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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी: लिव इन रिलेशनशिप सामाजिक और नैतिक तौर पर स्वीकार नहीं

Wed, 19 May 2021 01:59 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 19 May 2021 01:59 AM IST
सार

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि याचिकाकर्ता अपने रिश्ते पर हाईकोर्ट की मोहर लगवाना चाहता है। जबकि लिव इन रिलेशनशिप को समाज में न ही सामाजिक और न ही नैतिक तौर पर स्वीकार्यता प्रदान की जाती है।

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Punjab and Haryana high court says Society is not accepted to live in relationship as socially and morally
सहमति संबंध - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

सहमति संबंध (लिव इन रिलेशनशिप) में रह रहे प्रेमी जोड़े की सुरक्षा याचिका को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह रिश्ता सामाजिक और नैतिक तौर पर स्वीकार्य नहीं है। तरनतारन निवासी युवक और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की निवासी युवती ने बताया कि वे बालिग हैं और विवाह की उम्र हो चुकी है। 

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हमारे अभिभावक नहीं चाहते कि दोनों विवाह करें। इसलिए युवती के उम्र से जुड़े प्रमाण पत्रों को उसके अभिभावकों ने अपने पास रख लिया है। प्रेमी जोड़े ने कहा कि वह विवाह करना चाहते हैं लेकिन इन दस्तावेजों के अभाव में विवाह नहीं कर पा रहे हैं। जैसे ही सभी दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे या फिर विवाह को वैध साबित करने की स्थिति आती है तो वे तुरंत विवाह कर लेंगे। जब तक उनका विवाह नहीं हो जाता तब तक उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
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हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि सहमति संबंध एक ऐसा संबंध है जिसे समाज में न तो नैतिक और न ही सामाजिक तौर पर स्वीकार्यता दी जाती है। इस याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता अपने रिश्ते पर हाईकोर्ट की मोहर लगवाना चाहते हैं। 
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इस प्रकार के रिश्ते पर मोहर लगाकर हाईकोर्ट दोनों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकता। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। हैरत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में सहमति संबंधों में प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा मुहैया करवाने को सही ठहरा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में यह कहा है कि जब भारत सरकार सहमति संबंध को मंजूरी दे चुकी है और घरेलू हिंसा अधिनियम भी सहमति संबंध में लागू होता है तो इस तरह के मामलों में सुरक्षा देने में कोई बुराई नहीं है।

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