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शाइनिंग स्टार : 50 बॉल्स क्रिकेट में चमका पंचकूला का युवराज
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पाइथियन गेम्स में दमदार प्रदर्शन, फाइनल तक पहुंचाने में निभाई अहम भूमिका; भविष्य को लेकर जताई बड़ी उम्मीदें
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित पाइथियन गेम्स के 50 बॉल्स अंडर-19 क्रिकेट फॉर्मेट में पंचकूला के युवा खिलाड़ी युवराज ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हरियाणा टीम को फाइनल तक पहुंचाने में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी अहम रही।
चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में हरियाणा टीम भले ही उपविजेता रही, लेकिन युवराज की ताबड़तोड़ पारी चर्चा का केंद्र बनी रही। उनके प्रदर्शन ने संकेत दे दिया है कि वे भविष्य में बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर सकते हैं।
युवराज ने बताया कि 50 बॉल्स क्रिकेट का फॉर्मेट तेज और रोमांचक है, जिसमें हर गेंद पर रन बनाने का दबाव रहता है। यही वजह है कि यह फॉर्मेट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
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उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच, परिवार और माता-पिता को दिया। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले युवराज ने सात साल की उम्र में खेलना शुरू किया था। युवराज का लक्ष्य भविष्य में देश के लिए खेलना और पंचकूला व हरियाणा का नाम रोशन करना है।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित पाइथियन गेम्स के 50 बॉल्स अंडर-19 क्रिकेट फॉर्मेट में पंचकूला के युवा खिलाड़ी युवराज ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हरियाणा टीम को फाइनल तक पहुंचाने में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी अहम रही।
चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में हरियाणा टीम भले ही उपविजेता रही, लेकिन युवराज की ताबड़तोड़ पारी चर्चा का केंद्र बनी रही। उनके प्रदर्शन ने संकेत दे दिया है कि वे भविष्य में बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर सकते हैं।
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युवराज ने बताया कि 50 बॉल्स क्रिकेट का फॉर्मेट तेज और रोमांचक है, जिसमें हर गेंद पर रन बनाने का दबाव रहता है। यही वजह है कि यह फॉर्मेट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
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उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच, परिवार और माता-पिता को दिया। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनून रखने वाले युवराज ने सात साल की उम्र में खेलना शुरू किया था। युवराज का लक्ष्य भविष्य में देश के लिए खेलना और पंचकूला व हरियाणा का नाम रोशन करना है।