कबूलनामा: कार्यालय में ही बैठ नागर और अश्वनी ने भरी थी खाली ओएमआर सीट, लाखों रुपये में हुई थी डील

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 24 Nov 2021 02:36 AM IST

सार

रिश्वत के पैसे को अश्वनी ने अपने दोस्तों के घर छिपा रखा था। रिमांड के दौरान अश्वनी के दोस्त पंचकूला सेक्टर 4 निवासी सतीश गर्ग के घर से 66 लाख रुपये और सतीश के ही बेटे आशीष के पास से 1 करोड़ 44 लाख रुपये बरामद कराए गए हैं।
अनिल नागर
अनिल नागर - फोटो : फाइल
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विस्तार

नौकरियों के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव एचसीएस अधिकारी अनिल नागर ने विजिलेंस के सामने अपने कबूलनामे में कई खुलासे किए हैं। एचसीएस प्री परीक्षा को लेकर खुद नागर ने ही अश्वनी शर्मा को रोल नंबर लाने की बात कही थी और प्रति उम्मीदवार 20 से 25 लाख रुपये में डील हुई थी। 
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आरोपियों की सेटिंग और पहुंच का अंदाजा इस बात पर भी लगाया जा सकता है कि नागर और अश्वनी शर्मा ने एचपीएससी के उप सचिव कार्यालय में बैठकर ही खाली ओएमआर सीटों में खुद ही गोले भरे थे। इनमें से 5 उम्मीदार पास भी हुए और इसके बदले नागर को 1 करोड़ 30 लाख रुपये मिले थे।


अदालत में पेश किए गए कबूलनामे के अनुसार, इसी प्रकार डेंटल सर्जन लिखित परीक्षा में 17 उम्मीदवारों की खाली ओएमआर को भरा था और इसमें से 13 उम्मीदवार पास हुए हैं। इसके बदले अश्वनी ने नागर को 2 करोड़ 8 लाख रुपये दिए थे। नागर ने बताया कि परीक्षा परिणाम से पहले एचपीएससी की स्कैनिंग कमेटी के साथ मिलकर अश्वनी शर्मा ने ही ओएमआर सीट स्कैन की थी। इस दौरान उन्होंने सेटिंग वाली ओएमआर सीट निकाल ली थी। 

लिस्ट में जिससे पैसे आ चुके टिक, नहीं आए तो पेंडिंग

नागर ने नौकरियों के इस खेल की पूरी लिस्ट बनाई थी। जिन अभ्यर्थियों से पैसे आ चुके हैं, उसके आगे टिक मार्क किया गया था, जबकि जिनसे पैसे नहीं आए हैं, उन पर पेंडिंग लिखा हुआ है। आरोपी नवीन और अश्वनी द्वारा भेजे गए रोल नंबरों और पैसे का पूरा हिसाब रखता था।  

आरोपी नवीन का कबूलनामा: 8 उम्मीदवार 20-20 लाख लेकर पास कराए
झज्जर जिले के गांव जमालपुर निवासी अश्वनी शर्मा और भिवानी के गांव कोंठ निवासी नवीन ने भी अपने कबूलनामे में कई अहम बातों का खुलासा किया है। नवीन ने माना है कि उसने डेंटल सर्जन की परीक्षा में 8 उम्मीदवारों से 20-20 लाख लेकर पास कराया है। एचसीएस प्री परीक्षा में अश्वनी और विजय बल्हारा से मिलकर 2 उम्मीदवारों को 20-20 लाख लेकर पास कराया है। इसके अलावा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में 40 स्टाफ नर्स, 4 वीएलडीए और 15 से 16 एएनएम को 10-10 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराई हैं। नवीन ने माना है कि अश्वनी एचएसएससी में अधिकारियों-कर्मचारियों से सेटिंग कर परीक्षा पास कराता था। वहीं, अश्वनी ने कबूल किया को पैसे के लेनदेन और ओएमआर सीटों को लेकर उसने सोनीपत में एक मकान किराए पर ले रखा था। 
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