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Panchkula News: देश के नामी कलाकार दे रहे मूर्तिशिल्प व पॉटरी की ट्रेनिंग
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पंचकूला। वसंत उत्सव के अवसर पर सेक्टर-5 स्थित यवनिका गार्डन में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा की ओर से पहली बार तीन दिवसीय क्ले मॉडलिंग और पॉटरी का निशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग के मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर में कला विद्यार्थियों और कला-प्रेमियों को मूर्तिशिल्प और पॉटरी की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
शिविर में प्रतिभागियों को आवश्यक सामग्री विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। कैथल के बलजीत ने सीमेंट, लकड़ी, पत्थर और धातु में मूर्तियां बनाने की तकनीक सिखाई, करनाल के नंद किशोर ने आधुनिक मूर्तिशिल्प विधियों से परिचित कराया और झज्जर के पुष्कर ने सिरेमिक व टेराकोटा मूर्तियों के निर्माण की विधि बताई। पॉटरी प्रशिक्षण के लिए नूंह के कन्हैया ने प्रतिभागियों को पारंपरिक तकनीक सिखाई।
84 कला विद्यार्थी निखार रहे प्रतिभा
इस शिविर में 84 प्रतिभागी नई तकनीक सीखते हुए अपनी कला को निखार रहे हैं। कलाकारों और सहयोगियों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने रेप्लिका और लघु मूर्तियां तैयार कीं, जिन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में वितरित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर लुप्त होती मूर्तिशिल्प कला को नई ऊर्जा देने के साथ हरियाणा की समृद्ध कला-संस्कृति को जीवित बनाए रखने में मदद करते हैं।
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शिविर में प्रतिभागियों को आवश्यक सामग्री विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। कैथल के बलजीत ने सीमेंट, लकड़ी, पत्थर और धातु में मूर्तियां बनाने की तकनीक सिखाई, करनाल के नंद किशोर ने आधुनिक मूर्तिशिल्प विधियों से परिचित कराया और झज्जर के पुष्कर ने सिरेमिक व टेराकोटा मूर्तियों के निर्माण की विधि बताई। पॉटरी प्रशिक्षण के लिए नूंह के कन्हैया ने प्रतिभागियों को पारंपरिक तकनीक सिखाई।
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84 कला विद्यार्थी निखार रहे प्रतिभा
इस शिविर में 84 प्रतिभागी नई तकनीक सीखते हुए अपनी कला को निखार रहे हैं। कलाकारों और सहयोगियों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने रेप्लिका और लघु मूर्तियां तैयार कीं, जिन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में वितरित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर लुप्त होती मूर्तिशिल्प कला को नई ऊर्जा देने के साथ हरियाणा की समृद्ध कला-संस्कृति को जीवित बनाए रखने में मदद करते हैं।
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