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हरियाणाः स्पीकर ने मुख्यमंत्री के सामने रखा विधायकों का दर्द, बोले- अफसर नहीं देते मान-सम्मान
Mon, 25 May 2020 12:02 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2020 12:02 PM IST
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सीएम मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के विधायकों को अफसरों से पूरा मान-सम्मान न मिलने का मामला सीएम मनोहर लाल के पास पहुंच गया है। अफसरशाही की कार्यप्रणाली से खफा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने सीएम मनोहर लाल से मुलाकात कर विधायकों की पीड़ा उनके समक्ष जाहिर की। 21 व 22 मई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान विधायकों की ओर से बताई गई समस्याओं से भी गुप्ता ने सीएम को अवगत कराया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल अफसरों के रवैये के खिलाफ सख्त नजर आए।
उन्होंने स्पीकर को आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान बनाए रखना कार्यपालिका की भी जिम्मेदारी है। सरकार इस बारे में जल्दी उचित कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को सभी जिम्मेदार अधिकारियों को मुख्य सचिव की ओर से निर्देश जारी कराने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जल्दी हरियाणा के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसपी और नगर निकायों के अधिकारियों को पत्र लिखने की तैयारी में हैं।
मुख्यमंत्री से स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की मुलाकात के दौरान डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने सीएम मनोहर लाल को बताया कि अधिकतर जन प्रतिनिधि प्रदेश सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों का व्यवहार चिंताजनक है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जो कदम उठाए गए हैं, उससे जनता में अच्छा संकेत गया है। अनाज और आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध करने व जरूरतमंदों के बैंक खाते में नकदी जमा करवाने से व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि विधायकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कार्रवाई करेंगे। याद रहे कि कोरोना के कारण लॉकडाउन में स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता विधायकों से मुलाकात नहीं कर पा रहे थे। इसलिए गुप्ता ने हलचल जानने और निकट भविष्य में बनाई जाने वाली संसदीय समितियों के गठन पर सुझाव लेने के लिए 21 और 22 मई को विधायकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की।
इसमें जहां विधायकों ने समितियों के गठन और कार्यप्रणाली को लेकर सुझाव दिए, वहीं उन्होंने कोरोना काल के अनुभवों को भी साझा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर काफी नाराजगी जताई। विधायकों का कहना था कि अधिकारी बताए हुए काम करना तो दूर उनके फोन तक नहीं उठाते। कई विधायकों ने तो ऐसा करने वाले अधिकारियों के नाम तक नोट करवाए हैं।
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उन्होंने स्पीकर को आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान बनाए रखना कार्यपालिका की भी जिम्मेदारी है। सरकार इस बारे में जल्दी उचित कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को सभी जिम्मेदार अधिकारियों को मुख्य सचिव की ओर से निर्देश जारी कराने के लिए कहा है। मुख्य सचिव जल्दी हरियाणा के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसपी और नगर निकायों के अधिकारियों को पत्र लिखने की तैयारी में हैं।
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मुख्यमंत्री से स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की मुलाकात के दौरान डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने सीएम मनोहर लाल को बताया कि अधिकतर जन प्रतिनिधि प्रदेश सरकार की कार्यशैली से संतुष्ट हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों का व्यवहार चिंताजनक है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जो कदम उठाए गए हैं, उससे जनता में अच्छा संकेत गया है। अनाज और आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध करने व जरूरतमंदों के बैंक खाते में नकदी जमा करवाने से व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि विधायकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कार्रवाई करेंगे। याद रहे कि कोरोना के कारण लॉकडाउन में स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता विधायकों से मुलाकात नहीं कर पा रहे थे। इसलिए गुप्ता ने हलचल जानने और निकट भविष्य में बनाई जाने वाली संसदीय समितियों के गठन पर सुझाव लेने के लिए 21 और 22 मई को विधायकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की।
इसमें जहां विधायकों ने समितियों के गठन और कार्यप्रणाली को लेकर सुझाव दिए, वहीं उन्होंने कोरोना काल के अनुभवों को भी साझा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के रवैये पर काफी नाराजगी जताई। विधायकों का कहना था कि अधिकारी बताए हुए काम करना तो दूर उनके फोन तक नहीं उठाते। कई विधायकों ने तो ऐसा करने वाले अधिकारियों के नाम तक नोट करवाए हैं।