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आवारा कुत्ते हो रहे आक्रामक, कैसे होगा शहर इनसे मुक्त
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पंचकूला। विधानसभा स्पीकर एवं पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के सात सरोकारों में शामिल आवारा कुत्तों से मुक्त शहर भी लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। शहरवासियों को इन कुत्तों के साथ ही रहना होगा। शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए कुत्तों की सर्जरी की जा रही है। हर रोज 8 से 10 कुत्तों की सर्जरी की जा रही है। शहर में आवारा कुत्तों की बहुत बड़ी समस्या है। कुछ दिनों में ही कुत्ते कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
शहर के सेक्टर-20 और 25 में तो आवारा कुत्तों की परेशानी और भी ज्यादा है। इसी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इस समस्या को अपने सात सरोकारों में शामिल किया था। कई लोगों को काट चुके आवारा कुत्ते शहर के सेक्टर-20 में सबसे ज्यादा आक्रामक हैं। दो माह में 20 से ज्यादा लोगों को काट चुके हैं। करीब एक महीने पहले चार कुत्तों ने रात को 12 बजे एक परिवार को उनकी गाड़ी से आधे घंटे तक नीचे नहीं उतरने दिया था। इसके अलावा सेक्टर-25 में भी कुत्तों ने आतंक मचाया हुआ है। छोटी-मोटी घटनाएं तो शहर के हर सेक्टर में होती ही रहती हैं।
अगस्त 2019 में 15500 कुत्ते थे जिले में
वर्ष 2019 की गणना के अनुसार जिले में कुत्तों की संख्या 15500 थी। तब से ही कुत्तों की सर्जरी का काम भी शुरू किया गया था। इसका ठेका बेजुबां नाम की संस्था को दिया गया है। संस्था की एक टीम शहर में घूमकर कुत्तों को पकड़ती है। इसके बाद उनकी सर्जरी की जाती है और उनको वापस वहीं छोड़ दिया जाता है। जिले में छह हजार कुत्तों की सर्जरी की जानी है। हर रोज केवल 8 से 10 कुत्तों की ही सर्जरी की जा रही है। अगर रफ्तार यही रही तो इस काम में भी 2 साल से ज्यादा का समय लग जाएगा।
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सुविधाओं की कमी के चलते दिन में केवल 8 से 10 कुत्तों की ही सर्जरी कर पा रहे हैं। नगर निगम द्वारा अब सुविधाओं में सुधार करवाया जा रहा है। हालत सुधरने के बाद सर्जरी में तेजी लाई जाएगी। - शौर्य गिल्हौत्रा, प्रेसिडेंट, बेजुबां संस्था
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार आवारा कुत्तों को हटाया नहीं जा सकता है। इसीलिए उनकी सर्जरी की जा रहा है, ताकि उनकी आक्रामकता कम हो सके। हमारा प्रयास है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। - अविनाश सिंगला, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम
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शहर के सेक्टर-20 और 25 में तो आवारा कुत्तों की परेशानी और भी ज्यादा है। इसी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इस समस्या को अपने सात सरोकारों में शामिल किया था। कई लोगों को काट चुके आवारा कुत्ते शहर के सेक्टर-20 में सबसे ज्यादा आक्रामक हैं। दो माह में 20 से ज्यादा लोगों को काट चुके हैं। करीब एक महीने पहले चार कुत्तों ने रात को 12 बजे एक परिवार को उनकी गाड़ी से आधे घंटे तक नीचे नहीं उतरने दिया था। इसके अलावा सेक्टर-25 में भी कुत्तों ने आतंक मचाया हुआ है। छोटी-मोटी घटनाएं तो शहर के हर सेक्टर में होती ही रहती हैं।
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अगस्त 2019 में 15500 कुत्ते थे जिले में
वर्ष 2019 की गणना के अनुसार जिले में कुत्तों की संख्या 15500 थी। तब से ही कुत्तों की सर्जरी का काम भी शुरू किया गया था। इसका ठेका बेजुबां नाम की संस्था को दिया गया है। संस्था की एक टीम शहर में घूमकर कुत्तों को पकड़ती है। इसके बाद उनकी सर्जरी की जाती है और उनको वापस वहीं छोड़ दिया जाता है। जिले में छह हजार कुत्तों की सर्जरी की जानी है। हर रोज केवल 8 से 10 कुत्तों की ही सर्जरी की जा रही है। अगर रफ्तार यही रही तो इस काम में भी 2 साल से ज्यादा का समय लग जाएगा।
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सुविधाओं की कमी के चलते दिन में केवल 8 से 10 कुत्तों की ही सर्जरी कर पा रहे हैं। नगर निगम द्वारा अब सुविधाओं में सुधार करवाया जा रहा है। हालत सुधरने के बाद सर्जरी में तेजी लाई जाएगी। - शौर्य गिल्हौत्रा, प्रेसिडेंट, बेजुबां संस्था
एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार आवारा कुत्तों को हटाया नहीं जा सकता है। इसीलिए उनकी सर्जरी की जा रहा है, ताकि उनकी आक्रामकता कम हो सके। हमारा प्रयास है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। - अविनाश सिंगला, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम