिकारी भी मीटिंग में शामिल हो सकते थे। बैठक से पहले कमिश्नर की सहमति के बाद ही बैठक को पोस्टपोन करने का फैसला लिया गया। मेयर ने बताया कि कमिश्नर नहीं आ सकते थे तो किसी दूसरे अधिकारी को अधिकृत करके बैठक में भेज सकते थे। बावजूद इसके उनकी गैर मौजूदगी में दूसरे अधिकारी भी नहीं पहुंचे, क्योंकि उन्हें अधिकृत नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक कैंसल करने का अधिकार भी कमिश्नर के पास नहीं है।
कमिश्नर ने लहजे पर जताई आपत्ति
नगर निगम के आयुक्त डॉ. शालीन ने बताया कि बैठक की तारीख सभी कर्मियों और अधिकारियों से बातचीत के बाद ही तय होगी। मेयर से हुई बातचीत पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा किमामले की शिकायत आला नेताओं से करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत खराब होने की वजह से मीटिंग स्थगित हुई है। मेयर उपिंदर कौर अहलूवालिया ने कहा कि मैंने कमिश्नर से ज्वाइंट कमिश्नर को मीटिंग में भेजने के लिए कहा। ऐसा नहीं होने पर मीटिंग स्थगित कर दी गई है। लेकिन इससे विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। एक साल से बैठक का पार्षदों को भी इंतजार था और स्थगन से सभी आहत हुए हैं।