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शौर्य दिवस... सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पिंजौर में वीर शहीदों की शहादत को किया नमन
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शौर्य दिवस पर सलामी देते जवान।
- फोटो : PKL OFFICE
पिंजौर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पिंजौर ग्रुप केंद्र में हर्षोल्लास से शौर्य दिवस मनाया गया। इस दौरान वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया गया और ग्रुप केंद्र के क्वार्टर गार्ड पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके शौर्य व बलिदान को याद किया गया।
उपमहानिरीक्षक सुनील थौर्पे ने शौर्य दिवस के महत्व से अवगत कराया। वहीं, ग्रुप केंद्र व 237 बटालियन के समस्त अधिकारियों व कर्मियों को शपथ दिलाई। इस मौके पर शौर्य दौड़, वॉलीबाल मैच, देश की आंतरिक सुरक्षा में केरिपुबल की भूमिका विषय पर निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताएं करवाई गईं। कार्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 4 अधिकारियों व कर्मियों को प्रमाण पत्र व एक कार्मिक को आंतरिक सुरक्षा पदक से अलंकृत किया गया।
वहीं, एक कर्मी को हवलदार के पद पर पदोन्नत किया गया। समारोह में कमांडेंट राम कृष्ण व कमांडेंट शैलेन्द्र यादव सहित ग्रुप केंद्र पिंजौर व 237 बटालियन के अधिकारी व जवान उपस्थित रहे।
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1965 में पाकिस्तानी सेना को खदेड़ा था
ग्रुप केंद के उपमहानिरीक्षक सुनील थौर्पे ने बताया कि 9 अप्रैल 1965 को गुजरात की सरदार व टाक पोस्ट पर तैनात द्वितीय बटालियन केरिपुबल की एक छोटी सी टुकड़ी ने पाकिस्तानी सेना के 3500 सैनिकों वाली एक ब्रिगेड स्तर के हमले को नाकाम कर उन्हें पीछे खदेड़ दिया था। इसमें पाकिस्तानी सेना के 34 सैनिक मारे गए व बल के 8 जवान भी शहीद हो गए। युद्ध के इतिहास में यह एक बेजोड़ साहस की अद्वितीय घटना थी, जिसमें एक अर्द्धसैनिक पुलिस बल की छोटी सी टुकड़ी ने शस्त्रों से लैस दुश्मन की पूरी ब्रिगेड को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। इसलिए 9 अप्रैल शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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उपमहानिरीक्षक सुनील थौर्पे ने शौर्य दिवस के महत्व से अवगत कराया। वहीं, ग्रुप केंद्र व 237 बटालियन के समस्त अधिकारियों व कर्मियों को शपथ दिलाई। इस मौके पर शौर्य दौड़, वॉलीबाल मैच, देश की आंतरिक सुरक्षा में केरिपुबल की भूमिका विषय पर निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताएं करवाई गईं। कार्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 4 अधिकारियों व कर्मियों को प्रमाण पत्र व एक कार्मिक को आंतरिक सुरक्षा पदक से अलंकृत किया गया।
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वहीं, एक कर्मी को हवलदार के पद पर पदोन्नत किया गया। समारोह में कमांडेंट राम कृष्ण व कमांडेंट शैलेन्द्र यादव सहित ग्रुप केंद्र पिंजौर व 237 बटालियन के अधिकारी व जवान उपस्थित रहे।
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1965 में पाकिस्तानी सेना को खदेड़ा था
ग्रुप केंद के उपमहानिरीक्षक सुनील थौर्पे ने बताया कि 9 अप्रैल 1965 को गुजरात की सरदार व टाक पोस्ट पर तैनात द्वितीय बटालियन केरिपुबल की एक छोटी सी टुकड़ी ने पाकिस्तानी सेना के 3500 सैनिकों वाली एक ब्रिगेड स्तर के हमले को नाकाम कर उन्हें पीछे खदेड़ दिया था। इसमें पाकिस्तानी सेना के 34 सैनिक मारे गए व बल के 8 जवान भी शहीद हो गए। युद्ध के इतिहास में यह एक बेजोड़ साहस की अद्वितीय घटना थी, जिसमें एक अर्द्धसैनिक पुलिस बल की छोटी सी टुकड़ी ने शस्त्रों से लैस दुश्मन की पूरी ब्रिगेड को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। इसलिए 9 अप्रैल शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।